नवरात्र पर्व की महाअष्टमी तिथि पर पूरा शहर शक्ति उपासना में डूबा नजर आया। सुबह से देर शाम तक देवी मंदिरों में हवन, पूजन और नारियल, चुनरी अर्पित करने तांता लगा रहा। हजारों भक्तों ने दुर्गा शप्तसती के श्लोकों पर माता के आंगन से लेकर घरों में आहुतियां दी। प्राचीन महामाया और आकाशवाणी चौक कालीमाता के दरबार में जिसको जहां जगह मिली, वहीं पर दोना-पत्तल में स्वाहा-स्वाहा… की गूंज के बीच हवन किया। पुजारियों के अनुसार महाष्टमी तिथि पर 10 से 12 क्विंटल हवन सामग्री की आहुतियां होने का अनुमान है। अभिषेक पूजन के साथ दो बार महाआरती की गई। इसके साथ ही ज्योत-जवारा विसर्जन बाजे-गाजे से करने की धूम जगह-जगह रही। यह सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
अष्टभुजी माता के आठों हाथों में तलवार, त्रिशूल, चक्र के दर्शन
प्राचीन महामाया मंदिर में ऐसा दो बार अवसर आता है, जब मां के वीरमुद्रा में दर्शन होते हैं। अष्टमी और नवमी की युति पर मां महामाया मंदिर में हवन पूर्णाहुति के बाद अर्धरात्रि में राज ज्योत सहित समस्त मनोकामना ज्योत का विसर्जन किया गया। फिर गर्भगृह में मां महामाया एवं मां समलेश्वरी के सामने शस्त्र पूजा में शस्त्र श्रृंगार किया गया है। आठों हाथों में शस्त्र तलवार, त्रिशूल, चक्र, धनुष बाण आदि धारण के साथ ही मातेश्वरी के दर्शन वीर मुद्रा में हुआ। इन्हीं शस्त्रों से माता राक्षसों का संहार करती हैं। भागवताचार्य पंडित मनोज शुक्ला महाराज ने बताया कि यह शस्त्र श्रृंगार वर्ष भर में मात्र 2 बार ही, नवरात्रि पर्व के ज्योत विसर्जन वाली रात होता है। इस दुर्लभ छवि के दर्शन शुक्रवार नवमी को दिनभर किया जा सकता है। सुबह 11 बजे कन्या पूजन होगा फिर साढ़े 12 बजे आरती और माता को 56 भोग लगेगा।
छत्तीसगढ़ नगर शीतला मंदिर से भव्य जवारा विसर्जन झांकी
छत्तीसगढ़ नगर शीतला मंदिर से ज्योत जवारा विसर्जन की भव्य झांकी निकाली गई। इसमे पांच वर्ष के बच्चे ने भी माता की शक्ति के रूप में बाना धारण किया था। सैकड़ों भक्त बाना लेकर माता की भक्ति में लीन हो कर नित्य कर रहे थे। वही एक भक्त अपने शरीर में 101 बना पूरे शरीर में धारण किया। कन्याओं द्वारा ज्योत जवारा कलश को विसर्जन के लिए निकल पड़े, जहां वार्ड के पूर्व पार्षद निशा देवेंद्र यादव एवं उनकी टीम ने स्टेज से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। भक्तों के लिए विशाल भंडारा के साथ शीतल जल का वितरण भी रहा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने अतिथि के रूप में माता की झांकी का अभिनंदन किया।
दंतेश्वरी मंदिर रावांभाठा में भंडारे में लिया प्रसाद
माता दंतेश्वरी मंदिर रावांभाठा में अविनाश पांडे के नेतृत्व में महाअष्टमी के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया। युद्ध के संकट दौर में इस बार भंडारे में गैस के स्थान पर लकड़ी का उपयोग किया। लगभग 300 किलोग्राम आटे की पूड़ियां एवं सब्ज़ी तैयार की गई। प्रसादी वितरण में सभी सदस्यों ने सेवाएं दी।


