थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थायीकरण को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया में आखिरकार बड़ा फैसला हो गया। जिला परिषद की जिला स्थापना समिति ने थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती वर्ष 2012, 2021, 2022 और 2023 के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों के 1210 प्रकरणों में से 1008 शिक्षकों के स्थायीकरण को मंजूरी दे दी गई, जबकि 282 प्रकरण दस्तावेजों की कमी व सेवा अवधि अधूरी होने और अन्य तकनीकी कारणों से अटक गए। वहीं एक दिव्यांग शिक्षिका रंजना चतुर्वेदी की दिव्यांगता जांच में 40 प्रतिशत से कम 30 प्रतिशत पाए जाने पर अंतिम सुनवाई के बाद बर्खास्त करने का सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए राजकीय सेवा से बाहर कर दिया। जबकि, दिव्यांग तीन शिक्षकों के अंतिम सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं होने और मेडिकल पर चले जाने के कारण उनका निर्णय अभी नहीं हुआ है, जिन्हें पुन: बुलाने का निर्णय लिया। ये निर्णय जिला कलक्टर एवं जिला प्रमुख (अतिरिक्त चार्ज) कमर चौधरी आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में लिए गए, जिसमें जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृदुल सिंह आईएएस सचिव व अतुल चतुर्वेदी जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक शिक्षा के रूप में मौजूद रहे। दिव्यांग शिक्षिका को सुनवाई के बाद किया बर्खास्त समिति ने राउप्रावि नगला करन सिंह की एक थर्ड ग्रेड शिक्षिका लेवल-1 रंजना चतुर्वेदी के खिलाफ 45 प्रतिशत कूटरचित दिव्यांगता सर्टिफिकेट से नियुक्ति संबंधी शिकायत की जांच के बाद सीएमएचओ के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में 30 प्रतिशत दिव्यांगता पाई गई। निदेशालय बीकानेर के मार्गदर्शन के बाद परीक्षण कराया गया और सुनवाई के बाद लो विजन विकलांगता प्रमाण पत्र 30 प्रतिशत पाए जाने पर सेवा से बर्खास्त किए जाने की अभिशंषा की। समिति ने व्यक्तिगत अंतिम सुनवाई के दौरान रंजना चतुर्वेदी का पक्ष सुना, जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि नियुक्ति के समय उनका दिव्यांगता प्रतिशत अधिक था, जो समय के साथ अब कम हो गया। समिति ने इस दलील को असंगत एवं तर्क विरुद्ध मानते हुए सर्वसम्मति से सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को अब तक प्राप्त वेतन-भत्तों की वसूली की कार्रवाई के निर्देश दिए। बाकी तीन शिक्षक लोकेश कुमार, रणजीत सिंह, बीकेश कुमार के समिति के समक्ष उपस्थित नहीं होने और उनके मेडिकल पर होने की सूचना के बाद 29 जनवरी को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाए जाने का निर्णय लिया। इन कारणों से अटके 282 प्रकरण आवश्यक दस्तावेज़ पूरे नहीं थे, कुछ शिक्षकों की नियत सेवा अवधि पूर्ण नहीं हुई, तो कुछ मामलों में तकनीकी आपत्तियां लंबित रहीं। जिनमें दिव्यांग के 74 व अवैतनिक के 208 प्रकरण शामिल हैं। वर्ष 2012 से 2023 तक की भर्ती की जांच के बाद निर्णय
थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती वर्ष 2012, 2021, 2022 और 2023 के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों के स्थायीकरण के प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) भरतपुर की ओर से समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए।


