‘’मेरे भाई ने ही मेरे पति की हत्या कर दी। मुझे इसका डर पहले से था। मैंने अपने पति को आगाह किया था कि घर से मत निकलना। भाई की वजह से ही मैंने किराए का मकान लिया था, लेकिन ससुराल के लोग हम दोनों को जबरन घर लेकर आ गए। मेरे भाई ने तो मेरे पति को मार डाला। मैं जो कुछ कर सकती हूं, करूंगी। कोर्ट जाऊंगी, पति को न्याय दिलवाऊंगी, लेकिन सवाल ये भी है कि भाई को सजा तो मिल जाएगी, लेकिन क्या भाई को सजा होने से मेरा पति वापस आ जाएगा?” दरभंगा की गायत्री देवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, 30 साल की गायत्री ने 17 मार्च को अपने प्रेमी 27 साल के शिवशंकर ठाकुर के साथ कोलकाता में शादी की थी। शादी के एक हफ्ते बाद दोनों दरभंगा लौटे। दोनों के लौटने के बाद लड़की के भाई ने अपने ही बहन के पति की चाकू मारकर हत्या कर दी। गायत्री की प्रेम कहानी क्या है? आखिर गायत्री के भाई ने अपने ही बहन के पति की हत्या क्यों की? वारदात को लेकर गायत्री, उसके पति के परिवार के लोगों का क्या कहना है? पुलिस की कार्रवाई में अब तक क्या हुआ है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले गायत्री और उसके पति की तस्वीरें देखिए अब जानिए, गायत्री और शिवशंकर की लव स्टोरी गायत्री और शिवशंकर ठाकुर सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के असथुआ गांव के रहने वाले हैं। दोनों का घर आमने-सामने है। दोनों बचपन से एक दूसरे को जानते थे, बातचीत होती थी। कभी-कभी बाहर आना-जाना भी एक साथ होता था। चूंकि दोनों का घर आमने-सामने है, इसलिए दोनों को साथ देखने के बाद भी कोई इनके रिश्ते को लेकर शक नहीं करता था। गायत्री के मुताबिक, 5 साल पहले दोनों ने एक दूसरे को प्रपोज किया था। दोनों तरफ से हामी के बाद दोनों बाहर मिलने-जुलने लगे। गायत्री गांव में जीविका समूह से जुड़ी थी, जबकि शिवशंकर पेशे से कैब ड्राइवर था और कोलकाता में रहता था। जानकारी के मुताबिक, करीब छह महीने पहले गायत्री और शिवशंकर ने अपने-अपने घर में शादी की बात की। शिवशंकर के घर वालों को तो रिश्ते से एतराज नहीं था, लेकिन गायत्री के घरवालों ने रिश्ते से इनकार कर दिया। गायत्री के माता-पिता और भाई ने कहा कि पहली तो हम दोनों की जाती एक नहीं है, दूसरे लड़के का घर हमारे घर के सामने है। हमारे समाज में ऐसा बिलकुल नहीं होता कि लड़की का ससुराल हमारे घर के सामने रहे। गांव के लोग, समाज इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करेगा। परिवार के इनकार पर गायत्री ने भागकर शादी की बात कही जब गायत्री के घर में शिवशंकर से शादी की बात को इनकार कर दिया गया तो उसने अपने प्रेमी शिवशंकर से भागकर शादी की बात कही। फिर दोनों ने तय किया कि कोलकाता में शादी करेंगे और मामला शांत हो जाएगा तो घर लौट आएंगे। किसी तरह एक-दूसरे के परिवार को मना लेंगे। इसी के तहत 16 मार्च को गायत्री घर से शादी के लिए निकली। गायत्री को ले जाने के लिए खुद शंकर दरभंगा आया था, लेकिन घर नहीं आया। दोनों ने कोलकाता में 17 मार्च को मंदिर में शादी कर ली। गायत्री के गायब होने के बाद पिता ने दर्ज कराई अपहरण की शिकायत गायत्री के गायब होने के बाद उसके पिता गुलाब राय ने स्थानीय थाना में बेटी की अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस शिवशंकर के घर पहुंची। पुलिस ने शिवशंकर के माता-पिता से कहा कि आप अपने लड़के को दरभंगा बुलाइए, अगर लड़की साथ है, तो उसे भी साथ लाने को बोल दीजिएगा। गायत्री के मुताबिक, जब शिवशंकर को पता चला कि पुलिस घर आई थी, तब उसने अपने माता-पिता से बात की। शादी की बात बताई। इसके बाद शिवशंकर के माता-पिता ने कहा कि जो हुआ, ठीक है, तुम गायत्री को लेकर दरभंगा आ जाओ। माता-पिता के कहने पर करीब एक हफ्ते बाद यानी 24 मार्च को गायत्री और शिवशंकर दरभंगा अपने घर आ गए। गायत्री ने बताया कि दरभंगा आने के बाद मैं थाना पहुंची। मैंने पुलिस से पूछा कि क्या मेरे पति के खिलाफ अपहरण की शिकायत दर्ज है, तो पुलिस ने इनकार कर दिया। हालांकि, मैंने पुलिस से कहा कि आप एक बार मेरे पिता को बता दीजिए कि मैं आई हूं, अगर उन्हें कोई सवाल पूछना होगा तो थाना आ जाएं। मृतक की पत्नी के मुताबिक, पुलिस ने मेरे भाई आलोक को कॉल लगाया और पिता से बातचीत की। फिर मेरे पिता थाना आए। उन्होंने मुझसे कहा कि जो कुछ हुआ, वो ठीक है, लेकिन एक रिक्वेस्ट है कि तुम अपने ससुराल मत रहना। अगर दरभंगा में रहना है तो किराए का मकान कहीं दूर ले लेना। किराए का मकान देखा था, लेकिन ससुराल वाले जबरदस्ती घर ले आए गायत्री के मुताबिक, मैंने पति शिवशंकर के साथ भरवाड़ा में किराए का मकान देखा था, लेकिन पति के ससुराल के लोग वहां पहुंच गए और कहा कि कुछ दिन तुम दोनों को यहां रहना है, फिर कोलकाता जाना है। इससे अच्छा है कि तुम दोनों घर चलो, कोई बात होगी तो मिलकर देख लेंगे। मृतक की पत्नी के मुताबिक, मैंने ससुराल के लोगों को मना किया, कहा कि किराए के मकान में रहेंगे फिर चले जाएंगे। मैंने बताया कि मेरा भाई आलोक गुस्से में है, वो मुझसे पहले भी बोल चुका था कि अगर शादी करोगी तो अंजाम ठीक नहीं होगा। अगर मैं आप लोगों के साथ घर जाऊंगी तो आलोक मारपीट करेगा, झगड़ा करेगा, ये सब ठीक नहीं लगेगा। इतना कहने के बाद भी शिवशंकर के घरवाले नहीं माने और हम दोनों को घर लेकर आ गए। मूर्ति विसर्जन की रात 10 बजे भाई ने मेरे पति को मार डाला गायत्री ने बताया कि 28 मार्च की रात चैत नवरात्र को लेकर घर के पास रखे गए मूर्ति का विसर्जन होना था। मैं पति के साथ घर के अंदर ही थी। इसी दौरान मेरे भाई का मेरे पति को तीन बार कॉल आया, लेकिन मैंने कॉल रिसीव नहीं करने दिया। मैंने शिवशंकर को आगाह भी किया था कि आप घर के बाहर मत जाना। मेरे भाई आलोक ने दोबारा कॉल किया तो मेरे पति ने कॉल उठा लिया। मेरे भाई ने मेरे पति से पूछा कि कहां हो, मेरे पति ने मेरे सामने जवाब देते हुए कहा कि मैं दरभंगा में हूं। तब मेरे भाई ने वीडियो कॉल कर रिसीव करने को कहा। आलोक के इतना कहने पर शिवशंकर ने फोन काट दिया और मुझसे कहा कि मैं आलोक से बात करके आता हूं, उसे समझाता हूं। जब तक शिवशंकर बाहर जाते, मेरे देवर पिंटू और मेरे भाई आलोक के बीच झगड़ा शुरू हो गया। इसके बाद पिंटू को लेकर परिवार के साथ अंदर आए। फिर मैं बाहर गई तो देखा कि शिवशंकर को चाकू मारकर मेरे भाई ने घायल कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान मेरे पति की मौत हो गई। अब मुझे जो करना है, करूंगी। कोर्ट जाऊंगी, भाई को सजा दिलाऊंगी, लेकिन इतना कुछ करने से मेरा पति वापस नहीं आएगा। अब जानिए, मृतक शिवशंकर के परिजन ने वारदात को लेकर क्या बताया? मृतक के भतीजे कृष्णा कुमार ने बताया कि मेरे चाचा शिवशंकर ने लव मैरिज की थी। इस शादी से चाची (गायत्री) के भाई आलोक काफी नाराज थे। हम लोगों को इस शादी से दिक्कत नहीं थी। चाचा-चाची के कोलकाता से लौटने के बाद चाची के भाई ने मेरे चाचा को जान से मारने की धमकी दी थी। शनिवार की रात दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मौके का फायदा उठाकर आलोक राय ने अपने चचेरे भाई जीतू राय के साथ मिलकर मेरे चाचा की हत्या कर दी। मृतक शिवशंकर की बहन अनीता देवी वारदात के दौरान मौजूद थी। उन्होंने बताया कि जिस वक्त आलोक ने मेरे भाई की हत्या की, मैं मौके पर मौजूद थी। मैं ठीक भाई शिवशंकर के पीछे खड़ी थी। उन्होंने बताया कि आलोक ने धारदार चाकू से मेरे भाई के पेट पर हमला किया और सीने पर भी वार किया। हमला इतना तेज था कि शिवशंकर खून से लथपथ होकर मेरे शरीर पर ही गिर पड़ा। मैं भी जमीन पर गिर गई और मेरा भाई मेरे ऊपर आ गिरा। वो मुझे कह रहा था कि दीदी, अब मैं नहीं बचूंगा। मैंने भाई से हिम्मत रखने की बात कही और कहा कि तुम्हें कुछ नहीं होगा, हम लोग अस्पताल ले जाएंगे। मेरा भाई लगातार पानी मांग रहा था और इलाज के लिए अस्पताल ले चलने की गुहार लगा रहा था। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। अनीता देवी ने बताया कि आरोपी आलोक राय ने इतना तेज और ताबड़तोड़ हमला किया था कि मेरे भाई की आंते बाहर आ गई थी। मैं अपने बेटे की कहीं और शादी की तैयारी कर रही थी मृतक शिवशंकर की मां वीणा देवी ने कहा कि गायत्री के परिवार वाले पहले से ही नाराज थे और लगातार धमकी दे रहे थे। धमकी की वजह से मेरा बेटा घर से बाहर नहीं निकलता था। उन्होंने कहा कि गायत्री की उम्र करीब 30 वर्ष थी और उसके परिवार वाले उसकी शादी नहीं कर पा रहे थे। इसी बीच वह उनके बेटा के संपर्क में आई और मोबाइल पर फोटो भेजती थी। बाद में वह कोलकाता जाकर शंकर के साथ रहने लगी। वीणा देवी ने बताया कि हम लोग तो शिवशंकर की शादी नवंबर महीने में कहीं और तय करने की सोच रहे थे, लेकिन उससे पहले ये सब हो गया। शिवशंकर की भाभी रिंकू देवी ने बताया कि रिंकू देवी ने बताया कि मेरी सास के कहने पर कोलकाता में शादी करने के एक हफ्ते बाद शिवशंकर ठाकुर लड़की के साथ घर आया। इस रिश्ते को लेकर पहले भी गांव में पंचायत स्तर पर बातचीत हुई थी, जिसमें मुखिया और सरपंच भी शामिल हुए थे। हालांकि, इसे गांव का मामला मानकर आगे बढ़ाने से मना कर दिया गया था। बावजूद इसके लड़की और लड़के के बीच संपर्क जारी रहा और आखिरकार मामला हत्या तक पहुंच गया। पुलिस ने दुल्हन के भाई समेत 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार कमतौल एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि 28 मार्च की रात शिवशंकर ठाकुर नाम के युवक की हत्या की गई है। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। लड़का और लड़की एक ही गांव के हैं, दोनों के परिवार एक-दूसरे के पड़ोसी हैं। दोनों ने घर से भागकर शादी की है। इसी मामले में लड़की के परिवार वालों ने रिश्ता को मानने से इनकार कर दिया। लड़की वालों का कहना था कि लड़की घर के सामने रहेगी, ये अच्छा नहीं लगेगा। इसी विवाद में लड़की के भाई ने चाकू मार दिया। इलाज के दौरान लड़की के पति की मौत हो गई। वारदात में शामिल लड़की के भाई समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में यूज किया गया हथियार भी बरामद किया गया है। ‘’मेरे भाई ने ही मेरे पति की हत्या कर दी। मुझे इसका डर पहले से था। मैंने अपने पति को आगाह किया था कि घर से मत निकलना। भाई की वजह से ही मैंने किराए का मकान लिया था, लेकिन ससुराल के लोग हम दोनों को जबरन घर लेकर आ गए। मेरे भाई ने तो मेरे पति को मार डाला। मैं जो कुछ कर सकती हूं, करूंगी। कोर्ट जाऊंगी, पति को न्याय दिलवाऊंगी, लेकिन सवाल ये भी है कि भाई को सजा तो मिल जाएगी, लेकिन क्या भाई को सजा होने से मेरा पति वापस आ जाएगा?” दरभंगा की गायत्री देवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, 30 साल की गायत्री ने 17 मार्च को अपने प्रेमी 27 साल के शिवशंकर ठाकुर के साथ कोलकाता में शादी की थी। शादी के एक हफ्ते बाद दोनों दरभंगा लौटे। दोनों के लौटने के बाद लड़की के भाई ने अपने ही बहन के पति की चाकू मारकर हत्या कर दी। गायत्री की प्रेम कहानी क्या है? आखिर गायत्री के भाई ने अपने ही बहन के पति की हत्या क्यों की? वारदात को लेकर गायत्री, उसके पति के परिवार के लोगों का क्या कहना है? पुलिस की कार्रवाई में अब तक क्या हुआ है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले गायत्री और उसके पति की तस्वीरें देखिए अब जानिए, गायत्री और शिवशंकर की लव स्टोरी गायत्री और शिवशंकर ठाकुर सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के असथुआ गांव के रहने वाले हैं। दोनों का घर आमने-सामने है। दोनों बचपन से एक दूसरे को जानते थे, बातचीत होती थी। कभी-कभी बाहर आना-जाना भी एक साथ होता था। चूंकि दोनों का घर आमने-सामने है, इसलिए दोनों को साथ देखने के बाद भी कोई इनके रिश्ते को लेकर शक नहीं करता था। गायत्री के मुताबिक, 5 साल पहले दोनों ने एक दूसरे को प्रपोज किया था। दोनों तरफ से हामी के बाद दोनों बाहर मिलने-जुलने लगे। गायत्री गांव में जीविका समूह से जुड़ी थी, जबकि शिवशंकर पेशे से कैब ड्राइवर था और कोलकाता में रहता था। जानकारी के मुताबिक, करीब छह महीने पहले गायत्री और शिवशंकर ने अपने-अपने घर में शादी की बात की। शिवशंकर के घर वालों को तो रिश्ते से एतराज नहीं था, लेकिन गायत्री के घरवालों ने रिश्ते से इनकार कर दिया। गायत्री के माता-पिता और भाई ने कहा कि पहली तो हम दोनों की जाती एक नहीं है, दूसरे लड़के का घर हमारे घर के सामने है। हमारे समाज में ऐसा बिलकुल नहीं होता कि लड़की का ससुराल हमारे घर के सामने रहे। गांव के लोग, समाज इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करेगा। परिवार के इनकार पर गायत्री ने भागकर शादी की बात कही जब गायत्री के घर में शिवशंकर से शादी की बात को इनकार कर दिया गया तो उसने अपने प्रेमी शिवशंकर से भागकर शादी की बात कही। फिर दोनों ने तय किया कि कोलकाता में शादी करेंगे और मामला शांत हो जाएगा तो घर लौट आएंगे। किसी तरह एक-दूसरे के परिवार को मना लेंगे। इसी के तहत 16 मार्च को गायत्री घर से शादी के लिए निकली। गायत्री को ले जाने के लिए खुद शंकर दरभंगा आया था, लेकिन घर नहीं आया। दोनों ने कोलकाता में 17 मार्च को मंदिर में शादी कर ली। गायत्री के गायब होने के बाद पिता ने दर्ज कराई अपहरण की शिकायत गायत्री के गायब होने के बाद उसके पिता गुलाब राय ने स्थानीय थाना में बेटी की अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस शिवशंकर के घर पहुंची। पुलिस ने शिवशंकर के माता-पिता से कहा कि आप अपने लड़के को दरभंगा बुलाइए, अगर लड़की साथ है, तो उसे भी साथ लाने को बोल दीजिएगा। गायत्री के मुताबिक, जब शिवशंकर को पता चला कि पुलिस घर आई थी, तब उसने अपने माता-पिता से बात की। शादी की बात बताई। इसके बाद शिवशंकर के माता-पिता ने कहा कि जो हुआ, ठीक है, तुम गायत्री को लेकर दरभंगा आ जाओ। माता-पिता के कहने पर करीब एक हफ्ते बाद यानी 24 मार्च को गायत्री और शिवशंकर दरभंगा अपने घर आ गए। गायत्री ने बताया कि दरभंगा आने के बाद मैं थाना पहुंची। मैंने पुलिस से पूछा कि क्या मेरे पति के खिलाफ अपहरण की शिकायत दर्ज है, तो पुलिस ने इनकार कर दिया। हालांकि, मैंने पुलिस से कहा कि आप एक बार मेरे पिता को बता दीजिए कि मैं आई हूं, अगर उन्हें कोई सवाल पूछना होगा तो थाना आ जाएं। मृतक की पत्नी के मुताबिक, पुलिस ने मेरे भाई आलोक को कॉल लगाया और पिता से बातचीत की। फिर मेरे पिता थाना आए। उन्होंने मुझसे कहा कि जो कुछ हुआ, वो ठीक है, लेकिन एक रिक्वेस्ट है कि तुम अपने ससुराल मत रहना। अगर दरभंगा में रहना है तो किराए का मकान कहीं दूर ले लेना। किराए का मकान देखा था, लेकिन ससुराल वाले जबरदस्ती घर ले आए गायत्री के मुताबिक, मैंने पति शिवशंकर के साथ भरवाड़ा में किराए का मकान देखा था, लेकिन पति के ससुराल के लोग वहां पहुंच गए और कहा कि कुछ दिन तुम दोनों को यहां रहना है, फिर कोलकाता जाना है। इससे अच्छा है कि तुम दोनों घर चलो, कोई बात होगी तो मिलकर देख लेंगे। मृतक की पत्नी के मुताबिक, मैंने ससुराल के लोगों को मना किया, कहा कि किराए के मकान में रहेंगे फिर चले जाएंगे। मैंने बताया कि मेरा भाई आलोक गुस्से में है, वो मुझसे पहले भी बोल चुका था कि अगर शादी करोगी तो अंजाम ठीक नहीं होगा। अगर मैं आप लोगों के साथ घर जाऊंगी तो आलोक मारपीट करेगा, झगड़ा करेगा, ये सब ठीक नहीं लगेगा। इतना कहने के बाद भी शिवशंकर के घरवाले नहीं माने और हम दोनों को घर लेकर आ गए। मूर्ति विसर्जन की रात 10 बजे भाई ने मेरे पति को मार डाला गायत्री ने बताया कि 28 मार्च की रात चैत नवरात्र को लेकर घर के पास रखे गए मूर्ति का विसर्जन होना था। मैं पति के साथ घर के अंदर ही थी। इसी दौरान मेरे भाई का मेरे पति को तीन बार कॉल आया, लेकिन मैंने कॉल रिसीव नहीं करने दिया। मैंने शिवशंकर को आगाह भी किया था कि आप घर के बाहर मत जाना। मेरे भाई आलोक ने दोबारा कॉल किया तो मेरे पति ने कॉल उठा लिया। मेरे भाई ने मेरे पति से पूछा कि कहां हो, मेरे पति ने मेरे सामने जवाब देते हुए कहा कि मैं दरभंगा में हूं। तब मेरे भाई ने वीडियो कॉल कर रिसीव करने को कहा। आलोक के इतना कहने पर शिवशंकर ने फोन काट दिया और मुझसे कहा कि मैं आलोक से बात करके आता हूं, उसे समझाता हूं। जब तक शिवशंकर बाहर जाते, मेरे देवर पिंटू और मेरे भाई आलोक के बीच झगड़ा शुरू हो गया। इसके बाद पिंटू को लेकर परिवार के साथ अंदर आए। फिर मैं बाहर गई तो देखा कि शिवशंकर को चाकू मारकर मेरे भाई ने घायल कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान मेरे पति की मौत हो गई। अब मुझे जो करना है, करूंगी। कोर्ट जाऊंगी, भाई को सजा दिलाऊंगी, लेकिन इतना कुछ करने से मेरा पति वापस नहीं आएगा। अब जानिए, मृतक शिवशंकर के परिजन ने वारदात को लेकर क्या बताया? मृतक के भतीजे कृष्णा कुमार ने बताया कि मेरे चाचा शिवशंकर ने लव मैरिज की थी। इस शादी से चाची (गायत्री) के भाई आलोक काफी नाराज थे। हम लोगों को इस शादी से दिक्कत नहीं थी। चाचा-चाची के कोलकाता से लौटने के बाद चाची के भाई ने मेरे चाचा को जान से मारने की धमकी दी थी। शनिवार की रात दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मौके का फायदा उठाकर आलोक राय ने अपने चचेरे भाई जीतू राय के साथ मिलकर मेरे चाचा की हत्या कर दी। मृतक शिवशंकर की बहन अनीता देवी वारदात के दौरान मौजूद थी। उन्होंने बताया कि जिस वक्त आलोक ने मेरे भाई की हत्या की, मैं मौके पर मौजूद थी। मैं ठीक भाई शिवशंकर के पीछे खड़ी थी। उन्होंने बताया कि आलोक ने धारदार चाकू से मेरे भाई के पेट पर हमला किया और सीने पर भी वार किया। हमला इतना तेज था कि शिवशंकर खून से लथपथ होकर मेरे शरीर पर ही गिर पड़ा। मैं भी जमीन पर गिर गई और मेरा भाई मेरे ऊपर आ गिरा। वो मुझे कह रहा था कि दीदी, अब मैं नहीं बचूंगा। मैंने भाई से हिम्मत रखने की बात कही और कहा कि तुम्हें कुछ नहीं होगा, हम लोग अस्पताल ले जाएंगे। मेरा भाई लगातार पानी मांग रहा था और इलाज के लिए अस्पताल ले चलने की गुहार लगा रहा था। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। अनीता देवी ने बताया कि आरोपी आलोक राय ने इतना तेज और ताबड़तोड़ हमला किया था कि मेरे भाई की आंते बाहर आ गई थी। मैं अपने बेटे की कहीं और शादी की तैयारी कर रही थी मृतक शिवशंकर की मां वीणा देवी ने कहा कि गायत्री के परिवार वाले पहले से ही नाराज थे और लगातार धमकी दे रहे थे। धमकी की वजह से मेरा बेटा घर से बाहर नहीं निकलता था। उन्होंने कहा कि गायत्री की उम्र करीब 30 वर्ष थी और उसके परिवार वाले उसकी शादी नहीं कर पा रहे थे। इसी बीच वह उनके बेटा के संपर्क में आई और मोबाइल पर फोटो भेजती थी। बाद में वह कोलकाता जाकर शंकर के साथ रहने लगी। वीणा देवी ने बताया कि हम लोग तो शिवशंकर की शादी नवंबर महीने में कहीं और तय करने की सोच रहे थे, लेकिन उससे पहले ये सब हो गया। शिवशंकर की भाभी रिंकू देवी ने बताया कि रिंकू देवी ने बताया कि मेरी सास के कहने पर कोलकाता में शादी करने के एक हफ्ते बाद शिवशंकर ठाकुर लड़की के साथ घर आया। इस रिश्ते को लेकर पहले भी गांव में पंचायत स्तर पर बातचीत हुई थी, जिसमें मुखिया और सरपंच भी शामिल हुए थे। हालांकि, इसे गांव का मामला मानकर आगे बढ़ाने से मना कर दिया गया था। बावजूद इसके लड़की और लड़के के बीच संपर्क जारी रहा और आखिरकार मामला हत्या तक पहुंच गया। पुलिस ने दुल्हन के भाई समेत 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार कमतौल एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि 28 मार्च की रात शिवशंकर ठाकुर नाम के युवक की हत्या की गई है। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। लड़का और लड़की एक ही गांव के हैं, दोनों के परिवार एक-दूसरे के पड़ोसी हैं। दोनों ने घर से भागकर शादी की है। इसी मामले में लड़की के परिवार वालों ने रिश्ता को मानने से इनकार कर दिया। लड़की वालों का कहना था कि लड़की घर के सामने रहेगी, ये अच्छा नहीं लगेगा। इसी विवाद में लड़की के भाई ने चाकू मार दिया। इलाज के दौरान लड़की के पति की मौत हो गई। वारदात में शामिल लड़की के भाई समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में यूज किया गया हथियार भी बरामद किया गया है।


