आरा शहर के नागरी प्रचारणी सभागार में आज भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती समारोह का आयोजन जेडीयू की ओर से किया गया। आयोजन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट सकी और सभागार में लगी कुर्सियां तक पूरी तरह नहीं भर पाईं, जिससे कार्यक्रम की रौनक फीकी नजर आई। समारोह की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय, पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए किए गए संघर्ष को याद किया और उनके विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया। आदर्शों से सीख लेने की जरूरत मंत्री जमा खान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर का पूरा जीवन सामाजिक समरसता और समानता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति को भी उनके आदर्शों से सीख लेने की जरूरत है। जमा खान ने कहा कि भारत रत्न देश का सर्वोच्चय सम्मान होता है, जो कर्पूरी ठाकुर को मिला है। देश के नौजवानों को यही कहूंगा कि कर्पूरी के पथ चिन्हों पर चलना चाहिए,जिस तरीके से इन्होंने धैर्य दिखाया था। जिस तरह से इन्होंने देश को आजाद कराने में लड़ाइयां लड़ी थी। NDA सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं कि कर्पूरी को भारत रत्न दिया । मंत्री जमा खान ने हाल में सामने आए NEET छात्रा प्रकरण पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और सरकार इसकी निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराएगी, इस पर बात चल रहा है। UGC कानून पर जमा खान ने कहा कि हमारे शीर्ष के बीच बातचीत चल रही है। NDA सरकार वही बात करती है देश के हर समाज को फायदा पहुंच सके। विधायक श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने भी कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे गरीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आवाज थे। उन्होंने कहा कि जेडीयू कर्पूरी ठाकुर के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी कर्पूरी ठाकुर के संघर्ष और उनकी ओर से लागू की गई नीतियों को याद किया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, जगदीशपुर विधायक श्रीभगवान सिंह कुशवाहा सहित जेडीयू के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आरा शहर के नागरी प्रचारणी सभागार में आज भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती समारोह का आयोजन जेडीयू की ओर से किया गया। आयोजन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट सकी और सभागार में लगी कुर्सियां तक पूरी तरह नहीं भर पाईं, जिससे कार्यक्रम की रौनक फीकी नजर आई। समारोह की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय, पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए किए गए संघर्ष को याद किया और उनके विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया। आदर्शों से सीख लेने की जरूरत मंत्री जमा खान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर का पूरा जीवन सामाजिक समरसता और समानता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति को भी उनके आदर्शों से सीख लेने की जरूरत है। जमा खान ने कहा कि भारत रत्न देश का सर्वोच्चय सम्मान होता है, जो कर्पूरी ठाकुर को मिला है। देश के नौजवानों को यही कहूंगा कि कर्पूरी के पथ चिन्हों पर चलना चाहिए,जिस तरीके से इन्होंने धैर्य दिखाया था। जिस तरह से इन्होंने देश को आजाद कराने में लड़ाइयां लड़ी थी। NDA सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं कि कर्पूरी को भारत रत्न दिया । मंत्री जमा खान ने हाल में सामने आए NEET छात्रा प्रकरण पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और सरकार इसकी निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराएगी, इस पर बात चल रहा है। UGC कानून पर जमा खान ने कहा कि हमारे शीर्ष के बीच बातचीत चल रही है। NDA सरकार वही बात करती है देश के हर समाज को फायदा पहुंच सके। विधायक श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने भी कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे गरीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आवाज थे। उन्होंने कहा कि जेडीयू कर्पूरी ठाकुर के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी कर्पूरी ठाकुर के संघर्ष और उनकी ओर से लागू की गई नीतियों को याद किया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, जगदीशपुर विधायक श्रीभगवान सिंह कुशवाहा सहित जेडीयू के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


