India–Bangladesh Relations: बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान सत्ता संभालते ही एक्शन में हैं। प्रधानमंत्री बनते ही भारत के साथ रिश्तों में सुधार की दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है। दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत के लिए वीजा सेवाएं बहाल कीं। करीब दो महीने से यह सेवाएं बंद थीं। अब भारतीयों को सभी कैटेगरी में वीजा मिलेगा। मेडिकल और पर्यटन वीजा सेवा भी शुरू हो चुकी है। रहमान ने यह कदम बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद उठाया गया।
हिंदुओं को किया आश्वस्त, सभी का है ये देश
इसके पहले तारिक ने राष्ट्र के नाम पहले संबोधन में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सख्ती का वादा किया है। रहमान ने कहा कि यह देश सभी का है। सरकार किसी भी भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगी। यहां हर नागरिक, हर अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, ईसाई किसी भी धर्म का हो। रहमान ने कहा, कानून का राज ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
गौरतलब है कि बीएनपी ने अपने घोषणा पत्र में बांग्लादेश को इंद्रधनुषी राष्ट्र कहकर संबोधित किया है। जिसका आशय है एक ऐसा बांग्लादेश जहां विचारों, रास्तों, धर्मों और पहचानों की विविधता एक साथ मौजूद हो। विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ, यह सुलह की भाषा है।
रहमान ने अल्पसंख्यकों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने का भी संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने चरमपंथी धार्मिक राजनीति के प्रभाव के बारे में चेतावनी भरे संदेश दिए हैं। अपने भाषण में वे 1971 के मुक्ति संग्राम का जिक्र करना भी नहीं भूले, एक ऐसा संग्राम जिसे कट्टरपंथी जमात ए इस्लामी खारिज करती आई है।
पहले हिंदू मंत्री ने दिया भरोसा
तारिक रहमान की कैबिनेट के इकलौते हिंदू मंत्री निताई रॉय चौधरी भी मुखर हैं। 77 वर्षीय चौधरी को संस्कृति मंत्रालय मिला है। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथ को फैलने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। भारत के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बहाल किए जाएंगे।


