सीतापुर के मिश्रिख तहसील क्षेत्र के हुसैनपुर ग्राम पंचायत स्थित झाला के पास मंगलवार शाम को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने पहुंची राजस्व टीम पर कब्जेदारों ने हमला कर दिया। आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने पहले जातिसूचक गालियां दीं, फिर लेखपाल के साथ मारपीट की और सरकारी कागजात फाड़ दिए।इस घटना के बाद प्रशासनिक अमले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार उक्त स्थल पर परती/सीलिंग की सरकारी जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। इसी के तहत कब्जा हटाने की कार्रवाई के लिए लेखपाल संतोष कुमार राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होते ही वहां मौजूद कब्जेदारों ने विरोध शुरू कर दिया और स्थिति देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि मदन लाल सरदार, प्रमोद उर्फ लीला, अरविंद सिंह, धर्मेंद्र सिंह सहित पांच अज्ञात लोगों ने न सिर्फ कार्रवाई में बाधा डाली, बल्कि राजस्व कर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद मदन लाल और उनके भाई के बेटों ने मिलकर लेखपाल संतोष कुमार के साथ मारपीट की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राजस्व कर्मियों का आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने सरकारी दस्तावेज भी फाड़ दिए और सरकारी कार्य में जानबूझकर बाधा पहुंचाई। अचानक हुए हमले के कारण टीम को कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी। घटना के बाद लेखपाल संतोष कुमार ने थाना पिसावां में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है और तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपजिलाधिकारी शैलेन्द्र मिश्रा ने बताया की मामला संज्ञान में आया है आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।


