आगरा में रंगबाज राज चौहान का मर्डर फिल्म में दिखाए जाने वाले गैंगवार की तरह था। इलाके में अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर धमकी देने और अपने को बड़ा डॉन दिखाने के चलते मर्डर को अंजाम दिया गया। ट्रांस यमुना इलाके में नई उम्र के दो लड़के राज चौहान और अरबाज मंसूरी उर्फ शोएब, दोनों ही अपना दबदबा बनाना चाहते थे। इसलिए दोनों के रंजिश पैदा हो गई थी। इस रंजिश का अंजाम इतना भयानक था कि राज चौहान पर 5 हमलावरों ने कई राउंड फायर किए। सात गोली उसके शरीर में लगी। हत्या के लिए साजिश पहले से रच ली गई थी। मुख्य आरोपी अरबाज ने अपने परिवार को पहले से ही अंडरग्राउंड कर दिया था। हत्या में आलोक यादव गैंग की संलिप्तता भी पुलिस को मिली है। यमुना पार इलाके में आलोक यादव गैंग का दबदबा वर्षों से चला आ रहा था। आलोक के जेल जाने के बाद गैंग की कमान अरबाज खान उर्फ मंसूरी ने संभाल ली थी। राज चौहान के जेल जाने के साथ ही छह मार्च 2024 को ट्रांस यमुना थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे में अरबाज मंसूरी को भी जेल जाना पड़ा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार जेल में राज चौहान ने अरबाज की पिटाई कर दी थी। बीते वर्ष दो दिसंबर को जेल से रिहा होने पर राज चौहान ने दो सौ युवकों के साथ जुलूस निकालकर अपनी ताकत का अहसास कराया था। हत्या के सप्ताह भर पहले राज चौहान ने छत्ता क्षेत्र में यमुना किनारे मंसूरी की शह पर चल रहे जुआ के फड़ पर पहुंचकर लूटपाट की थी। लगातार मिल रही चुनौतियों से मंसूरी को लगने लगा था कि यमुना पार इलाके में उसका दबदबा कम हो रहा है, वहीं राज का वर्चस्व बढ़ रहा है। दबदबा कायम करने के लिए मंसूरी से हत्याकांड की वारदात से सप्ताह भर पहले इंस्टाग्राम पर राज चौहान की हत्या का एलान किया था। शाह नगर बंबा स्थित घर से परिवार को रिश्तेदारी में शिफ्ट कर दिया था। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर राज चौहान की हत्या की योजना बनाई। गैंग के सदस्य विजय कश्यप को राज चौहान की गैंग में शामिल कराया। विजय कश्यप से वाट्सएप पर सटीक सूचना मिलने के बाद 23 जनवरी की रात 10 बजे एसएन स्टे होम गेस्ट हाउस में पहुंचकर राज चौहान की सात गोलियों से भूनकर हत्या कर दी।
राज के नशे में होने पर पहुंचा गैंग, मंसूरी ने मारी पहली गोली
राज से दोस्ती के बाद विजय कश्यप ही उसे एसएन स्टे होम गेस्ट हाउस में ले गया था। यहां उसने राज चौहान को शराब पिलाई। जब वो नशे में हो गया तो उसका तमंचा भी निकाल लिया। पुलिस को पता चला है कि राज हमेशा अपने पास हथियार रखता था। नशे में होने पर योजना के तहत वाट्सएप पर आर्यन को मैसेज किया। मैसेज किया गया था आ जाओ सब क्लियर है। गेस्ट हाउस से ग्रीन सिग्नल मिलते ही अरबाज मंसूरी अपने साथी आशू तिवारी, चंदन नगर कालिंदी विहार निवासी विष्णु पंडित, बजरंग नगर कालिंदी विहार निवासी आकाश प्रजापति, कालिंदी विहार निवासी मोहित पंडित के साथ गेस्ट हाउस पहुंचा।
सबसे पहले अरबाज ने मारी गोली
गेस्ट हाउस में अचानक हमलावारों के पहुंचने पर राज और उसके साथी सकापका गए। राज ने देखा कि उसका तमंचा नहीं है। हमलावरों को देखते ही राज के साथी उसे अकेला छोड़कर भाग निकले। इसके बाद मंसूरी ने राज पर पहला फायर किया। राज बाहर की ओर भागा तो मंसूरी के साथियों ने राज के ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
हत्या की साजिश में आलोक यादव का भी हाथ
राज चौहान की हत्या की साजिश में हिस्ट्रीशीटर आलोक यादव का भी हाथ है। पुलिस के अनुसार वह लगातार अरबाज मंसूरी को उकसा रहा था। हत्या के मुकदमे में पुलिस आलोक यादव को भी 120बी साजिश रचने का मुल्जिम बनाएगी।
33 लोगों पर कसेगा शिकंजा
डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने यमुना पार के 33 बदमाशों को चिन्हित किया है। इन पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा। इसमें कुछ आदतन अपराधी भी है। पुलिस इनकी संपत्ति और मददगारों की भी जांच करेगी।


