बेंगलूरु
डॉ मुनि पुलकित कुमार ठाणा 2 का पदयात्रा करते हुए टीसी पाल्या, केआर पुरम, सीगेहल्ली, काडुगुड़ी, व्हाइटफील्ड, महादेवपुरा सीवी रमननगर, खगदासपुरा, बी नारायणपुरा आदि क्षेत्रों में आगमन हुआ। डोडणकुंडी में प्रवचन देते हुए मुनि ने कहा कि सभी श्रावकों के मन में देवगुरु और धर्म के प्रति अटूट आस्था रहनी चाहिए। प्रत्येक जैन श्रावक को प्रातः प्रभु प्रार्थना एवं रात्रि में शुभ आत्म चिंतन करना चाहिए। जब तक आप लोग आपस में नहीं मिलोगे तब तक समाज, संघ एवं संगठन मजबूत नहीं होगा। वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अब केआर पुरम तेरापंथ सभा का बनना आवश्यक हो गया है। मुनि आदित्य कुमार ने गीत से भाव व्यक्त किया।
तेरापंथ श्रावक समाज ने मुनि की प्रेरणा से जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा, के आर पुरम बनाने का प्रस्ताव पास किया। विनीत बैद, प्रकाशचंद सुखानी ,कमल बैद सुमित गोलछा ,अनुराग जैन ,लोकेश गोलछा आदि ने हस्ताक्षर करते हुए विनोद गोलेछा को संयोजक एवं अनिल पुगलिया को तेरापंथ सभा केआर पुरम के सहसंयोजक के रूप में नियुक्त किया।विवेक बरडिया ने बताया कि मुनि ने पिछले एक वर्ष में बेगलूरु में तेरापंथ श्रावक समाज को संगठित करते हुए यह पांचवीं तेरापंथ सभा का निर्माण करवाया है। तेरापंथ समाज केआर पुरम के संयोजक विनोद गोलछा ने मुनि के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए तेरापंथ भवन निर्माण का संकल्प व्यक्त किया एवं समाज जन से इस हेतु सहयोग की अपील की। सहसंयोजक अनिल पुगलिया ने कहा मुनि के श्रम से ईस्ट जोन क्षेत्र के लगभग 300 परिवार एक दूसरे को जानने लगे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही दक्षिण कर्नाटक आंचलिक तेरापंथ महासभा प्रभारी महेंद्र दक से संपर्क करके तेरापंथ महासभा से एफीलिएशन की प्रक्रिया को पूरा करवाया जाएगा। मुनि ने नवरात्रि के निमित्त मंत्र आराधना भी कार्रवाई।
कार्यक्रम में अनुराग जैन, योगेश बैद ,अनमोल पारख ,अंकित जैन, रौनक बरडिया, शिल्पा बच्छावत, देवेंद्र गोलछा, सारिका पुगलिया, पवन कुमार जैन ,संदीप बैद,अलका जैन, नितिन बांठिया, मेघा जैन ,रवि सेठिया ,निता सुखलेचा, मंजू सुखानी ,श्रेयांश बैद, विकास डूंगरवाल, देवचंद सौरभ हीरावत, विनीत बैद, नेहा हीरावत, निलेश सुराणा, सुधा कठौतिया ,हेमलता बैद आदि मौजूद थे।


