पन्ना जिले के सुनहरा गांव में आज बुधवार को दो सगी बहनों की मौत हो गई। रेलवे विभाग की ओर से खोदे गए गहरे तालाब में नहाने गईं दो सगी बहनों की डूबने से मौत हो गई। मृतक बच्चियों की पहचान रागिनी आदिवासी (8) और उसकी छोटी बहन आशिकी (6) आदिवासी के रूप में हुई है। दोनों अमानगंज के रामपुर गांव की निवासी थीं और अपने पिता कृष्णे आदिवासी मजदूरी करते है। उसकी तीन बेटियों में से दो थीं। परिजन के अनुसार, बच्चियां 24 मार्च को अपनी मां के साथ नानी के घर सुनहरा आई थीं। मां बच्चियों को नानी के पास छोड़कर अपने गांव लौट गई थीं। सहेलियों के साथ तालाब किनारे खेलने-नहाने गई थी आज दोपहर दोनों बहनें अन्य सहेलियों के साथ तालाब किनारे खेलने और नहाने गई थीं। बताया जा रहा है कि नहाते समय छोटी बहन आशिकी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूबने लगी। उसे बचाने के लिए बड़ी बहन रागिनी आगे बढ़ी, लेकिन गहरे पानी का अंदाजा न होने के कारण वह भी डूब गई। साथ मौजूद अन्य बच्चियों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों को बाहर निकाला। दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा परिजनों की ओर से दोनों बच्चियों को तुरंत जिला चिकित्सालय पन्ना ले जाया गया। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. सौरभ त्रिपाठी ने जांच के उपरांत दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि रेलवे विभाग द्वारा खोदे गए इस तालाब के आसपास सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले पिता कृष्णे आदिवासी ने अपनी दो बेटियों को एक साथ खो दिया है।


