सिरसा शहर में परशुराम चौक स्थित जजपा नेता की दुकान पर प्रशासन की ओर से शुक्रवार देर शाम तक कार्रवाई की गई। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित भारी पुलिसबल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अब दुकान से कब्जा हटवा दिया है और उस जगह पर दीवार बनाकर पीड़ित को जगह दिलाई जाएगी, ताकि आगे उनके बीच आगे से झगड़ा न हो। कुछ हिस्से में शाम को ही दीवार बना दी और कुछ और बनाई जाएगी। ऐसे में पीड़ित जमीन मालिक अनिल व मनमोहन को 30 साल बाद न्याय मिला है। इस पर पीड़ित ने कोर्ट व प्रशासन के इस फैसले पर संतुष्टि जताई। कोर्ट में सबसे पहले 1991 में केस दायर किया था, जो उसी के हक में आया था। तब से पीड़ित व कब्जाधारी के बीच कोर्ट में केस चलता रहा। हर बार पीड़ित के पक्ष में फैसला आया। दरअसल, इस जगह को बीएंडआर ने बेचा और दुकानदार ने रजिस्ट्री करवाई थी और असल में बीएंडआर इस जमीन का मालिक ही नहीं है। वहीं, दुकानदार जजपा नेता योगेश शर्मा इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि ये जगह सरकार की है तो सरकार अपने कब्जे में ले, न कि अनिल या मनमोहन को मिले। उसे ये जगह लेने नहीं देंगे। चाहे उनको आमरण अनशन पर बैठना पड़े। ये 20 बाई 40 फुट जगह परशुराम चौक पर है, जिस पर बवाल मचा ये 20 बाई 40 फुट जगह, परशुराम चौक पर बाजार की ओर जाने वाले रास्ते के बिलकुल मेन बेगू रोड कोने पर है, जिसकी कीमत करोड़ में हैं। जजपा नेता योगेश शर्मा का यहां किरयाणा व खाद्य सामग्री का पुराना काम है। इस जमीन पर कई सालों से बवाल मचा था, पर सहमति नहीं बनी। मनमोहन गोयल का कहना है कि ये राजनीतिक लोग है और उन्हीं का प्रभाव है। जगह छोड़ नहीं रहे थे। तब उनके छोटे भाई अनिल गोयल के नाम से अपनी जमीन वापस लेने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की। सिलसिलेवार जानिएं पूरा मामला प्रशासन की टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब 11.30 बजे आते ही दुकान के एक साइड से तोड़फोड़ शुरू कर दी और जेसीबी से मलबा साथ के साथ ट्रैक्टर ट्राली में डाला जाने लगा। टीम ने कोर्ट केस का हवाला दिया। ये देख दुकानदारों ने पुलिस व प्रशासन से गुहार लगाई कि ये सामान शिफ्ट कर दिया जाए। तब तक कुछ देर की मौहलत दे दो, ताकि आर्थिक नुकसान न हो। ऐसे में टीम ने सामान उठाने का कुछ समय दिया। फिर प्रशासन टीम ने जेसीबी से दुकान के दूसरे हिस्से पर पंजा चला दिया। योगेश शर्मा लंबे समय से जजपा से जुड़े हैं और जिला महासचिव के पद पर है और इनसो में पहले जिलाध्यक्ष रहे हैं। इस दौरान जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला भी दुकानदार को सांत्वाना देने को आए थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट से जानकारी लेकर चले गए। बाद में ये कार्रवाई देर शाम तक चली। दुकानदार योगेश शर्मा पहले चंडीगढ गए हुए थे और देर शाम को वापस सिरसा लौटे। तब तक उनके भाई ने दुकान से सामान दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। दुकान के मालिक मनमोहन गोयल ने बताया कि इस जमीन का 1925 में कमेटी का नक्शा पास है। यह जगह 40 बाई 20 फुट है। इस पर आधी से ज्यादा जगह पर योगेश शर्मा ने कब्जा कर दीवार बना ली और जगह को अपने अधीन कर लिया। ये राजनीतिक लोग है। कई हथकंडे अपनाए। अब जगह मिली है। मनमोहन गोयल बोले, मेरे दादा मंगतराम ने किराए पर दी थी। इस जगह पर योगेश शर्मा ने कब्जा नहीं छोड़ा तो 1991 में सेशन कोर्ट में दावा किया था। सन 1998 में मेरे हक में फैसला आया। इस पर योगेश ने अपील कर दी। 1999 में मेरे हक में फैसला आया। फिर हाई कोर्ट में केस चला गया। 2014 में मेरे हक में फैसला आया। इस पर फिर हाई कोर्ट में अपील कर दी। फिर मेरे हक में फैसला आ गया। 5 जनवरी को नीचली अदालत ने प्रशासन को जगह खाली करवाने के लिए आदेश दिए।


