अररिया महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा सोमवार को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हुई। परीक्षा के पहले दिन किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार की कोई घटना सामने नहीं आई। केंद्राधीक्षक ने सख्त दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया। प्रथम पाली में सुबह 10 बजे से आर्ट्स संकाय के गृह विज्ञान (होम साइंस) और वाणिज्य (कॉमर्स) विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। इस पाली में कुल 101 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक हुई, जिसमें राजनीति शास्त्र, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति, मजदूर एवं सामाजिक कार्य, अर्थशास्त्र, ग्रामीण अर्थशास्त्र तथा उर्दू विषयों की परीक्षा ली गई। इन विषयों में कुल 341 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 12 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कदाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य सह केंद्राधीक्षक प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार के कदाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी स्टाफ और परीक्षार्थियों को पारदर्शिता, अनुशासन और नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। परीक्षा संचालन के लिए बहु-स्तरीय स्क्रीनिंग (जांच) की गई, ताकि कोई भी अनुचित साधन परीक्षा हॉल में प्रवेश न कर सके। परीक्षार्थियों को सुबह 9:30 बजे केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई और परीक्षा ठीक 10 बजे शुरू हुई। व्हाइटनर और प्रवेश पत्र लाने की इजाजत
अभ्यर्थियों को केवल आवश्यक सामग्री जैसे कलम, पेंसिल, रबर, व्हाइटनर और प्रवेश पत्र लाने की इजाजत थी। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या किसी भी प्रकार के चिट-पुर्जे लाने पर सख्त प्रतिबंध था। उल्लंघन करने वालों पर निष्कासन सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय परिसर में किसी भी परीक्षार्थी को दोपहिया या चारपहिया वाहन लाने की अनुमति नहीं थी। केंद्राधीक्षक ने कहा, “हमारा उद्देश्य स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त परीक्षा वातावरण बनाना है, जिससे छात्रों को अपनी योग्यता के अनुसार परीक्षा देने का पूरा अवसर मिले।” अधिकारियों और स्टाफ की सराहना
अररिया महाविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और स्टाफ की सराहना की। परीक्षा के शेष दिनों में भी इसी स्तर की सतर्कता और अनुशासन बनाए रखने का संकल्प लिया गया है। स्थानीय छात्रों और अभिभावकों ने इस कड़े प्रबंधन की सराहना की है। अररिया महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा सोमवार को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हुई। परीक्षा के पहले दिन किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार की कोई घटना सामने नहीं आई। केंद्राधीक्षक ने सख्त दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया। प्रथम पाली में सुबह 10 बजे से आर्ट्स संकाय के गृह विज्ञान (होम साइंस) और वाणिज्य (कॉमर्स) विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। इस पाली में कुल 101 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक हुई, जिसमें राजनीति शास्त्र, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति, मजदूर एवं सामाजिक कार्य, अर्थशास्त्र, ग्रामीण अर्थशास्त्र तथा उर्दू विषयों की परीक्षा ली गई। इन विषयों में कुल 341 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 12 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कदाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य सह केंद्राधीक्षक प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार के कदाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी स्टाफ और परीक्षार्थियों को पारदर्शिता, अनुशासन और नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। परीक्षा संचालन के लिए बहु-स्तरीय स्क्रीनिंग (जांच) की गई, ताकि कोई भी अनुचित साधन परीक्षा हॉल में प्रवेश न कर सके। परीक्षार्थियों को सुबह 9:30 बजे केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई और परीक्षा ठीक 10 बजे शुरू हुई। व्हाइटनर और प्रवेश पत्र लाने की इजाजत
अभ्यर्थियों को केवल आवश्यक सामग्री जैसे कलम, पेंसिल, रबर, व्हाइटनर और प्रवेश पत्र लाने की इजाजत थी। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या किसी भी प्रकार के चिट-पुर्जे लाने पर सख्त प्रतिबंध था। उल्लंघन करने वालों पर निष्कासन सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय परिसर में किसी भी परीक्षार्थी को दोपहिया या चारपहिया वाहन लाने की अनुमति नहीं थी। केंद्राधीक्षक ने कहा, “हमारा उद्देश्य स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त परीक्षा वातावरण बनाना है, जिससे छात्रों को अपनी योग्यता के अनुसार परीक्षा देने का पूरा अवसर मिले।” अधिकारियों और स्टाफ की सराहना
अररिया महाविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और स्टाफ की सराहना की। परीक्षा के शेष दिनों में भी इसी स्तर की सतर्कता और अनुशासन बनाए रखने का संकल्प लिया गया है। स्थानीय छात्रों और अभिभावकों ने इस कड़े प्रबंधन की सराहना की है।


