शेखपुरा में खांड पर पहाड़ स्थित श्री शिव शक्ति संतोषी माता मंदिर परिसर में शुक्रवार को देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न हुई। इस दौरान अखंड रामधुन का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संतोषी माता, काली माता, भगवान शंकर, हनुमान और भगवान गणेश के विग्रहों की स्थापना की गई। यह धार्मिक अनुष्ठान मंजू देवी (हुसैनीजी) के नेतृत्व में संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन और पूजा-अर्चना के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। खांड पर पहाड़ की ऊंची चोटी को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। लगभग डेढ़ सौ सीढ़ियां चढ़कर महिला, पुरुष और बच्चों ने अखंड रामधुन में भाग लिया। आयोजन समिति ने पहाड़ के ऊपर श्रद्धालुओं के ठहरने और पीने के पानी की व्यवस्था की थी। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस आयोजन में श्री श्री 108 श्री रामाधुनी महायज्ञ समिति और गुड्डू कुमार खांड पर पहाड़, शेखपुरा का विशेष सहयोग रहा। प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस धार्मिक आयोजन से क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और आस्था का संदेश प्रसारित हुआ। शेखपुरा में खांड पर पहाड़ स्थित श्री शिव शक्ति संतोषी माता मंदिर परिसर में शुक्रवार को देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न हुई। इस दौरान अखंड रामधुन का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संतोषी माता, काली माता, भगवान शंकर, हनुमान और भगवान गणेश के विग्रहों की स्थापना की गई। यह धार्मिक अनुष्ठान मंजू देवी (हुसैनीजी) के नेतृत्व में संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन और पूजा-अर्चना के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। खांड पर पहाड़ की ऊंची चोटी को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। लगभग डेढ़ सौ सीढ़ियां चढ़कर महिला, पुरुष और बच्चों ने अखंड रामधुन में भाग लिया। आयोजन समिति ने पहाड़ के ऊपर श्रद्धालुओं के ठहरने और पीने के पानी की व्यवस्था की थी। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस आयोजन में श्री श्री 108 श्री रामाधुनी महायज्ञ समिति और गुड्डू कुमार खांड पर पहाड़, शेखपुरा का विशेष सहयोग रहा। प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस धार्मिक आयोजन से क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और आस्था का संदेश प्रसारित हुआ।


