वाराणसी दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ताबड़तोड़ कार्यक्रमों में भागीदारी की। जनसुनवाई केंद्रों और बूथों पर पहुंचकर SIR की प्रगति परखी। कम्पोजिट विद्यालय कबीरचौरा स्थित नोटिस सुनवाई केंद्र पर औचक निरीक्षण में हालात जाने। निस्तारण की प्रक्रिया और दुश्वारियां भी जानी। गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल चौकाघाट में 384 पिण्डरा, 385 अजगरा (अजा), 386 शिवपुर, 387 रोहनियां, 388 वाराणसी उत्तरी, 389 वाराणसी दक्षिणी, 390 वाराणसी कैण्टोमेन्ट एवं 391 सेवापुरी के बीएलओ एवं सुपरवाइजरों से संवाद किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को सम्मानित किया । उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा सबसे पहले कबीरचौरा नोटिस सुनवाई केन्द्र पर पहुंचे। केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं, कार्य प्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था एवं नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया गया। नागरिकों एवं मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। सीईओ ने अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण किये जाने के निर्देश दिए। राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर सुझाव लिए प्रक्रिया में उनके द्वारा दिये जा रहे उत्कृष्ट सहयोग की प्रशंसा की। नोटिस सुनवाई केन्द्रों पर आने वाले नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर विशेष बल दिया गया। बीएलओ स्तर पर सुनवाई, वीडियो काल पर वेरीफिकेशन व साफ्ट कापी पर आईडी चेक करने की पहल के बारे में जानकारी दी गयी। वाराणसी में 25 लाख से अधिक मतदाता मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले की समस्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में 6 जनवरी को प्रकाशित सूची के अनुसार कुल 25,80,502 मतदाता शामिल हैं। जिसमें से कुल 1,62,888 मतदाता नो मैपिंग श्रेणी में तथा कुल 784679 मतदाता लॉजिकल डिस्कीपेन्सी की श्रेणी में है। कुल 9,49,015 मतदाताओं का नोटिस जनरेट किया गया जिसके सापेक्ष 287102 (30.25 प्रतिशत) मतदाताओं को सुनवाई के लिए नोटिस बीएलओ द्वारा मतदाताओं को प्राप्त कराये गए। जिसमें से 1,99,322 (21 प्रतिशत) नोटिस की सुनवाई संबंधित निर्वाचक एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा पूर्ण कर ली गयी है। सुनवाई के लिए 28 तारीख अंतिम है। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 24 बीएलओ, 08 बीएलओ सुपरवाइजर्स, 2 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 1 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित भी किया गया। उनके कार्यों की चर्चा भी की। निष्पक्ष मूल्यांकन का निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणदीप ने सुबह वाराणसी के कबीर चौरा स्थित कंपोजिट विद्यालय एबीआरसी में चल रही दावे आपत्तियों की सुनवाई प्रक्रिया का निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं सुनवाई की पारदर्शिता समयबद्धता और मतदाताओं के अनुभव की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष मूल्यांकन हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से वंचित न रहे। आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों को पर्याप्त मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राजनीतिक दलों के साथ बैठक में मिले सुझाव मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को वाराणसी पहुंचने पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ लगभग चालीस से पैंतालीस मिनट तक बैठक की। बैठक में पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर दलों ने अपने अनुभव साझा किए और व्यावहारिक सुझाव रखे। निर्वाचन विभाग की ओर से भी पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त सुझावों को गंभीरता से नोट किया गया है और जहां संभव होगा वहां प्रक्रियागत सुधार किए जाएंगे ताकि मतदाता सूची तैयार करने की प्रणाली अधिक भरोसेमंद बन सके। बीएलओ और सुपरवाइजरों से संवाद प्रदेश भर की विधानसभाओं से आए लगभग पांच सौ बूथ लेवल अधिकारी और सुपरवाइजरों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें फील्ड में सामने आने वाली चुनौतियों कठिनाइयों और समाधान के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। आयोग का मानना है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के अनुभव से व्यवस्था को अधिक दक्ष बनाया जा सकता है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ और सुपरवाइजरों को सम्मानित करने की भी योजना है ताकि कर्मियों का मनोबल बढ़े और कार्य गुणवत्ता में सुधार हो। पृष्ठभूमि और प्रक्रिया की स्थिति वाराणसी पहुंचे मुख्य निर्वाचन अधिकारी को गार्ड आफ ऑनर दिया गया। गारद ने उन्हें सशस्त्र सलामी दी। गार्ड आफ आनर के समय पुलिस और प्रशानिक अफसर भी मौजूद रहै। मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत फार्म छह फार्म सात और फार्म आठ भरने का विकल्प अभी भी उपलब्ध रहेगा। दावे और आपत्तियों की सुनवाई जारी रहेगी ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके। आयोग ने स्पष्ट किया कि अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले सभी स्तरों पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह अभ्यास हर चुनाव से पहले लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अनिवार्य माना जाता है।


