एक मां की भूमिका में दिखीं महापौर:मंगल भवन में 11 जोड़ों का सामूहिक विवाह पैर छूकर आशीर्वाद दिया

एक मां की भूमिका में दिखीं महापौर:मंगल भवन में 11 जोड़ों का सामूहिक विवाह पैर छूकर आशीर्वाद दिया

रविवार को मंगल भवन में जो हुआ, वह सिर्फ एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सत्ता और संवेदना के मेल की एक दुर्लभ तस्वीर थी। पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित 11 जोड़ों के सामूहिक विवाह में महापौर प्रमिला पांडे एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि मां के रूप में नजर आईं। रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए इस आयोजन में जब 11 जोड़ों ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाकर सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाईं, तो माहौल खुशी और उम्मीद से भर गया। महापौर प्रमिला पांडे और उनके बेटे बंटी पांडे की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। कार्यक्रम के दौरान महापौर ने परंपरा तोड़ते हुए सभी नवविवाहित जोड़ों के पैर छुए और उन्हें आशीर्वाद स्वरूप उपहार दिए। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए आश्चर्य और सम्मान दोनों का विषय बना। वहीं जोड़ों ने भी महापौर का आशीर्वाद लेकर उन्हें धन्यवाद दिया। भावनाओं का सैलाब तब उमड़ पड़ा, जब महापौर मंच पर भावुक हो गईं और माइक पर एक पुराना गीत गुनगुनाने लगीं। 4 तस्वीरें देखिए… दो हंसों का जोड़ा बिछड़ गया रे..
गीत के बोलों में छिपी करुणा और स्नेह ने पूरे पंडाल को स्तब्ध कर दिया। कुछ पल के लिए राजनीति, पद और प्रोटोकॉल सब पीछे छूट गया और सामने सिर्फ एक संवेदनशील हृदय नजर आया। दैनिक भास्कर से बातचीत में महापौर ने कहा, आज मेरे 11 बच्चों का विवाह हुआ है। यह मेरा सपना था कि जरूरतमंद जोड़ों का विवाह पूरे सम्मान के साथ हो। आज वह सपना साकार हुआ। उन्होंने बताया कि, यह आयोजन पार्षदों, नगर निगम और उनके बेटे की सामूहिक सोच और प्रयास से संभव हो पाया। मंगल भवन में हुआ यह आयोजन सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बन गया। यह साबित हुआ कि जब जनप्रतिनिधि दिल से समाज के साथ खड़ा होता है, तो वह सिर्फ योजनाएं नहीं, बल्कि रिश्ते भी बनाता है। इस सामूहिक विवाह ने 11 घरों को बसाया और हजारों दिलों को छू लिया।

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