दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब आगे क्या पढ़ें, इस सवाल से जूझने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी खबर है। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब 10वीं पास विद्यार्थियों को सही संकाय आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स या वोकेशनल चुनने के लिए स्कूल स्तर पर ही अनिवार्य रूप से कॅरियर काउंसलिंग दी जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को आदेश जारी कर इस कार्यक्रम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
दबाव नहीं, रुचि और क्षमता बनेगी आधार
अक्सर विद्यार्थी दोस्तों की देखादेखी या पारिवारिक दबाव में आकर गलत विषय चुन लेते हैं। नए निर्देशों के तहत अब ऐसा नहीं होगा। स्कूलों के शिक्षक विद्यार्थियों की रुचि, योग्यता और शैक्षणिक क्षमता का आकलन कर उन्हें सही मार्गदर्शन देंगे। इसके लिए स्कूलों में संकाय परिचय सत्र और अभिभावक-परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी। शिक्षकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी विशेष संकाय के लिए छात्रों पर दबाव न डालें बल्कि सभी स्ट्रीम्स के रोजगार अवसरों को समान रूप से बताएं। यदि कोई विद्यार्थी अपनी योग्यता के अनुसार ऐसा विषय पढ़ना चाहता है जो उसके वर्तमान विद्यालय में उपलब्ध नहीं है, तो शिक्षक उसे शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से नजदीकी स्कूल की जानकारी देंगे। स्कूल विद्यार्थी के घर से 5 किमी दूरी पर है, तो उसे ट्रांसपोर्ट वाउचर का लाभ मिलेगा।
सीनियर सेकेंडरी परीक्षा के नतीजों के बाद अब केवल अंकों की करा सकेंगे जांच
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने सीनियर सेकेंडरी विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग एवं वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित करने के साथ ही उत्तर-पुस्तिकाओं की संवीक्षा और स्कैन फोटो प्रति प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड की ओर से जारी सूचना के अनुसार परीक्षार्थी बिना विलम्ब शुल्क के 7 अप्रेल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
दो चरणों में होगा आवेदन, ई-मित्र या स्वयं के स्तर पर सुविधा
बोर्ड सचिव के अनुसार जो परीक्षार्थी अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे निर्धारित अवधि में आवेदन कर सकते हैं। सामान्य शुल्क के साथ आवेदन की अंतिम तिथि 7 अप्रेल है। जबकि विलम्ब शुल्क के साथ 10 अप्रेल तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.rajeduboard.rajasthan.gov.in पर दिए गए SCRUTINY-2026 लिंक के माध्यम से स्वयं या ई-मित्र कियोस्क के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
पुनर्मूल्यांकन नहीं, केवल होगी अंकों की जांच
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा विनियम 1957 के प्रावधानों के तहत पुनर्मूल्यांकन का कोई नियम नहीं है। संवीक्षा के तहत केवल त्रुटियों का सुधार किया जाएगा। इसमें उत्तर-पुस्तिका के अंकों के योग में भिन्नता। किसी प्रश्न में अंक नहीं दिए गए हों। उत्तर-पुस्तिका और अंकतालिका में दर्ज अंकों में अंतर।
एसएमएस से मिलेगा पासवर्ड, ऑनलाइन देख सकेंगे कॉपी
आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद परीक्षार्थी को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से पंजीकरण संख्या और पासवर्ड भेजा जाएगा। इसकी मदद से छात्र अपनी उत्तर-पुस्तिका की स्कैन कॉपी ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकेंगे। यदि उत्तर-पुस्तिका देखने के बाद किसी परीक्षार्थी को आपत्ति है, तो वह परिणाम प्राप्त होने के 5 दिवस के भीतर 100 रुपए प्रति विषय शुल्क के साथ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकता है।


