सलूंबर में हनुमान जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा:कोठारिया महादेव मंदिर से हुई शुरू, हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

सलूंबर में हनुमान जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा:कोठारिया महादेव मंदिर से हुई शुरू, हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

गुरुवार को चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर सलूम्बर शहर हनुमान जयंती के भक्तिमय रंग में डूबा रहा। इस अवसर पर भोई समाज के तत्वावधान में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने शहर के मुख्य मार्गों को भक्तिमय कर दिया। ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंग बली’ के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा। शोभायात्रा का विधिवत शुभारंभ कोठारिया महादेव मंदिर से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यह यात्रा बस स्टैंड, गांधी चौक, खटीक वाड़ा, पुलिस चौकी और होली चौक जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरी। ढोल नगाड़ों पर थिरके युवा शोभायात्रा में सबसे आगे ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवा थिरकते हुए चल रहे थे। उनके पीछे भगवान हनुमान की मनमोहक झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। यात्रा अंततः पुनः कोठारिया महादेव मंदिर पहुंचकर महाआरती के साथ संपन्न हुई। नगरवासियों का उमड़ा हुजूम शोभायात्रा में नगरवासियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में शामिल हुए। विशेष रूप से महिलाएं सामूहिक रूप से धार्मिक गीत गाते हुए चल रही थीं, जिससे भक्तिमय माहौल बन गया। “राम बिना म्हारी सूनी अयोध्या…” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते दिखे। पूरे मार्ग में लहराते केसरिया ध्वजों ने शहर को ‘केसरियामय’ स्वरूप प्रदान किया। जगह-जगह ठंडे पानी की व्यवस्था की शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए शहरवासी अपने घरों और दुकानों के बाहर खड़े थे। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह ठंडे पानी की व्यवस्था की गई थी। सांप्रदायिक सौहार्द के बीच निकली इस यात्रा के लिए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। केवल सलूम्बर शहर ही नहीं, बल्कि नवगठित सलूम्बर जिले के कोने-कोने में हनुमान जयंती का उल्लास देखा गया। जिले के विभिन्न हनुमान मंदिरों में सुबह से ही सुंदरकांड और अखंड रामायण के पाठ शुरू हो गए थे। शाम को मंदिरों में विशेष महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। इसके पश्चात भंडारों और महाप्रसाद का वितरण किया गया। भक्ति में डूबा नजर आया शहर यज्ञ-अनुष्ठान: कई स्थानों पर विश्व शांति और खुशहाली की कामना को लेकर विशेष यज्ञ और हवन किए गए। हनुमान जयंती पर सलूम्बर में भक्ति, शक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। देर रात तक मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी रहीं और पूरा जिला बजरंग बली की भक्ति में सराबोर नजर आया।

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