झाबुआ जिले में गेहूं पंजीयन की रफ्तार सुस्त:7 मार्च तक ही मिलेगा मौका; 18 केंद्रों पर प्रक्रिया जारी

झाबुआ जिले में गेहूं पंजीयन की रफ्तार सुस्त:7 मार्च तक ही मिलेगा मौका; 18 केंद्रों पर प्रक्रिया जारी

झाबुआ जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ पंजीयन की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। 7 फरवरी से शुरू हुई यह प्रक्रिया आगामी 7 मार्च 2026 तक चलेगी, लेकिन अब तक के आंकड़े पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम हैं। नहीं बढ़ेगी पंजीयन तारीख जिला आपूर्ति अधिकारी संजय पाटिल ने स्पष्ट किया है कि शासन द्वारा निर्धारित 7 मार्च की समय सीमा के बाद पंजीयन की तारीख में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर अपना पंजीयन कराएं, ताकि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके। 18 पंजीयन केंद्र स्थापित किसानों की सुविधा के लिए जिले के पांचों विकासखंडों में कुल 18 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें झाबुआ विकासखंड में झाबुआ और कल्याणपुरा; रामा विकासखंड में पारा, रजला और कालीदेवी; राणापुर में राणापुर संस्था; थांदला में विपणन सहकारी संस्था; और मेघनगर में नौगांवा एवं विपणन सहकारी संस्था शामिल हैं। पेटलावद विकासखंड में सर्वाधिक केंद्र हैं, जिनमें पेटलावद, सारंगी, करवड, बामनिया, रायपुरिया, झकनावदा, बोलासा, मठमठ और विपणन सहकारी संस्था मर्यादित पेटलावद शामिल हैं। पिछले वर्ष से 1791 कम वर्तमान पंजीयन आंकड़ों के अनुसार, जिले की स्थिति चिंताजनक है। पिछले उपार्जन वर्ष 2025-26 में कुल 5230 किसानों ने पंजीयन कराया था। इस वर्ष अब तक केवल 3439 किसानों ने ही पंजीयन में रुचि दिखाई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1791 कम है। पेटलावद और बामनिया जैसे प्रमुख केंद्रों पर भी पंजीयन संख्या में भारी गिरावट देखी गई है। उदाहरण के लिए, पेटलावद विपणन संस्था में पिछले वर्ष 821 पंजीयन हुए थे, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 557 किसान ही पंजीकृत हुए हैं। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से 7 मार्च से पहले संबंधित केंद्र पर जाकर पंजीयन कराने की अपील की है ताकि वे अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त कर सकें।

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