भर्ती परीक्षाओं की तिथि घोषित, नकल प्रकरण के चलते पूर्व में कर दी गई थी निरस्त

भर्ती परीक्षाओं की तिथि घोषित, नकल प्रकरण के चलते पूर्व में कर दी गई थी निरस्त

Recruitment Exam Date Announced : आयोग ने दो महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं की तिथियां घोषित कर दी हैं। बता दें कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग 21 सितंबर 2025 को स्नातक स्तरीय पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी आदि पदों  के लिए परीक्षा कराई थी। उसी दौरान एक केंद्र में नकल का मामला सामने आया था। इस पर सरकार ने परीक्षा को रद्ध कर दिया था। यूकेएसएसएससी के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनाल के मुताबिक पटवारी, लेखपाल और ग्राम विकास अधिकारी भर्ती की परीक्षा को दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है। अब इस परीक्षा को पारदर्शिता के साथ दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, विशेष तकनीकी अर्हता के विभिन्न पदों के लिए परीक्षा तीन मई को होगी। स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा का आयोजन 17 मई 2026 को होगा। परीक्षा रद्द होने से परेशान अभ्यर्थियों के लिए यह राहत भरी खबर है, क्योंकि उन्हें अब तैयारी के लिए स्पष्ट समय मिल गया है।

18 पदों के लिए टैब आधारित परीक्षा

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग विभिन्न विभागों में तकनीकी अर्हता वाले 18 प्रकार के पदों के लिए परीक्षा टैब-आधारित कराएगा। सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल के मुताबिक तीन दिसंबर को 57 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन पदों के लिए 5872 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। टैब-आधारित प्रणाली के लिए आयोग इच्छुक एजेंसियों को आमंत्रित कर रहा है। एजेंसियां 27 मार्च तक आयोग की वेबसाइट या ई-मेल से सूचित कर सकती हैं। चयनित एजेंसियों को चार अप्रैल को सुबह 11:00 बजे आयोग कार्यालय में प्रस्तुतिकरण देना होगा।

ऐसे लीक हुआ था पेपर

उत्तराखंड में 21 सितंबर 2025 को स्नातक स्तरीय पटवारी, लेखपाल भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था।  परीक्षा शुरू होने के 35-40 मिनट के भीतर ही प्रश्न पत्र के तीन पन्ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। इससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था। लोग भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को सवालों के घेरे में खड़ा करने लगे थे। मामले में मुख्य आरोपी खालिद मोहम्मद सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। खालिद ने हरिद्वार के एक केंद्र से पेपर की फोटो अपनी बहन को भेजी, जो आगे प्रसारित हुई। इस प्रकरण में नकल माफिया हाकम सिंह का नाम भी सामने आया। इस मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंप दी गई थी। भारी विरोध के बाद, जस्टिस (रिटायर्ड) यूसी ध्यानी की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने 21 सितंबर की परीक्षा को रद्द कर दिया और दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की थी।

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