अवशेषों का पोस्टमार्टम कराने के बाद भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं

अवशेषों का पोस्टमार्टम कराने के बाद भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं

रामदेवरा क्षेत्र के मावा गांव के पास स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में सात चिंकारा हिरण मृत पाए गए। घटनास्थल से मिले अवशेषों का पोस्टमार्टम कराने के बाद भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। अब वन विभाग ने नमूनों को फोरेंसिक विश्लेषण के लिए देहरादून स्थित प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। गौरतलब है कि सोमवार सुबह फील्ड फायरिंग रेंज क्षेत्र में छह से अधिक हिरणों के मृत अवशेष मिलने की सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वन्यजीव प्रेमी धर्मेंद्र पूनिया, पोकरण वन विभाग के सहायक वन संरक्षक चंद्रशेखर कौशिक, छायण रेंजर लक्ष्मण स्वामी तथा रामदेवरा थाने से सहायक उपनिरीक्षक दईदानसिंह सहित टीम ने अलग-अलग स्थानों और पेड़ों के पास पड़े अवशेषों को एकत्रित किया।

अवशेषों को पोकरण रेंज कार्यालय लाकर पशुपालन विभाग की तीन सदस्यीय मेडिकल टीम ने बुधवार को पोस्टमार्टम किया। टीम में डॉ. अशोक ढाका, डॉ. चंद्रप्रकाश सुथार और डॉ. सतवीर शामिल रहे। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वारंगटिवार के अनुसार मृत हिरणों के शव लगभग 15 से 20 दिन पुराने होने के कारण पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।

मेडिकल टीम ने आवश्यक नमूने लेकर वन विभाग को सौंप दिए। छायण रेंजर लक्ष्मण स्वामी के अनुसार नमूनों को विश्लेषण के लिए देहरादून स्थित वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चिंकारा हिरणों की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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