बरेली। सीबीगंज स्थित रामपुर रोड पर सुपीरियर शराब फैक्टरी में आयकर विभाग की जांच तीसरे दिन भी जारी रही। गुरुवार को भी फैक्टरी परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही पर सख्त रोक रही। सूत्रों के मुताबिक आयकर टीम को आयकर में बड़े स्तर पर हेराफेरी की आशंका है, जिसके चलते वर्ष 2003 तक के रिकॉर्ड तलब कर लिए गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि जांच टीम ने पुराने आयकर दस्तावेजों की भी मांग की है। टीम में शामिल वरिष्ठ अधिकारी ने फैक्टरी प्रबंधन से वर्ष 2003 तक के वित्तीय रिकॉर्ड, टैक्स रिटर्न, बिल-वॉउचर, रजिस्टर और अन्य लेखा विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। आशंका जताई जा रही है कि कई वर्षों से दाखिल किए जा रहे आयकर रिटर्न में अनियमितताएं हो सकती हैं। फिलहाल फैक्टरी के सभी प्रमुख अधिकारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। सिर्फ एचआर मैनेजर ही फैक्टरी से बाहर हैं, हालांकि वह टीम के पहुंचने के समय परिसर में मौजूद थे।
मंगलवार शाम पांच गाड़ियों से पहुंची टीम
आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार शाम करीब सवा छह बजे अचानक फैक्टरी पर दबिश दी थी। पांच गाड़ियों से पहुंचे अधिकारियों के साथ एक वाहन में पीएसी के जवान भी थे। फैक्टरी में दाखिल होते ही टीम ने सबसे पहले गेट को अंदर से बंद कराया और पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया। प्रारंभिक कार्रवाई में कर्मचारियों और अधिकारियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए। इसके बाद कार्यालय के लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर, बिल-वाउचर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की गई।
कर्मचारियों की सघन जांच, बाहर जाने पर सख्ती
जांच के दौरान फैक्टरी में बिना अनुमति आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई। गोदामों में काम कर रहे मजदूरों के मोबाइल भी लेकर शटर बंद कर काम जारी रखने की अनुमति दी गई। शिफ्ट समाप्त होने पर एक-एक कर्मचारी की तलाशी के बाद ही बाहर जाने दिया गया। बताया जाता है कि छापे की सूचना स्थानीय पुलिस चौकी या थाने को पहले से नहीं दी गई थी। पीएसी के जवान पूरे समय फैक्टरी परिसर में तैनात रहे।
उद्योग जगत में हलचल, अटकलों का दौर
मंगलवार देर शाम शुरू हुई इस कार्रवाई की जानकारी बुधवार सुबह फैली तो क्षेत्र के उद्यमियों और व्यापारियों में खलबली मच गई। कारोबारी एक-दूसरे से फोन पर संपर्क कर अपडेट लेने में जुट गए। फैक्टरी संचालक का फोन लगातार स्विच ऑफ मिलने से अटकलों का बाजार गर्म रहा। कोई सौ करोड़ तो कोई दो सौ करोड़ तक की संभावित टैक्स चोरी का अनुमान जताता रहा, हालांकि आयकर विभाग के अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। गोपनीयता बरकरार रखते हुए जांच जारी है।
आयकर में बड़ी हेराफेरी की आशंका
सूत्रों के अनुसार सुपीरियर इंडस्ट्रीज द्वारा दाखिल किए गए आयकर विवरण में बड़ी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। टीम अब पुराने वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, जिससे टैक्स जमा करने और वास्तविक उत्पादन/बिक्री के आंकड़ों के बीच अंतर का पता लगाया जा सके। फिलहाल फैक्टरी परिसर में सन्नाटा पसरा है और आयकर टीम की कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्षों के आधार पर बड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


