बगीचे में दिल, 34 साल से कायम है बरेली क्लब में बादशाहत, फूल वाली कोठी नंबर वन, खिंचे चले आते हैं बॉलीवुड स्टार

बगीचे में दिल, 34 साल से कायम है बरेली क्लब में बादशाहत, फूल वाली कोठी नंबर वन, खिंचे चले आते हैं बॉलीवुड स्टार

बरेली। शहर के ऐतिहासिक बरेली क्लब में शुरू हुई पुष्प प्रदर्शनी के बीच शुक्रवार को एक खास बगीचे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। निर्णायक समिति की टीम ने मशहूर फूल वाली कोठी का निरीक्षण किया, जहां प्रकृति की गोद में सजा दिल के आकार का अनोखा बगीचा वर्षों से लोगों को आकर्षित कर रहा है। सौ साल पुराने पेड़ों, लहलहाते फूलों और दुर्लभ पौधों से सजे इस बगीचे की खूबसूरती ऐसी है कि यहां बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग तक हो चुकी है।

दिल के आकार का बगीचा बना आकर्षण का केंद्र

निरीक्षण के दौरान समिति की सदस्यों सुभाश्री सागरिका साहू, रेनू सिंह, सन्नी चावला, परणिता निझावन और श्री राम गुप्ता ने फूल वाली कोठी के बगीचे का अवलोकन किया। यहां का मुख्य आकर्षण दिल के आकार में विकसित लैंडस्केप गार्डन है, जिसके चारों ओर कटहल, लीची और बोगनवेलिया के घने पौधे लगे हैं। बगीचे में मौजूद कई फूलों के पेड़ लगभग 100 वर्ष पुराने बताए जाते हैं, जिनकी हरियाली पूरे परिसर को खास पहचान देती है।

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बॉलीवुड सितारों को भी भा चुका है यह बगीचा

प्रेमनगर में स्थित कोठी के मालिक रजत खंडेलवाल ने बताया कि अनोखी हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण यह स्थान फिल्म निर्माताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है। कुछ वर्ष पहले यहां फिल्म अलीगढ़ की शूटिंग हुई थी, जिसमें अभिनेता राजकुमार राव और मनोज बाजपेयी शामिल थे। इसके अलावा पिछले वर्ष अक्टूबर महीने में कप्तान फिल्म के कुछ दृश्य भी इसी बगीचे में फिल्माए गए थे।

प्रकृति के करीब होने का अनोखा एहसास

फूल वाली कोठी का बगीचा केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि दुर्लभ पौधों के संग्रह के लिए भी जाना जाता है। यहां हरियाली, रंग-बिरंगे फूलों और शांत वातावरण के बीच आने वालों को प्रकृति के बेहद करीब होने का अनुभव मिलता है। इसी कारण यह स्थान बागवानी प्रेमियों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए खास महत्व रखता है। बरेली क्लब की पुष्प प्रदर्शनी में इस बगीचे का दबदबा लगातार कायम है। पिछले 34 वर्षों से फूल वाली कोठी को सर्वश्रेष्ठ बगीचे का पुरस्कार मिल रहा है। समिति के सदस्यों ने भी निरीक्षण के दौरान बगीचे की सुंदरता, संरचना और हरियाली की सराहना की और इसे शहर की बागवानी संस्कृति का शानदार उदाहरण बताया।

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