40 दिनों की जंग का दर्दनाक चेहरा: 168 मासूमों बच्चों ने चुकाई जंग की कीमत, अब तक 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

40 दिनों की जंग का दर्दनाक चेहरा: 168 मासूमों बच्चों ने चुकाई जंग की कीमत, अब तक 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद अब दो हफ्तों का युद्धविराम हुआ है। इस जंग में 3,375 लोगों की जान गई है, जिनमें मिनाब के एक स्कूल में मारे गए 168 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। भारी तबाही के बीच पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता भी 21 घंटे की चर्चा के बाद बेनतीजा रही, जिससे संकट और गहरा गया है।

बमबारी में ईरान के 3,375 लोगों की मौत

ईरान की फोरेंसिक मेडिसिन संस्था के प्रमुख अब्बास मस्जेदी अरानी ने बताया कि युद्ध के दौरान 3,375 लोगों की मौत हुई है। इनमें 2875 पुरुष और 496 महिलाएं शामिल हैं जबकि नागरिक और सैनिकों का अलग ब्योरा नहीं दिया गया कई मामलों में शवों की पहचान कठिन रही क्योंकि फोरेंसिक टीमों को जांच में तकनीकी और परिस्थितिजन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ा और सरकार ने अब तक कोई आधिकारिक अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया है जिससे पारदर्शिता और सत्यापन को लेकर सवाल भी उठते रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा

स्कूलों पर बमबारी, 168 मासूमों की मौत

ईरान पर 40 दिनों तक चली अमेरिका-इजरायल की संयुक्त एयर स्ट्राइक के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अप्रैल को दो हफ्तों के अस्थायी युद्धविराम का ऐलान किया। 28 फरवरी से शुरू हुए इन हमलों में ईरान का शीर्ष नेतृत्व लगभग खत्म हो गया ईरान के स्कूल- विश्वविद्यालय और यूनेस्को लिस्ट में शामिल कई ऐतिहासिक स्थल बमबारी में तबाह हो गए। ईरान में मिनाब के एक प्राथमिक स्कूल पर हुई बमबारी में 168 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश बच्चियां शामिल थीं।

इस्लामाबाद वार्ता का नहीं निकला कोई हल

पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता पेशकश करते हुए ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ का आयोजन किया। इस वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया जबकि ईरान का नेतृत्व एमबी गालिबाफ ने संभाला लगभग 21 घंटे चली बातचीत के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकला और दोनों पक्ष अपने देश लौट गए अमेरिकी पक्ष ने कहा कि वार्ता असफल रही और इसका अधिक नुकसान ईरान को होगा जबकि ईरानी स्पीकर ने प्रक्रिया पर अविश्वास जताया गालिबाफ ने एक्स पोस्ट में ईरानी जनता और प्रतिनिधिमंडल का आभार जताया और आगे बातचीत जारी रखने की बात कही दूसरी ओर, गालिबाफ ने एक्स पोस्ट में कहा कि उन्हें पहले ही विरोधी पक्ष की नीयत पर भरोसा नहीं था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *