‘ना बच्ची की शर्म की, ना यह सोचा कि भांजी है। सोचा नहीं था बेटी के साथ उसी का मामा ऐसी हरकत कर सकता है। घर आता था तो खिलाता था। दोपहर के समय घर आया तो बच्ची को लेकर चला गया। हमें चिंता हुई तो बच्ची की मां बोली-भाई ही तो ले गया है, आ जाएगा। शाम हो गई तो मैं घर से कूछ दूरी पर साले के कमरे पर गया। पूछा बेटी कहां है तो बोला शाम को छोड़ आया था। ऐसे दरिंदे को फांसी होनी चाहिए।’ यह दर्द है गाजियाबाद में एक पिता का, जिसने अपनी 4 साल की बेटी हमेशा के लिए खो दी। उसके साले ने बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी।
सबसे पहले पूरा घटनाक्रम जानिए…
हापुड़ के पिलखुआ क्षेत्र का एक परिवार करीब 25 साल से गाजियाबाद के टीलामोड़ इलाके में रह रहा है। बच्ची का पिता इंटरलॉकिंग टायल्स का काम करता है। उसकी 10 साल पहले मुजफ्फरनगर में शादी हुई थी। तीन संतान में 4 साल की बेटी के अलावा 2 बेटे हैं। बच्ची के पिता ने बताया कि 11 अप्रैल की दोपहर करीब 1 बजे मेरा साला घर पहुंचा। 4 साल बेटी को यह कहकर अपने घर ले गया कि बच्ची को खिलाकर छोड़ जाऊंगा। देर शाम तक बच्ची घर नहीं लौटी तो मैं कमरे पर पहुंचा। बच्ची उसके साथ नहीं थी। बच्ची के बारे में पूछा तो बताया कि उसे तो घर के बाहर छोड़ आया था। देर शाम तक जब बच्ची नहीं मिली तो थाने में शिकायत दर्ज कराई। 8 बजे बच्ची की लाश बीकानेर 80 फुटा रोड पर एक कार के नीचे मिली। साले ने हत्या के बाद बच्ची के शव को सड़क पर फेंक दिया। ताकि गाड़ियां रौंद दें। परिजन का आरोप है कि मामा ने रेप करने के बाद गला दबाकर मार डाला। आरोपी मामा फिलहाल फरार है।
2 बच्चों का बाप है…कुछ तो शर्म करता
बच्ची के पिता ने बिलखते हुए बताया कि मेरा साला 2 बच्चों का बाप है, उसकी पत्नी और बच्चे मुजफ्फरनगर में रहते हैं। रंगाई-पुताई का काम करने के साथ वह एक महीने में अपने घर आता-जाता रहता है। उसने अपनी भांजी के साथ ऐसी घिनौनी हरकत की। उसका मर्डर कर दिया… यह नहीं सोचा कि खुद 2 बच्चों का बाप है। बहन का घर क्यों बिगाड़ दिया। बच्ची के पिता का कहना है कि वह पहले कभी-कभी आता था, बच्ची को खिलाने के लिए कुछ देर के लिए ले जाता था। हमने कभी गलत तरह से नहीं समझा कि आखिर मामा ही तो है। लेकिन अब तो रिश्तों पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता। बच्ची का पिता बोला-एनकाउंटर नहीं, फांसी हो बच्ची के पिता ने कहा कि जो काम मेरे साले ने बच्ची के साथ किया है। ऐसा किसी भी बच्ची के साथ नहीं होना चाहिए। हमारी एक ही मांग है कि हत्या करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उसे फांसी की सजा हो। तभी हमें और पूरे परिवार को इंसाफ मिलेगा। जो अपनी भांजी का मर्डर कर सकता है वह कुछ भी कर सकता है। ऐसा जल्लाद जेल से बाहर नहीं आना चाहिए। एनकाउंटर की बात पर कहा कि मैं इस बारे में तो कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन उसे फांसी हो। हम कानून और प्रशासन के साथ हैं। कानून उसे एक दिन सजा दिलाकर रहेगा। डॉक्टरों की रिपोर्ट ओर पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगा कि बच्ची की हत्या कैसे की है। लेकिन हमें लगता है कि गलत काम के बाद बच्ची को मारा है।
गली में शादी का फायदा उठाया
बच्ची के पिता ने बताया कि 11 अप्रैल को हमारी गली में एक शादी थी। मैं भी उस शादी में लगा हुआ था। इसी बात का मेरे साले ने फायदा उठाया। दोपहर के समय बच्ची की मां आराम कर रही थी, इसी बीच साला आया और बच्ची को लेकर गया। हालांकि बच्ची की दादी और अन्य लोगों को पता था। उसके बाद शाम से हम बेचैन हुए। दादी बोली- उसे जान से मारना चाहिए बच्ची की दादी ने कहा कि ‘बच्ची का मामा साथ लेकर गया था। कई घंटे हमने सोचा कि वह छोड़ जाएगा। उसके बाद बहू ने कहा कि देखना कि बेटी नहीं आई। तब बेटा वहां गया। इस बीच वह कमरे का ताला लगाकर फरार हो गया। उसे जान से मारना चाहिए, तभी बच्ची को इंसाफ मिलेगा।’ बच्ची की मां ने कहा जीवन भर उसे घर में नहीं घुसने दूंगी।


