बिहार महोत्सव की कोर कमेटी की बैठक:राष्ट्रपति भवन में हुई, अगला आयोजन होगा और भव्य

बिहार महोत्सव की कोर कमेटी की बैठक:राष्ट्रपति भवन में हुई, अगला आयोजन होगा और भव्य

बिहार महोत्सव की आगामी तैयारियों और अब तक की सफलताओं की समीक्षा के लिए शनिवार को कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राष्ट्रपति भवन परिसर में हुई, जिसमें मोतिहारी सहित बिहार के कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य महोत्सव के मूल विचार, उसकी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श करना था। महोत्सव 2003 से लगातार बिना अनुदान के हो रहा आयोजित बैठक में मोतिहारी से आए बिहार महोत्सव के प्रणेता और बिहार सरकार से प्रदर्श कला के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त वरिष्ठ रंगकर्मी प्रसाद रत्नेश्वर ने महोत्सव के उद्देश्यों और इसके सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह महोत्सव वर्ष 2003 से लगातार बिना किसी सरकारी अनुदान के आयोजित हो रहा है। इसने सैकड़ों बिहारी कलाकारों को दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया है। यह आयोजन दिल्ली में बिहारी पहचान का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अनुष्ठान बन गया है, जो बिहार की कला, संस्कृति और साहित्य के संरक्षण के साथ-साथ दिल्ली में रह रहे बिहारियों को एकजुट करता है। बिहार महोत्सव समिति दिल्ली में बिहारियों के हितों के लिए कार्यरत संस्थाध्यक्ष मोहन कुमार गुप्ता ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बिहार महोत्सव समिति दिल्ली में बिहार और बिहारियों के हितों के लिए कार्यरत विभिन्न संस्थाओं की एक समन्वय समिति के रूप में कार्य करती है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी बिहार महोत्सव पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक भव्य और व्यापक होगा। इसके लिए कोर कमेटी की बैठक के साथ ही तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। लोक नृत्य, गीत-संगीत में निपुण दलों को आमंत्रित किया जाएगा जन संपर्क अधिकारी और कोषाध्यक्ष राकेश वर्मा ने बताया कि इस बार बिहार के लोक नृत्य, गीत-संगीत में निपुण लगभग एक दर्जन सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बिहार में जन्मी राष्ट्रीय विभूतियों को सम्मानित करने की भी योजना बनाई गई है। इस बैठक में इंजीनियर राकेश कुमार, अधिवक्ता मो. शहाबुद्दीन मुस्तफा, आर्यन कुमार, सुमित कुमार पांडेय, शिक्षासेवी अविनाश पासवान और महोत्सव समिति के वरिष्ठ सचिव दीपक मिश्रा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। बिहार महोत्सव की आगामी तैयारियों और अब तक की सफलताओं की समीक्षा के लिए शनिवार को कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राष्ट्रपति भवन परिसर में हुई, जिसमें मोतिहारी सहित बिहार के कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य महोत्सव के मूल विचार, उसकी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श करना था। महोत्सव 2003 से लगातार बिना अनुदान के हो रहा आयोजित बैठक में मोतिहारी से आए बिहार महोत्सव के प्रणेता और बिहार सरकार से प्रदर्श कला के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त वरिष्ठ रंगकर्मी प्रसाद रत्नेश्वर ने महोत्सव के उद्देश्यों और इसके सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह महोत्सव वर्ष 2003 से लगातार बिना किसी सरकारी अनुदान के आयोजित हो रहा है। इसने सैकड़ों बिहारी कलाकारों को दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया है। यह आयोजन दिल्ली में बिहारी पहचान का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अनुष्ठान बन गया है, जो बिहार की कला, संस्कृति और साहित्य के संरक्षण के साथ-साथ दिल्ली में रह रहे बिहारियों को एकजुट करता है। बिहार महोत्सव समिति दिल्ली में बिहारियों के हितों के लिए कार्यरत संस्थाध्यक्ष मोहन कुमार गुप्ता ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बिहार महोत्सव समिति दिल्ली में बिहार और बिहारियों के हितों के लिए कार्यरत विभिन्न संस्थाओं की एक समन्वय समिति के रूप में कार्य करती है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी बिहार महोत्सव पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक भव्य और व्यापक होगा। इसके लिए कोर कमेटी की बैठक के साथ ही तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। लोक नृत्य, गीत-संगीत में निपुण दलों को आमंत्रित किया जाएगा जन संपर्क अधिकारी और कोषाध्यक्ष राकेश वर्मा ने बताया कि इस बार बिहार के लोक नृत्य, गीत-संगीत में निपुण लगभग एक दर्जन सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बिहार में जन्मी राष्ट्रीय विभूतियों को सम्मानित करने की भी योजना बनाई गई है। इस बैठक में इंजीनियर राकेश कुमार, अधिवक्ता मो. शहाबुद्दीन मुस्तफा, आर्यन कुमार, सुमित कुमार पांडेय, शिक्षासेवी अविनाश पासवान और महोत्सव समिति के वरिष्ठ सचिव दीपक मिश्रा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।  

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