नमस्कार हाल ही हुए कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा का ‘लाल ही लाल’ वाला बयान चर्चा में है। चित्तौड़गढ़ में यूपी के सीएम योगीजी ने राजस्थान के लिए बड़ी बात कह दी। जयपुर में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा मॉर्निंग वॉक पर निकले तो छोटी सी जनसभा हो गई। जोधपुर में शादी के बाद पूर्व छात्रनेता नई-नवेली दुल्हन के साथ सड़क पर दौड़ते नजर आए। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. CM भजनलाल बोले-कोटा में लाल ही लाल कार्यक्रम एयर कनेक्टिविटी का था। कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास करने मुख्यमंत्रीजी भजनलाल शर्मा कोटा पहुंचे थे। इस दौरान एक जनसभा भी हुई। नेतागण मंच पर विराजमान थे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरलाजी भी मौजूद थे। संबोधित करने सीएम भजनलाल माइक पर पहुंचे। उन्होंने भाषण के आरंभ में उपस्थित नेतागण का नाम लेना शुरू किया- शिक्षा मंत्री मदनलाल जी…मंत्री कन्हैयालाल जी…ऊर्जा मंत्री हीरालाल जी…सहकारिता मंत्री गौतम लाल जी…पूर्व मंत्री प्रभुलाल जी… अनुप्रास अलंकार की ऐसी छटा देख सीएम रुके। फिर हंसते हुए बोले- आप देख रहे हो ना? आज कोटा में लाल ही लाल आ गए। ओमजी भी कोटा के लाल हैं। इसलिए ओम बिरलाजी भी लाल हैं। ओम लाल जी। ओम बिरला जी को जरूर ऐसी स्थिति में कबीरदास जी का वह दोहा याद आया होगा- ‘लाली देखन मैं चली, मैं भी हो गई लाल।’ 2. मॉर्निंग वॉक पर मंत्रीजी की ‘गुड मॉर्निंग’ 1981 में कालिया नामक सिनेमा ने नायक की नई परिभाषा गढ़ी। सिनेमा में नायक कहता है- जहां हम खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है। यह सुप्रसिद्ध संवाद कृषि मंत्री किरोड़ी बाबा पर फिट बैठता है। वे जहां खड़े हो जाएं, बैठ जाएं, लेट जाएं, धरना डाल दें, किसी फैक्ट्री में घुस जाएं…वहां लाइन नहीं लगती। बल्कि वे वृत्त का केंद्र बन जाते हैं। कई बार तो मंत्रीजी कन्हैया दंगल में पैरों का दमखम दिखा चुके हैं। उनकी मजबूती के पीछे राज भी है। सेहत का अच्छा खयाल रखते हैं। योग-प्राणायाम और मॉर्निंग वॉक करते हैं। जयपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान युवाओं का दल नजर आ गए। बाबा को ट्रैक पर घूमते देख उन्हें घेर लिया। हेल्थ बना रहे कई युवाओं ने किरोड़ी बाबा से आशीर्वाद ले लिया। एकाध ने जन-सुनवाई का लाभ ले लिया। बाबा ने सभी को दोनों हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया। हाल ही बाबा अलवर में रोजा इफ्तार करते दिखे। मुस्लिम भाइयों बीच जमीन पर पंक्ति में बैठकर आहार लिया। बाबा की यही खूबी है, सबको साथ लेकर चलते हैं। नायक वही जो लाइन में कहीं भी खड़ा हो, उनकी नजर कतार में आखिरी खड़े व्यक्ति तक होनी चाहिए। 3. सड़क पर दौड़े दूल्हा-दुल्हन जोधपुर के विश्वविद्यालय JNVU में छात्र संघ अध्यक्ष रहे युवा नेता सुनील चौधरी की शादी हो गई। सिलेंडरों की किल्लक के बावजूद विशाल डोम में हजारों लोगों को प्रीतिभोज कराने में भी सफल रहे। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन परंपराएं निभाने में व्यस्त हो गए। परिवार के परंपरा के अनुसार तेज धूप में विवाहित जोड़ा सड़क पर दौड़ते हुए कुलदेवता नारसिंह भोमियाजी के दरबार में पहुंचा। ग्रामीण अंचल में एक कहावत कही जाती है-‘गाड़ी को देखकर लाडी के पैर फूल जाते हैं’। यानी गाड़ी उपलब्ध होने पर नवविवाहिता के पैर में दर्द होने लगता है। वह बहाना बनाती है ताकि गाड़ी में सवार हो सके। नई बहू ने कहावत को चुनौती दे डाली। गाड़ी पीछे खड़ी छोड़ वह ऐसा सरपट दौड़ी कि दूल्हे राजा पीछे रह गए। 4. चलते-चलते… चित्तौड़गढ़ वीरभूमि है। यह क्षेत्र मेवाड़ी आन और बान के लिए जाना जाता है। यहां वीरता, तप, तेज, बलिदान और भक्ति की कहानियां घर-घर सुनाई जाती हैं। ये धरती महाराणा कुंभा की है। अस्सी घाव वाले राणा सांगा की है। अपनी प्रतिष्ठा के लिए क्षत्राणियों के साथ जौहर करने वाली रानी पद्मिनी की है। राज-पुत्र को बचाने के लिए अपना बच्चा बलिदान करने वाली पन्ना धाय की है और भगवान कृष्ण को पति मानकर भक्ति करने वाली मीरां बाई की कर्मभूमि है। इस दिव्य भूमि को लेकर उत्तर प्रदेश के फायरब्रांड सीएम योगीजी ने कहा- हम यूपी में कुछ कर पा रहे हैं तो वह तेज इसी राजस्थान का तेज है। चित्तौडगढ़ का तेज है। मेरे दादा गुरु इसी पूज्य भूमि से गोरखपुर गए थे। इनपुट सहयोग- ऋतुपर्णा मुखर्जी (चित्तौड़गढ़)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..


