ग्वालियर में पंजाब नेशनल बैंक के ड्रॉप बॉक्स से चेक चोरी कर उसको कैश कराने वाले तक पुलिस पहुंच गई है। पुलिस ने पंजाब के अमृतसर से एक युवक को पकड़ा है। उसने अकाउंट-पे चेक को कैश कराया था। चेक कैश कराते समय उसने गलती से अपना आधार कार्ड बैंक में लगा दिया था। जिस पर पुलिस उसे ट्रेस करते हुए अमृतसर पहुंच गई। लेकिन, ड्रॉप बॉक्स से चेक चोरी किसने किया था। चेक में कांट छांट किसने की थी यह खुलासा नहीं हो सका है। पकड़े गए आरोपी ने बताया है कि यह चेक उसे उसके दोस्त सुनील निवासी जम्मू ने दिया था। हम काम के सिलसिले में ग्वालियर आए थे। अब पुलिस सुनील की तलाश कर रही है। उसके हाथ लगते ही साफ हो सकेगा कि ड्रॉप बॉक्स से चेक कितने गायब किया। ऐसे समझिए पूरा मामला घटना नवंबर 2025 को हुई थी। ग्वालियर में नंदीगेट सरस्वती शिशु मंदिर की प्रिंसिपल कल्पना सिकरवार ने क्राइम ब्रांच ग्वालियर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि 18 नवंबर 2025 को उनके स्कूल के प्यून गिरीश शंकर पारले द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा का एक लाख रुपए का अकाउंट पे चेक पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच अचलेश्वर ग्वालियर के चेक ड्रॉप बॉक्स में जमा कराया था। अगले दिन मतलब 19 नवंबर 2025 को उक्त चेक के माध्यम से बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा जिन्सी नाला ग्वालियर से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक लाख रुपए कैश निकाले गए हैं, जबकि चेक अकाउंट-पे था एवं उससे नकद भुगतान संभव नहीं था। किसी के द्वारा चेक को पीएनबी ब्रांच अचलेश्वर के ड्रॉप बॉक्स से चोरी कर और उसमें छेड़छाड़ कर उसे सामान्य चेक साबित कर भुगतान लिया है। जिस पर मामला दर्ज कर मामले की जांच की गई थी। आधार कार्ड से हुई पहचान, पंजाब से पकड़ा एक आरोपी इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद डीएसपी अपराध नागेन्द्र सिंह सिकरवार व डीएसपी अपराध मनीष यादव के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच अमित शर्मा की टीम ने जांच शुरू की। सबसे पहले टीम बैंक ऑफ बडौदा ब्रांच जिंसी नाला पहुंची। यहां पड़ताल की तो पता लगा कि 50 हजार से ऊपर की राशि चेक से कैश निकालने पर आधार कार्ड नंबर जमा करना होता है। यहां बैंक कर्मचारी के आधार मांगने पर कैश निकालने वाले ने अपना ऑरिजन आधार कार्ड की डिटेल दे दी थी। जब पुलिस ने बैंक में पता किया कि इसमें किसी का आधार दिया गया था। बैंक से आधार नंबर की डिटेल मिली और उसकी पड़ताल की तो वह देश के पंजाब राज्य के अमृतसर के साहिब जादा फतेह सिंह नगर गेट हकीमा निवासी 44 वर्षीय रजनीश पुत्र जवाहरलाल चौहान के रूप में हुई। बुधवार को पुलिस ने अमृतसर में रजनीश को हिरासत में लिया है। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने अपराध करना स्वीकार किया, जिस पर से पुलिस टीम द्वारा उक्त आरोपी को पुलिस हिरासत में लेकर ग्वालियर आ गई है। जम्मू का दोस्त है मास्टर माइंड जब पुलिस ने रजनीश से पूछताछ की तो पता लगा कि वह तो चेक लेकर गया था और कैश निकालकर लाया था। पूरे कांड का असल मास्टर माइंड उसका दोस्त जम्मू-कश्मीर निवासी सुनील कुमार है। सुनील और उसकी दोस्त कोविड पीरियड के बाद एक मेला में हुई थी। वहां दोनों ने दुकान लगाई थी। नवंबर 2025 में सुनील उसके पास और हम किसी काम की तलाश में ग्वालियर आए थे। यहां सुनील ने यह चेक मुझे दिया और कैश कराने के लिए कहा। अब पुलिस को सुनील की तलाश है। सुनील ने ही ड्रॉप बॉक्स से चेक निकाला और उसको अकाउंट पे चेक से सामान्य चेक बनाकर कैश कराने रजनीश को दिया था। अब पुलिस सुनील की तलाश में लगी है। क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा ने बताया पंजाब नेशनल बैंक के चेक ड्रॉप बॉक्स से अकाउंट पे चेक चोरी कर उसे सामान्य चेक में बदलकर कैश कराने वाले एक आरोपी को पकड़ लिया है। उसके साथी की तलाश की जा रही है।


