बरेली। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के दौरान जाटवपुरा, बान खाना और मौलानगर स्थित अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटरों का औचक निरीक्षण होते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। निरीक्षण में कई जगह व्यवस्थाओं की पोल खुल गई, जिससे विभागीय दावों की हवा निकल गई।
डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी ने खुद मोर्चा संभालते हुए मरीजों से आमने-सामने बातचीत की। मरीजों ने दवाओं, इंतजार और साफ-सफाई को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जताई, जिससे जमीनी हकीकत उजागर हो गई।
गड़बड़ियों पर अधिकारियों की सख्त नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों पर अव्यवस्थाएं मिलने पर डिप्टी सीएमओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई और साफ शब्दों में कहा कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। डॉ. लईक अंसारी ने चेतावनी दी कि अगर दोबारा खामियां मिलीं तो सीधे जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि जमीन पर सुधार दिखाई देना चाहिए।
ओपीडी से लेकर दवाओं तक कसेंगे शिकंजा
अधिकारियों ने समय से ओपीडी संचालन, दवाओं की पूरी उपलब्धता, जांच सेवाएं, टीकाकरण और साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मरीजों से बदसलूकी या टालमटोल करने पर भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दावा किया कि सामने आई कमियों को तुरंत दूर किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अब स्वास्थ्य केंद्रों पर मनमानी नहीं चलेगी और आम जनता को बेहतर इलाज देना हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।


