सिडनी में गूंजेगी बिहारी अस्मिता की गूंज:अंतर्राष्ट्रीय बिहार दिवस पर सम्मानित होंगे कवि संजीव मुकेश, IGNOU मुख्यालय में हैं पोस्टेड

सिडनी में गूंजेगी बिहारी अस्मिता की गूंज:अंतर्राष्ट्रीय बिहार दिवस पर सम्मानित होंगे कवि संजीव मुकेश, IGNOU मुख्यालय में हैं पोस्टेड

आगामी 22 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित भारतीय वाणिज्यिक दूतावास में ‘अंतर्राष्ट्रीय बिहार दिवस’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। पूर्वी इंटरनेशनल एवं बिहार झारखंड कम्युनिटी ऑस्ट्रेलिया के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में नालंदा के लाल और देश के चर्चित युवा कवि संजीव मुकेश को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। कॉन्सुलेट जनरल डॉ. एस. जानकीरमण की गरिमामयी उपस्थिति में होने वाले इस उत्सव में संजीव मुकेश को उनके विशिष्ट साहित्यिक व सांस्कृतिक योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा। वैश्विक मंच पर दिखेगी बिहार की सांस्कृतिक झलक पूर्वी इंटरनेशनल एवं बिहार झारखंड कम्युनिटी ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बिहारी अस्मिता, कला और संस्कृति को वैश्विक मंच प्रदान करना है। सात समंदर पार भी प्रवासी भाई-बहन अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। इस वर्ष बिहार की चेतना और गौरव को अपने गीतों के माध्यम से देश भर में गुंजायमान करने वाले ‘गांव का लड़का’ नाम से प्रसिद्ध कवि संजीव मुकेश आकर्षण का केंद्र होंगे। इस गौरवशाली उत्सव के लिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह सहित कई गणमान्य विभूतियों ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
नालंदा के अस्थावां से सिडनी तक का सफर मूल रूप से नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड स्थित जीयर गांव के रहने वाले संजीव मुकेश वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) मुख्यालय, दिल्ली में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता उमेश प्रसाद ‘उमेष’ भी मगही और हिंदी के प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। संजीव मुकेश ने अपनी कविताओं और ‘चलें हम प्रेरित करें बिहार’ जैसे चर्चित गीतों से युवाओं में एक नई जन-चेतना जागृत की है। उन्होंने आईआईटी पटना, केसरिया महोत्सव और थावे महोत्सव सहित देश के दर्जनों प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी काव्य प्रस्तुति दी है। दर्जनों राष्ट्रीय सम्मानों से हैं अलंकृत हिंदी और मगही साहित्य में अपनी अलग पहचान बनाने वाले संजीव मुकेश को अब तक बिहार गौरव सम्मान (2024), छठ सेनानी अवार्ड, और विश्व हिंदी सेवा सम्मान सहित दर्जनों पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। गौरतलब है कि उनका देशभक्ति गीत ‘यही तो मेरा देश है’ गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आकाशवाणी के सभी नेटवर्क से 22 भारतीय भाषाओं में प्रसारित होकर देश भर में सुर्खियां बटोर चुका है। सिडनी में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम न केवल नालंदा बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है। आगामी 22 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित भारतीय वाणिज्यिक दूतावास में ‘अंतर्राष्ट्रीय बिहार दिवस’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। पूर्वी इंटरनेशनल एवं बिहार झारखंड कम्युनिटी ऑस्ट्रेलिया के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में नालंदा के लाल और देश के चर्चित युवा कवि संजीव मुकेश को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। कॉन्सुलेट जनरल डॉ. एस. जानकीरमण की गरिमामयी उपस्थिति में होने वाले इस उत्सव में संजीव मुकेश को उनके विशिष्ट साहित्यिक व सांस्कृतिक योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा। वैश्विक मंच पर दिखेगी बिहार की सांस्कृतिक झलक पूर्वी इंटरनेशनल एवं बिहार झारखंड कम्युनिटी ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बिहारी अस्मिता, कला और संस्कृति को वैश्विक मंच प्रदान करना है। सात समंदर पार भी प्रवासी भाई-बहन अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। इस वर्ष बिहार की चेतना और गौरव को अपने गीतों के माध्यम से देश भर में गुंजायमान करने वाले ‘गांव का लड़का’ नाम से प्रसिद्ध कवि संजीव मुकेश आकर्षण का केंद्र होंगे। इस गौरवशाली उत्सव के लिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह सहित कई गणमान्य विभूतियों ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
नालंदा के अस्थावां से सिडनी तक का सफर मूल रूप से नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड स्थित जीयर गांव के रहने वाले संजीव मुकेश वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) मुख्यालय, दिल्ली में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता उमेश प्रसाद ‘उमेष’ भी मगही और हिंदी के प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। संजीव मुकेश ने अपनी कविताओं और ‘चलें हम प्रेरित करें बिहार’ जैसे चर्चित गीतों से युवाओं में एक नई जन-चेतना जागृत की है। उन्होंने आईआईटी पटना, केसरिया महोत्सव और थावे महोत्सव सहित देश के दर्जनों प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी काव्य प्रस्तुति दी है। दर्जनों राष्ट्रीय सम्मानों से हैं अलंकृत हिंदी और मगही साहित्य में अपनी अलग पहचान बनाने वाले संजीव मुकेश को अब तक बिहार गौरव सम्मान (2024), छठ सेनानी अवार्ड, और विश्व हिंदी सेवा सम्मान सहित दर्जनों पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। गौरतलब है कि उनका देशभक्ति गीत ‘यही तो मेरा देश है’ गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आकाशवाणी के सभी नेटवर्क से 22 भारतीय भाषाओं में प्रसारित होकर देश भर में सुर्खियां बटोर चुका है। सिडनी में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम न केवल नालंदा बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *