कैमूर के जंगल में एक दंपति की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। 20 फरवरी को पत्नी की लाश मिली थी। उसके शव से लिपटकर उसकी 6 माह की बेटी रो रही थी। जहां महिला का शव मिला था, वहीं से करीब 200 मीटर दूर 22 फरवरी को उसके पति की लाश भी बरामद हुई। घटना जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के रमावतपुर गांव की है। मृतका की पहचान 20 वर्षीय पिंकी कुमारी और मृतक पति की पहचान 22 वर्षीय उपेंद्र के रूप में हुई है। भगवानपुर थाना अध्यक्ष ने बताया कि महिला के शरीर पर चाकू के कई घाव थे। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। घटना में शामिल लोगों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। वहीं, परिजनों का कहना है कि महिला के साथ पहले अज्ञात लोगों ने दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके पति को भी पीट-पीटकर मार डाला। पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा घटनाक्रम… बैंक जाने निकले थे, लेकिन घर वापस नहीं लौटे
18 फरवरी की सुबह करीब 4 बजे पिंकी और उसके पति उपेंद्र साथ में घर से निकले थे। परिजनों के मुताबिक दोनों जैतपुर बैंक में पैसे निकालने जा रहे थे। उनके साथ छह माह की बच्ची भी थी। घरवालों को लगा था कि कुछ घंटों में दोनों लौट आएंगे, लेकिन पूरा दिन बीत गया और कोई खबर नहीं मिली। अगले दिन भी दोनों का पता नहीं चला। परिवार वाले इधर-उधर तलाश करते रहे, रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दो दिन बाद, 20 फरवरी की सुबह गांव से कुछ दूरी पर जंगल और खेत की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। जमीन पर पिंकी का शव पड़ा था और उसके पास ही उसकी छह माह की बेटी रो रही थी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग पहुंचे। पहचान करने पर पता चला कि शव उसी पिंकी का है, जो 18 फरवरी से लापता थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू हुई। चार दिन बाद पहाड़ी पर मिला पति का शव
पत्नी का शव मिलने के बाद से ही उपेंद्र की तलाश जारी थी। शुरुआत में परिजन और गांव के लोग यही मान रहे थे कि पत्नी की हत्या के बाद वह फरार हो गया है। लेकिन 22 फरवरी को मामला पलट गया। उपेंद्र की मां ने बताया कि पहाड़ी पर बकरी चरा रहे कुछ बच्चे दौड़ते हुए गांव आए। उन्होंने बताया कि जोगिया वीर बाबा पहाड़ी पर एक शव पड़ा है। परिवार वाले मौके पर पहुंचे तो देखा कि शव उपेंद्र का ही है। मां के मुताबिक, वे लोग चार दिन से उसे ढूंढ रहे थे। गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। दोनों पति-पत्नी सामान्य जीवन जी रहे थे। ऐसे में यह घटना कैसे हुई, परिवार को समझ नहीं आ रहा। उपेंद्र का शव जंगल में पड़ा मिला और हालत खराब थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसकी मौत भी उसी समय के आसपास हुई होगी, जब पिंकी की हत्या हुई। गलत काम करने गया, रोकने पर पीट-पीटकर मारा
पिंकी के परिजनों का कहना है कि अज्ञात लोगों ने पहले महिला के साथ गलत काम किया। विरोध करने पर उसके पति को भी पीट-पीटकर मार डाला गया। पहले परिवार वालों ने पति पर ही शक जताया था और थाने में शिकायत भी दी थी। लेकिन पति का शव मिलने के बाद मामला पूरी तरह रहस्यमयी हो गया। अब सवाल यह है कि अगर पति ही आरोपी था तो उसकी हत्या किसने की? गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। लोग खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। मोबाइल कॉल डिटेल की जांच की जा रही
भगवानपुर थाना अध्यक्ष ने बताया कि महिला के शरीर पर चाकू के कई गहरे घाव मिले थे। इससे साफ है कि हत्या धारदार हथियार से की गई है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। पति उपेंद्र के शव को बेहतर जांच के लिए पीएमसीएच पटना भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों की मौत एक ही समय के आसपास हुई है या अलग-अलग, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा। पुलिस ने बताया कि फॉरेंसिक टीम से भी साक्ष्य जुटाए गए हैं। घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, आवाजाही और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। थाना अध्यक्ष के मुताबिक, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि दोनों की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई। कैमूर के जंगल में एक दंपति की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। 20 फरवरी को पत्नी की लाश मिली थी। उसके शव से लिपटकर उसकी 6 माह की बेटी रो रही थी। जहां महिला का शव मिला था, वहीं से करीब 200 मीटर दूर 22 फरवरी को उसके पति की लाश भी बरामद हुई। घटना जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के रमावतपुर गांव की है। मृतका की पहचान 20 वर्षीय पिंकी कुमारी और मृतक पति की पहचान 22 वर्षीय उपेंद्र के रूप में हुई है। भगवानपुर थाना अध्यक्ष ने बताया कि महिला के शरीर पर चाकू के कई घाव थे। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। घटना में शामिल लोगों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। वहीं, परिजनों का कहना है कि महिला के साथ पहले अज्ञात लोगों ने दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके पति को भी पीट-पीटकर मार डाला। पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा घटनाक्रम… बैंक जाने निकले थे, लेकिन घर वापस नहीं लौटे
18 फरवरी की सुबह करीब 4 बजे पिंकी और उसके पति उपेंद्र साथ में घर से निकले थे। परिजनों के मुताबिक दोनों जैतपुर बैंक में पैसे निकालने जा रहे थे। उनके साथ छह माह की बच्ची भी थी। घरवालों को लगा था कि कुछ घंटों में दोनों लौट आएंगे, लेकिन पूरा दिन बीत गया और कोई खबर नहीं मिली। अगले दिन भी दोनों का पता नहीं चला। परिवार वाले इधर-उधर तलाश करते रहे, रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दो दिन बाद, 20 फरवरी की सुबह गांव से कुछ दूरी पर जंगल और खेत की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। जमीन पर पिंकी का शव पड़ा था और उसके पास ही उसकी छह माह की बेटी रो रही थी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग पहुंचे। पहचान करने पर पता चला कि शव उसी पिंकी का है, जो 18 फरवरी से लापता थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू हुई। चार दिन बाद पहाड़ी पर मिला पति का शव
पत्नी का शव मिलने के बाद से ही उपेंद्र की तलाश जारी थी। शुरुआत में परिजन और गांव के लोग यही मान रहे थे कि पत्नी की हत्या के बाद वह फरार हो गया है। लेकिन 22 फरवरी को मामला पलट गया। उपेंद्र की मां ने बताया कि पहाड़ी पर बकरी चरा रहे कुछ बच्चे दौड़ते हुए गांव आए। उन्होंने बताया कि जोगिया वीर बाबा पहाड़ी पर एक शव पड़ा है। परिवार वाले मौके पर पहुंचे तो देखा कि शव उपेंद्र का ही है। मां के मुताबिक, वे लोग चार दिन से उसे ढूंढ रहे थे। गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। दोनों पति-पत्नी सामान्य जीवन जी रहे थे। ऐसे में यह घटना कैसे हुई, परिवार को समझ नहीं आ रहा। उपेंद्र का शव जंगल में पड़ा मिला और हालत खराब थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसकी मौत भी उसी समय के आसपास हुई होगी, जब पिंकी की हत्या हुई। गलत काम करने गया, रोकने पर पीट-पीटकर मारा
पिंकी के परिजनों का कहना है कि अज्ञात लोगों ने पहले महिला के साथ गलत काम किया। विरोध करने पर उसके पति को भी पीट-पीटकर मार डाला गया। पहले परिवार वालों ने पति पर ही शक जताया था और थाने में शिकायत भी दी थी। लेकिन पति का शव मिलने के बाद मामला पूरी तरह रहस्यमयी हो गया। अब सवाल यह है कि अगर पति ही आरोपी था तो उसकी हत्या किसने की? गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। लोग खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। मोबाइल कॉल डिटेल की जांच की जा रही
भगवानपुर थाना अध्यक्ष ने बताया कि महिला के शरीर पर चाकू के कई गहरे घाव मिले थे। इससे साफ है कि हत्या धारदार हथियार से की गई है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। पति उपेंद्र के शव को बेहतर जांच के लिए पीएमसीएच पटना भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों की मौत एक ही समय के आसपास हुई है या अलग-अलग, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा। पुलिस ने बताया कि फॉरेंसिक टीम से भी साक्ष्य जुटाए गए हैं। घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, आवाजाही और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। थाना अध्यक्ष के मुताबिक, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि दोनों की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।


