US-Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच अब मामला सीधे परमाणु मुद्दे पर आकर अटक गया है। ये बात इसलिए हो रही है, क्योंकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का बड़ा और तीखा बयान सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है।
जी हां, ट्रंप ने साफ कहा कि युद्ध न रुकने की सबसे बड़ी वजह ‘परमाणु’… और यही मुद्दा दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान इस समय दबाव में है और डील करने के लिए खुद आगे आ रहा है।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं है, बल्कि ईरान ही बातचीत के लिए गिड़गिड़ा रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या यह तनाव और बढ़ेगा या फिर परमाणु मुद्दे पर कोई समझौता हो पाएगा या फिर बात कुछ और है… लेकिन सच तो ये है कि मिडिल ईस्ट में हालात बेहद नाजुक हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या है कहना?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि मीडिया में जो खबरें चल रही हैं, वे गलत हैं। उनका कहना है कि वे खुद किसी डील के लिए आगे नहीं बढ़ रहे, बल्कि ईरान ही समझौता करने के लिए बार-बार कोशिश कर रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान सार्वजनिक रूप से भले ही बातचीत से इनकार कर रहा हो, लेकिन असल में वह स्थिति को समझता है और डील करना चाहता है। उन्होंने ईरान को स्मार्ट और अच्छे बातचीत करने वाला बताया, लेकिन लड़ाई में कमजोर कहा।
उन्होंने ईरान को लेकर आगे ये भी कहा कि वे अच्छे फाइटर नहीं हैं, लेकिन वे बेहतरीन नेगोशिएटर हैं। अगर उन्हें इन सब चीजों से बचना था तो ये चार हफ्ते पहले की कर लेना चाहिए था…या उन्हें यह तब कर लेना चाहिए था जब हम पहली बार ऑफिस (सरकार) में आए थे और कुछ नहीं करना था तो ये पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के अंडर में कर सकते थे, तब तो उन्हें पूरी आजादी थी…”
ईरान के विदेश मंत्री बयान आया सामने
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सरकारी मीडिया को बताया कि उनकी सरकार ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत नहीं की है और न ही उनकी किसी बातचीत की योजना है। हालांकि उन्होंने माना कि यूएस ने दूसरे देशों के जरिए ईरान को संदेश भेजने की कोशिश की थी, उन्होंने कहा कि यह “न तो बातचीत थी और न ही कोई नेगोशिएशन।”
धमकी, चेतावनी और विरोध के बीच पश्चिम एशिया ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 27 मार्च का दिन काफी अहम है। 23 मार्च को ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता का दावा करते हुए कहा था कि बातचीत “सकारात्मक और रचनात्मक” है, इसलिए वो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले के फैसले को “5 दिन के लिए टाल रहे हैं।” इसकी मियाद शुक्रवार को समाप्त हो रही है।


