आगरा के राजामंडी बाजार का लाभचंद मार्केट का मामला उलझता ही जा रहा है। विवादित लाभचंद मार्केट का मानचित्र राजस्व परिषद, लखनऊ भेजा जाएगा। वहीं से इसे सत्यापित कराया जाएगा। लखनऊ से सत्यापित होने के बाद ही नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त रिपोर्ट की जाएगी। उसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।
लाभचंद मार्केट के एक दुकानदार एएस सूरी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दुकानदारों को विस्थापित करने और होटल हटाने के निर्देश दिए थे। इस मार्केट में 60 दुकानें और इनके ऊपर दो होटल बने हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम और राजस्व विभाग ने पिछले दिनों यहां पैमाइश की थी। एएस सूरी के अधिवक्ता बलविंदर सिंह का कहना है-सड़क पर निर्माण किया गया। लीज समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण हुआ, लेकिन शर्तों की अनदेखी की गई और अधिक किराया वसूला जाता रहा। बाद में नगर निगम ने लीज निरस्त कर दी।
राजस्व विभाग के पास वर्ष 1331 का मानचित्र है, जो प्रमाणित प्रति नहीं है। इसलिए इसे राजस्व परिषद के अभिलेखों से मिलान के लिए भेजा गया है। डीएम का ये है कहना सोमवार तक सत्यापन रिपोर्ट मिल सकती है, जिससे पूर्व स्थिति स्पष्ट होगी। दो-तीन दिन में संयुक्त रिपोर्ट भी मिल जाएगी और विशेषज्ञों की राय के बाद जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह में जवाब मांगा है। मानचित्र सत्यापन के बाद ही अगली कार्रवाई होगी। संयुक्त रिपोर्ट शीघ्र डीएम को सौंपी जाएगी।सचिन राजपूत, एसडीएम


