गुजरात (Gujarat) में हाल ही में नकली नोट (Counterfeit Currency Notes) छापने के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। सूरत में एक गैंग नकली नोट छापने का रैकेट चला रहा था, जिसका पर्दाफाश अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने किया और इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 2.38 करोड़ रुपए के नकली नोट, प्रिंटर, कटर और सिक्योरिटी थ्रेड पेपर बरामद किए गए हैं। आरोपियों को शुक्रवार को अहमदाबाद स्थित अदालत में पेश किया।
हाई सिक्योरिटी फीचर्स के साथ तैयार किए गए थे नकली नोट
आरोपियों को रिमांड पर भेज दिया गया है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान कई चौकाने वाले राज़ सामने आए हैं। आरोपियों ने बताया कि नकली नोट हाई सिक्योरिटी फीचर्स के साथ तैयार किए गए थे। अब इन नोटों को आगे की जांच के लिए नागपुर स्थित प्रिंटिंग प्रेस भेजा जाएगा। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी पिछले 10 वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उन्होंने करीब ढाई से तीन करोड़ रुपए मूल्य के 500 रुपए के नकली नोट तैयार किए थे।
हो रही है जांच
पुलिस का कहना है कि आरोपी पूछताछ में पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए उनके बैंक खातों, आय के स्रोत और संभावित अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। मामले की आगे की जांच भी जारी है।
चीन कनेक्शन की हुई पुष्टि
पूछताछ के दौरान चीन कनेक्शन की भी पुष्टि हो गई। आरोपियों के पास अभी भी चीन से मंगाया गया इतना विशेष पेपर था कि ये उससे 500 के 5,600 और नकली नोट छाप सकते थे। आरोपियों ने चीन से ऑनलाइन ऑर्डर कर विशेष कागज मंगाया था।
बड़ी खेप की सप्लाई के दौरान पुलिस ने दबोचा
डीसीपी अजीत राज्यान ने बताया कि उन्हें बुधवार को सूचना मिली थी कि सूरत से अहमदाबाद के अमराईवाड़ी इलाके में नकली नोटों की खेप लाई जा रही है। ऐसे में पुलिस ने नाकेबंदी कर एक कार से 500 रुपए के 42,000 जाली नोट (2.10 करोड़ रुपए) बरामद हुए। कार में सवार एक महिला समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के आधार पर सूरत में दबिश देकर एक और आरोपी को पकड़ा गया, जहाँ से 28 लाख के नकली नोट और उपकरण मिले।


