Mid Day Meal: महोबा मिड डे मील में बच्चों को दिए जाने वाले दूध का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक रसोइया पानी भरी बाल्टी में दूध मिला रही है। जिसका वीडियो भी बनाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, यह वीडियो शिक्षकों ने ही बनाया है। जिसको संज्ञान में लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षिका को निलंबित कर दिया है। लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि प्राथमिक विद्यालय में प्रति छात्र 6.78 रुपए और उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को 10.17 रुपए दिए जाते हैं। इतने कम पैसे में पौष्टिक आहार के साथ सप्ताह में 1 दिन 150 और 200 एमएल दूध कैसे दिया जाए? वायरल वीडियो पर अखिलेश यादव ने कहा है कि पहली बार पानी में दूध मिलाते हुए देख रहें हैं।

महोबा का वीडियो हो रहा वायरल
उत्तर प्रदेश के महोबा के प्राथमिक विद्यालय ढिकवाहा विकासखंड कबरई का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें रसोइया पानी की बाल्टी में दूध मिला रही है। जिसका वीडियो वायरल किया गया है। वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने अध्यापिका मोनिका सोनी को निलंबित कर दिया है। लेकिन वायरल वीडियो पर बहस शुरू हो गई है कि मिड डे मील के लिए मिलने वाली धनराशि से बच्चों को 150 और 200 ml दूध के साथ पौष्टिक आहार कैसे दिया जाए?
क्या कहते हैं बेसिक शिक्षा अधिकारी निलंबन नोटिस में?
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निलंबन नोटिस जारी करते हुए बताया है कि 200 एमएल दूध दिया जाना है और इसके लिए उन्होंने अमूल दूध देने का जिक्र किया है। जिसकी कीमत बहुत ज्यादा है। बाजार में 50 से 60 रुपए लीटर दूध बिक रहा है। इस हिसाब से डेढ़ सौ एमएल दूध 9 रुपए और 200 एमएल दूध की कीमत 12 रुपए हो गई। ऐसे में कहा जा सकता है कि दूध की धनराशि भी बच्चों को नहीं दी जा रही है। पौष्टिक भोजन का अलग से मेनू है।

बुधवार को दूध देने का टाइम टेबल
मेनू के अनुसार सप्ताह में एक दिन बुधवार को छात्रों को पौष्टिक आहार के साथ उबला हुआ गरम दूध देने की अनिवार्यता है। प्राथमिक विद्यालय के 100 छात्रों के लिए 15 लीटर और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 20 लीटर दूध की जरूरत बताई गई है। यानी प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को बच्चों को डेढ़ सौ एमएल और उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को 200 एमएल दूध दिया जाना है।
मौसमी सब्जी के साथ तहरी देने का मेनू
इसके साथ ही बुधवार को ही मौसमी सब्जी और सोयाबीन की बड़ी युक्त तहरी देना है। इसके लिए 10 किलो चावल, 5 किलो मौसमी सब्जी, 1 किलो सोयाबीन की बड़ी और 500 ग्राम तेल की खपत है, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 15 किलो चावल, 750 किलो सब्जी, डेढ़ किलो सोयाबीन की बड़ी और 750 ग्राम तेल का उपयोग किया जाना है।


