डिप्टी CM के निर्देश के बाद भी नहीं खुला ताला:2 दिन पहले जनसंवाद में महिला ने विजय सिन्हा से मांगी थी मदद, 6 महीने से घर बंद

डिप्टी CM के निर्देश के बाद भी नहीं खुला ताला:2 दिन पहले जनसंवाद में महिला ने विजय सिन्हा से मांगी थी मदद, 6 महीने से घर बंद

मुंगेर जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षा गृह में शनिवार को आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में जमीन और मकान से जुड़े मामलों को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ी। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री तथा नगर विकास विभाग के मंत्री की मौजूदगी में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए करीब 100 लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम के दौरान कई मामलों में अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए गए, लेकिन एक मामला ऐसा रहा जिसने पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। महिला की दर्दभरी कहानी सुनकर भावुक हुआ सभागार इसी दौरान सदर प्रखंड के नगर निगम क्षेत्र की रहने वाली अन्नपूर्णा देवी ने अपनी आपबीती सुनाई, जिससे पूरा सभागार भावुक हो गया। महिला ने बताया कि पति के निधन के बाद उसके भैसुर अशोक प्रसाद के पुत्र बबलू कुमार उर्फ अजीत साह उसकी संपत्ति पर कब्जा करना चाहता है। छह महीने से कमरे में जड़ा है ताला महिला के अनुसार, आरोपी ने उसके हिस्से के कमरे में ताला लगा दिया है, जिसके कारण वह पिछले छह महीनों से परेशान है। अपने ही घर में रहने के बावजूद वह अपने हिस्से के कमरे का उपयोग नहीं कर पा रही है। प्रशासन से गुहार के बाद भी नहीं मिली मदद अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि वह कई बार जिला प्रशासन और पुलिस के पास ताला खुलवाने की गुहार लगा चुकी है, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उस पर बुरी नजर रखता है और मारपीट कर जमीन व मकान अपने नाम कराने का दबाव बनाता है। फर्जी केस में जेल भी भेजा गया महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी ने उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर उसे जेल भिजवा दिया, जहां उसे चार महीने तक रहना पड़ा। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान अपनी आपबीती बताते-बताते महिला रो पड़ी, जिससे माहौल गमगीन हो गया। उपमुख्यमंत्री ने मंच से दिया था तत्काल आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ने मौके पर ही नगर निगम के मेयर, वार्ड पार्षद, एसपी और सदर एसडीओ को मंच पर बुलाकर निर्देश दिया कि कार्यक्रम खत्म होते ही महिला के घर जाकर ताला खुलवाया जाए और पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। 24 घंटे बाद भी नहीं खुला ताला हालांकि, उपमुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश के 24 घंटे बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। रविवार को भास्कर संवाददाता जब मौके पर पहुंचे तो पाया कि महिला के घर पर अब भी ताला जड़ा हुआ है। इससे प्रशासनिक तत्परता पर सवाल उठने लगे हैं। थाने बुलाकर कागजात मांगे, आरोपी अब भी फरार पीड़िता ने बताया कि उसे दो बार थाने बुलाया गया और मकान के कागजात मांगे गए, जबकि आरोपी अब तक फरार है। महिला का कहना है कि उसे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिससे वह घर से बाहर निकलने से भी डरती है। बेटे को भेजा सुरक्षित स्थान पर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित महिला ने अपने छोटे बेटे को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। उसने कहा कि उसे हर समय अनहोनी का डर सताता रहता है। हत्या की आशंका जताई महिला ने लाल दरवाजा निवासी मनोज यादव और अपने भतीजे बबलू उर्फ अजीत कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों कभी भी उसकी हत्या कर सकते हैं और उसकी जमीन पर कब्जा कर सकते हैं। उसने कहा कि अगर उसके साथ कोई घटना होती है तो इसके लिए यही लोग जिम्मेदार होंगे। प्रशासन के दावों पर उठे सवाल इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक आदेशों के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर मंच से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए, वहीं दूसरी ओर 24 घंटे बाद भी जमीनी हकीकत नहीं बदली। सोमवार को कार्रवाई का दावा: सदर एसडीओ वहीं, इस मामले पर सदर एसडीओ कुमार अभिषेक ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस को जांच के लिए भेजा गया है और आरोपी को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर महिला के घर का ताला खुलवाएगी और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। मुंगेर जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षा गृह में शनिवार को आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में जमीन और मकान से जुड़े मामलों को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ी। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री तथा नगर विकास विभाग के मंत्री की मौजूदगी में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए करीब 100 लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम के दौरान कई मामलों में अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए गए, लेकिन एक मामला ऐसा रहा जिसने पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। महिला की दर्दभरी कहानी सुनकर भावुक हुआ सभागार इसी दौरान सदर प्रखंड के नगर निगम क्षेत्र की रहने वाली अन्नपूर्णा देवी ने अपनी आपबीती सुनाई, जिससे पूरा सभागार भावुक हो गया। महिला ने बताया कि पति के निधन के बाद उसके भैसुर अशोक प्रसाद के पुत्र बबलू कुमार उर्फ अजीत साह उसकी संपत्ति पर कब्जा करना चाहता है। छह महीने से कमरे में जड़ा है ताला महिला के अनुसार, आरोपी ने उसके हिस्से के कमरे में ताला लगा दिया है, जिसके कारण वह पिछले छह महीनों से परेशान है। अपने ही घर में रहने के बावजूद वह अपने हिस्से के कमरे का उपयोग नहीं कर पा रही है। प्रशासन से गुहार के बाद भी नहीं मिली मदद अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि वह कई बार जिला प्रशासन और पुलिस के पास ताला खुलवाने की गुहार लगा चुकी है, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उस पर बुरी नजर रखता है और मारपीट कर जमीन व मकान अपने नाम कराने का दबाव बनाता है। फर्जी केस में जेल भी भेजा गया महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी ने उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर उसे जेल भिजवा दिया, जहां उसे चार महीने तक रहना पड़ा। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान अपनी आपबीती बताते-बताते महिला रो पड़ी, जिससे माहौल गमगीन हो गया। उपमुख्यमंत्री ने मंच से दिया था तत्काल आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ने मौके पर ही नगर निगम के मेयर, वार्ड पार्षद, एसपी और सदर एसडीओ को मंच पर बुलाकर निर्देश दिया कि कार्यक्रम खत्म होते ही महिला के घर जाकर ताला खुलवाया जाए और पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। 24 घंटे बाद भी नहीं खुला ताला हालांकि, उपमुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश के 24 घंटे बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। रविवार को भास्कर संवाददाता जब मौके पर पहुंचे तो पाया कि महिला के घर पर अब भी ताला जड़ा हुआ है। इससे प्रशासनिक तत्परता पर सवाल उठने लगे हैं। थाने बुलाकर कागजात मांगे, आरोपी अब भी फरार पीड़िता ने बताया कि उसे दो बार थाने बुलाया गया और मकान के कागजात मांगे गए, जबकि आरोपी अब तक फरार है। महिला का कहना है कि उसे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिससे वह घर से बाहर निकलने से भी डरती है। बेटे को भेजा सुरक्षित स्थान पर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित महिला ने अपने छोटे बेटे को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। उसने कहा कि उसे हर समय अनहोनी का डर सताता रहता है। हत्या की आशंका जताई महिला ने लाल दरवाजा निवासी मनोज यादव और अपने भतीजे बबलू उर्फ अजीत कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों कभी भी उसकी हत्या कर सकते हैं और उसकी जमीन पर कब्जा कर सकते हैं। उसने कहा कि अगर उसके साथ कोई घटना होती है तो इसके लिए यही लोग जिम्मेदार होंगे। प्रशासन के दावों पर उठे सवाल इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक आदेशों के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर मंच से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए, वहीं दूसरी ओर 24 घंटे बाद भी जमीनी हकीकत नहीं बदली। सोमवार को कार्रवाई का दावा: सदर एसडीओ वहीं, इस मामले पर सदर एसडीओ कुमार अभिषेक ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस को जांच के लिए भेजा गया है और आरोपी को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर महिला के घर का ताला खुलवाएगी और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।  

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