संसद में गूंजेगी चनौली के किसानों की पीड़ा:सपा प्रतिनिधिमंडल का ऐलान, काशी द्वारा योजना में जबरन भूमि अधिग्रहण

संसद में गूंजेगी चनौली के किसानों की पीड़ा:सपा प्रतिनिधिमंडल का ऐलान, काशी द्वारा योजना में जबरन भूमि अधिग्रहण

वाराणसी की महत्वाकांक्षी ‘काशी द्वार’ आवासीय योजना को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच तनातनी अब राजनीतिक रंग ले चुकी है। शनिवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पिंडरा तहसील के चनौली गाँव पहुँचा। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस दौरे में सांसदों और पूर्व मंत्रियों ने किसानों की आपबीती सुनी और 6 फरवरी को हुई पुलिसिया कार्रवाई पर रोष व्यक्त करते हुए आर-पार की लड़ाई का एलान किया। ​संसद से सड़क तक संघर्ष का शंखनाद
​प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार तानाशाही पर उतारू है, लेकिन हम किसानों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। न तो आपकी जमीन छीनी जाएगी और न ही आपका अपमान होने दिया जाएगा। काशी की धरती पर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मैंने हमेशा मोर्चा संभाला है और मोदी सरकार की गलत नीतियों की नाक में नकेल डालने का काम जारी रखूँगा।
​वहीं, मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि किसानों की उपजाऊ भूमि को विकास के नाम पर औने-पौने दाम पर लेना अन्याय है। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले और किसानों के साथ हुए दुर्व्यवहार के मुद्दे को संसद के प्रश्नकाल में उठाएंगी। कहा कि समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक किसानों के ढाल बनकर खड़ी है। ​6 फरवरी की घटना पर जताया आक्रोश
​पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल ने 6 फरवरी की घटना का जिक्र करते हुए प्रशासन को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण बैठक से पहले पुलिस ने जिस तरह किसानों के खाने-पीने की सामग्री को नष्ट किया और पूरे गांव को छावनी बनाकर ग्रामीणों को नजरबंद किया वह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि उपजाऊ भूमि को जबरन अधिग्रहित कर उसे ऊंचे दामों पर बेचना किसानों के साथ बड़ा विश्वासघात है। सपा के डेलीगेशन में महिला मंच की प्रदेश अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव कमलेश पटेल, पंधारी यादव, एसटी/एससी मंच के राष्ट्रीय प्रभारी विनोद भास्कर समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। नेताओं ने कहा कि वे इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट (DM) से मुलाकात करेंगे और दोषी पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे। ​आयोजित सभा के दौरान संतोष पटेल, फतेहनारायण पटेल, रामजी सिंह, राजेंद्र पटेल, सुषमा, राजकुमारी, सुशीला सहित किसानों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि किस तरह उन्हें उनके ही घरों में कैद कर दिया गया था। किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि वे अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *