छिंदवाड़ा में फरवरी माह की शुरुआत होते ही जिले में मौसम का मिज़ाज बदलता दिखाई दे रहा है। जनवरी के अंतिम दिनों में जहां दिन-रात के तापमान में ठंडक स्पष्ट रहती थी और न्यूनतम पारा दोपहर के तापमान से बहुत नीचे देखा जाता था, वहीं फरवरी के पहले हफ्ते में तापमान दोनों ही औसत मानों से ऊपर पहुंच रहा है। मौसम सर्वेक्षणों और मौसम आंकड़ों के आधार पर यह स्पष्ट है कि इस महीने का अधिकतम तापमान लगभग 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आस-पास दर्ज हो रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान रात में लगभग 14 डिग्री के आसपास रुक रहा है। इस वजह से दिन के समय धूप और गर्मी के प्रभाव से तापमान की अनुभूति अधिक महसूस की जा रही है। पिछले कुछ दिनों के मौसम की प्रवृत्ति पर नजर डालें तो जनवरी के आख़िर में सुबह-शाम में ठंडी हवाओं के साथ न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत कम था, जिससे सर्दी का प्रभाव महसूस होता था। लेकिन जैसे ही फरवरी शुरू हुआ, दिन-रात के तापमान में संतुलन तय हुआ और दिन के समय का तापमान बढ़ने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह सामान्य है क्योंकि फरवरी में छिंदवाड़ा का औसत उच्चतम तापमान लगभग 29 डिग्री तक पहुँचता है, जो जनवरी के मुकाबले कुछ अधिक है। हालांकि दिन में तापमान बढ़ा हुआ है, लेकिन सुबह-शाम के समय हवा में हल्की ठंडक बनी रहती है, और लोग खासकर सुबह के वक़्त गले में खराश या सर्दी-खांसी जैसी शिकायत महसूस कर रहे हैं। इस बदलाव के कारण मौसम में हल्का तापमान उतार-चढ़ाव होने से स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। चिकित्सकों का कहना है कि इस समय संक्रमणकारी बीमारियों जैसे गले की खराश, सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायतें आम हो सकती हैं, क्योंकि सुबह-शाम के समय गहन ठंड और दिन के समय तेज धूप दोनों एक साथ लोगों के शरीर को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे सामान्य वायरल संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी के इस समय मौसम अपेक्षाकृत सूखा और धूपदार बना रहता है, जिसमें बारिश की संभावनाएं बहुत कम हैं और सूर्य की किरणों की ताकत भी दिन में अधिक रहती है। ऐसे में धूप में लंबे समय तक रहना भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, तो धूप में निकलते समय आवश्यकतानुसार सनस्क्रीन, टोपी और पानी का उपयोग आवश्यक है।


