सरकारी स्कूल में एडमिशन बढ़ाने और वंचितों को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से सरकारी स्कूल के टीचर्स को इस बार भी घर-घर पहुंचकर सर्वे करना होगा। एडमिशन बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा। कोरोना काल के बाद से सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या लगातार कम हो रही है। ऐसे में इस बार सरकारी स्कूल टीचर्स को नामांकन बढ़ाने के लिए पूरा दम लगाना पड़ रहा है। प्राइवेट स्कूलों की तरह इस बार सरकारी स्कूलों में भी एक अप्रैल से ही सेशन शुरू किया जा रहा है ताकि एडमिशन हो सके। राजस्थान में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षा विभाग ने प्रवेशोत्सव सघन अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 25 मार्च 2026 से घर-घर सर्वे शुरू होगा, जिसमें 3 से 18 वर्ष तक के ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जो स्कूल से वंचित हैं या पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। आदेश के अनुसार अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 27 मार्च, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल और 15 अप्रैल 2026 को विशेष सघन अभियान दिवस घोषित किए गए हैं। इन दिनों शिक्षकों की टीम गांवों और मोहल्लों में घर-घर जाकर बच्चों की जानकारी जुटाएगी और उन्हें स्कूल में नामांकित कराने के लिए प्रेरित करेगी। अभियान के तहत पीईईओ व यूसीईईओ अपने क्षेत्र के शिक्षकों और कर्मचारियों को समूहों में बांटकर पंचायत क्षेत्र के सभी घरों का सर्वे कराएंगे। सर्वे के दौरान अनामांकित, ड्रॉपआउट और प्रथम प्रवेश योग्य बच्चों का डेटा डिजिटल प्रवेशोत्सव ऐप में दर्ज किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार प्रत्येक अभियान दिवस पर 25 प्रतिशत स्टाफ घर-घर सर्वे करेगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत कर्मचारी विद्यालयों में नियमित कार्य करेंगे। अगले चरणों में अन्य कर्मचारियों को भी इसी प्रकार सर्वे में लगाया जाएगा। अभियान की निगरानी के लिए जिला और राज्य स्तर के अधिकारी विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे और सर्वे की गुणवत्ता व डेटा एंट्री की जांच करेंगे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल सर्वे करना नहीं, बल्कि “कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे” इस लक्ष्य को सुनिश्चित करना है।


