Bull Attacks 6 year old child viral video: ग्वालियर शहर में आवारा मवेशियों का आतंक अब बच्चों की जान पर भारी पड़ने लगा है। मुरार क्षेत्र के त्यागी नगर गली नंबर-2 में कोचिंग से घर लौट रहे 6 वर्षीय गोविंद लक्षकार पर एक आवारा सांड ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। सांड ने मासूम को अपने सींगों में उठाकर कई बार जमीन पर पटक दिया। कुछ ही सेकेंड में हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
यह घटना 9 फरवरी शाम की है, जिसका वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। गोविंद अपनी बहन नंदनी लक्षकार के साथ रोज की तरह कोचिंग से लौट रहा था। अचानक सामने से आए सांड ने उस पर हमला कर दिया। बहन ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया और आसपास के लोगों को बुलाया, तब कहीं जाकर सांड को भगाया जा सका। कुछ पल की देरी होती तो हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। (MP News)
पीआईसीयू में भर्ती, सिर में 25 टांके
गंभीर रूप से घायल गोविंद को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां बाल एवं शिशु रोग विभाग के पीआईसीयू में भर्ती किया गया। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे के सिर में 25 टांके आए हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन परिवार अब भी सदमे में है।
रोज लगता है मवेशियों का जमावड़ा
गोविंद की मां प्रीति लक्षकार ने बताया कि सिंघपुर रोड पर आए दिन आवारा मवेशियों का झुंड लगा रहता है। कई बार शिकायत के बावजूद नगर निगम ने न तो मवेशियों को पकड़ने की ठोस कार्रवाई की और न ही सड़क को सुरक्षित बनाया।
हादसों के बाद भी नहीं चेता निगम
शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन निगम की कार्रवाई कागजों तक सीमित है। नियमित अभियान नहीं चलाए जा रहे, केवल सूचना मिलने पर खानापूर्ति की जा रही है। निगम के पास आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए सिर्फ दो ट्रैक्टर-टॉली, दो एंबुलेंस और 21 कर्मचारी हैं।
पांच साल में 10 की जान गई, 300 से ज्यादा घायल
आवारा मवेशी अब जानलेवा खतरा बन चुके हैं। आंकड़े डराने वाले हैं। बीते पांच साल में 10 लोगों की मौत और 300 से अधिक घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम कोई सख्त और स्थायी योजना लागू नहीं कर पा रहा है। शहर में आवारा मवेशियों की संख्या 25 हजार से अधिक बताई जा रही है। मुरार, एबी रोड, मुरार–कुम्हरपुरा, लक्कड़ख़ाना पुल, राजमाता चौराहा, हजीरा, राम मंदिर चौराहा, किला गेट सहित मुख्य सड़कों, कॉलोनियों और मोहल्लों में मवेशियों का जमावड़ा रोज़ की समस्या बन गया है।
आवारा मवेशियों के इन हादसों में गई जान
-मार्च 2021: बेलदार का पुरा निवासी गौतम जाटव की सांड की टक्कर से मौत।
-फरवरी 2021: गुड़ागुड़ी का नाका रोड पर गणेश चौरसिया की मौत।
-मई 2022: सागरताल निवासी बिल्लो यादव की इलाज के दौरान मौत।
-जून 2023: मुरार निवासी वृद्ध जय किशोर की मौत।
-फरवरी 2024: गोलपहाड़िया में मुंशी सिंह की सांड के हमले में मौत। (MP News)


