mp news: मध्यप्रदेश के छतरपुर में व्यस्ततम श्यामाप्रसाद मुखर्जी अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर शनिवार दोपहर मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। यहां एक अज्ञात व्यक्ति की अचानक मौत हो गई, लेकिन लगभग दो घंटे तक शव बस स्टैंड परिसर में ही पड़ा रहा, जबकि नगरपालिका और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई तत्काल मदद नहीं मिली। शव को कुत्ते सूंघते रहे और लोग उसके आसपास से ही गुजरते रहे, बाद में एक टैक्सी चालक ने इंसानियत दिखाई और अपनी गाड़ी से शव को अस्पताल पहुंचाया।
शव खुले में पड़ा रहा, लोग गुजरते रहे और कुत्ते सूंघते रहे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मृतक की उम्र लगभग 45 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। वह पिछले काफी समय से बस स्टैंड पर घूमता रहता था, मांगकर खाता-पीता था और रात में यहीं सो जाया करता था। ठंड के चलते उसके पास पर्याप्त कपड़े नहीं थे और संभवत: इसी वजह से उसकी मौत हुई। जिस वक्त व्यक्ति का शव बस स्टैंड पर पड़ा था तब बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही जारी थी और कुत्ते शव को सूंघते रहे। हालांकि कुछ देर बाद कुछ दुकानदारों ने इंसानियत दिखाई और अपने पैसे से 120 रुपये में सफेद चादर खरीदकर शव ढक दिया।
टैक्सी चालक ने दिखाई इंसानियत
बताया गया है कि मृतक रोजाना की तरह धूप लेने के लिए बस स्टैंड पर बैठा था, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। पुलिस तो मौके पर पहुंच गई, लेकिन शव वाहन या अस्पताल ले जाने की कोई सरकारी मदद नहीं मिली। काफी देर इंतजार के बाद, एक टैक्सी चालक ने इंसानियत की मिसाल पेश की और शव को बिना किसी शुल्क के अपने वाहन में अस्पताल ले जाने का बीड़ा उठाया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।


