The Kerala Story 2 Review: रील की ‘आजादी’ या रूह की ‘गुलामी’? थिएटर में गूंजी लव-जिहाद की ये कहानी

The Kerala Story 2 Review: रील की ‘आजादी’ या रूह की ‘गुलामी’? थिएटर में गूंजी लव-जिहाद की ये कहानी

The Kerala story 2 In Hindi: लंबी कानूनी जद्दोजहद और आखिरी वक्त तक चले विवादों के बाद आखिरकार ‘द केरल स्टोरी 2’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। 27 फरवरी की सुबह जहां फिल्म कानूनी अड़चनों में फंसी थी, वहीं रात होते-होते थिएटर्स में दर्शकों की भीड़ ने इस सीक्वल का स्वागत किया। 2023 में 300 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली पहली फिल्म के बाद, इस बार मेकर्स ने साजिश की जड़ों को और गहरा दिखाने की कोशिश की है।

क्या कहती है ‘द केरल स्टोरी 2’ की कहानी

फिल्म की कहानी तीन अलग-अलग राज्यों की लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी निजी जिंदगी की उलझनों के कारण आसान शिकार बन जाती हैं

दिव्या अदिति भाटिया: राजस्थान की एक चुलबुली लड़की जिसे रील बनाने का शौक है। घर की पाबंदियों से तंग आकर वह रशीद के जाल में फंस जाती है, जो उसे ‘शादी के बाद रील बनाने की आजादी’ का लालच देता है।

सुरेखा उल्का गुप्ता: केरल की एक पढ़ी-लिखी यूपीएससी एस्पिरेंट। उसे सलीम से प्यार है, जो खुद को एक ‘लिबरल पत्रकार’ बताता है और वादा करता है कि वह कभी उसका धर्म नहीं बदलवाएगा।

नेहा ऐश्वर्या ओझा: मध्य प्रदेश की एक उभरती हुई एथलीट, जिसे उसका बॉयफ्रेंड स्पोर्ट्स कोचिंग के बड़े-बड़े सपने दिखाकर अपने वश में कर लेता है।

क्या कहती है 'द केरल स्टोरी 2' की कहानी

हकीकत और फिक्शन का मेल है ‘द केरल स्टोरी 2’

फिल्म का पहला हिस्सा इन लड़कियों के भोलेपन और उनके पार्टनर के बुने गए झूठ को दिखाने में खर्च होता है। निर्देशक ने बखूबी दिखाया है कि कैसे 16-17 साल की उम्र में सही-गलत की समझ धुंधली हो जाती है। फिल्म में श्रद्धा वाकर केस 2022 का जिक्र कर इसे समसामयिक और डरावनी हकीकत से जोड़ने की कोशिश की गई है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। जब पिता अपनी बेटी को श्रद्धा वाकर के 35 टुकड़ों वाली न्यूज दिखाकर समझाने की कोशिश करते हैं, तो फिल्म का तनाव अपने चरम पर होता है। बेटी का यह कहना कि मेरा सलीम वैसा नहीं है, आज के दौर की एक कड़वी हकीकत को दर्शाता है।

क्या कहती है 'द केरल स्टोरी 2' की कहानी

आखिर में न्याय की जीत और आरोपियों की होती है गिरफ्तारी

इंटरवल के बाद फिल्म अपनी रफ्तार पकड़ती है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, इन तथाकथित मसीहा बॉयफ्रेंड्स के चेहरे से नकाब उतरने लगता है। लिव-इन रिलेशनशिप से लेकर जबरन निकाह और फिर धर्म परिवर्तन के दबाव तक, फिल्म का दूसरा हिस्सा काफी भारी और इमोशनल है। अंत में न्याय की जीत और आरोपियों की गिरफ्तारी दर्शकों को एक संतोषजनक क्लाइमेक्स देती है। हर एक सीन को देखने के लिए आपको थिएटर में जाकर द केरल स्टोरी 2 देखनी होगी।

क्या कहती है 'द केरल स्टोरी 2' की कहानी

अभिनय और तकनीकी पक्ष

एक्टिंग: अदिति भाटिया, उल्का गुप्ता और ऐश्वर्या ओझा ने अपने किरदारों के डर और लाचारी को स्क्रीन पर बखूबी उतारा है।
म्यूजिक: फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर तनाव पैदा करने में सफल रहा है।
अवेयरनेस: फिल्म एक चेतावनी की तरह है, जो युवाओं को किसी भी तरह के झांसे में न आने की सलाह देती है।
चौंकाने वाले दृश्य: फिल्म के कुछ सीन आपको अंदर तक झकझोर देते हैं। यह समाज के उस अंधेरे कोने की ओर इशारा करती है, जिससे अक्सर नजरें चुराई जाती हैं।

निष्कर्ष

‘द केरल स्टोरी 2’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक चेतावनी की तरह पेश की गई है। हालांकि रील बनाने की आजादी के लिए धर्म बदल लेना थोड़ा अविश्वसनीय लग सकता है, लेकिन फिल्म यह संदेश देने में सफल रहती है कि भावनाओं में बहकर लिए गए फैसले कितनी बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। एक बार तो फिल्म देखी जा सकती है।

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