आकश व उमेश शर्मा के परिजनों को मिलेंगे 5-5 लाख:मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मंजूर की गई आर्थिक सहायता

आकश व उमेश शर्मा के परिजनों को मिलेंगे 5-5 लाख:मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मंजूर की गई आर्थिक सहायता

मोहद्दीपुर स्थित चारफाटक ओवरब्रिज पर एक तेज रफ्तार फार्चुनर की चपेट में आकर जान गंवाने वाले एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय एवं नौकरीपेशा उमेश शर्मा के परिजनों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। गोरखपुर एवं संतकबीरनगर जिलाधिकारियों की ओर से इसकी संस्तुति की गई थी, जिसे मंजूरी मिल गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि रविवार या सोमवार तक दोनों मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद मिल जाएगी।
संतकबीरनगर के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के बरगदवामाफी, नगर पंचायत धर्मसिंहवा निवासी देवेंद्र नाथ पांडेय के पुत्र आकाश पांडेय होली की रात अपने दोस्त के यहां से खाना खाकर बीआरडी मेडिकल कालेज के हास्टल लौट रहे थे। वह चारफाटक ओवरब्रिज से कौवाबग की ओर उतरने वाले थे कि उधर से गलत दिशा में आयी तेज रफ्तार फार्चुनर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। जिससे आकाश हवा में उछलते हुए रेलिंग पर जाकर लटक गए। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अनियंत्रित फार्चुनर ने आकाश को टक्कर मारने के बाद उमेश शर्मा की स्कूटी में भी टक्कर मारी। जिससे उन्हें गंभीर चोट आयी। वह होली के अवसर पर अपनी बहन से मिलकर गीता वाटिका स्थित अपने मकान लौट रहे थे। दो दिनों तक कोमा में रहने के बाद 6 मार्च को उनकी भी मृत्यु हो गई। दो अन्य लोगों को मामूली चोटें आयी थीं। फार्चुनर चालक पर हत्या का मुकदमा
फार्चुनर चालक पर आकाश की मौत के मामले में पहले गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया। थोड़ी ही देर बाद दूसरे व्यक्ति को टक्कर मारने के कारण उसपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। वह निषाद पार्टी से जुड़ा है और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद को फूफा कहता है।
इधर सोशल मीडिया पर वायरल एक संदेश में कैबिनेट मंत्री डा. संजय कह रहे हैं कि उनकी ससुराल जिस गांव में है, वहीं का रहने वाला है चालक। उस गांव के लोग उन्हें फूफा कहते हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी निषाद पार्टी का कार्यकर्ता है। यदि उसने अपराध किया है तो उसे सजा मिलेगी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *