40 वर्षों से लंबित कैडर पुनर्गठन और भर्ती सुधार प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में

40 वर्षों से लंबित कैडर पुनर्गठन और भर्ती सुधार प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में

कर्नाटक Karnataka सरकार स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से चली आ रही संरचनात्मक समस्याओं को दूर करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है। पिछले चार दशकों से लंबित कैडर पुनर्गठन और भर्ती सुधार प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अगले दो महीनों में इसे पूरा कर लिया जाएगा।

प्रक्रिया जटिल रही

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने यह बात कही। वे सोमवार को विधान परिषद सदस्य एस.वी. संकनूर की ओर से स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की समस्याओं पर पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे। मंत्री ने बताया कि विभाग में करीब 200 कैडर होने के कारण यह प्रक्रिया जटिल रही है, लेकिन नई पदों की सृजन सहित विभिन्न चुनौतियों के बीच इसे व्यवस्थित रूप देने का काम तेजी से किया गया है। उन्होंने कहा कि बी, सी और डी वर्ग की वरिष्ठता सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है, जबकि ए वर्ग की सूची भी अब अंतिम रूप में है। यह पिछले 13 वर्षों से लंबित थी।

तबादलों में पारदर्शिता

उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण सेवा सहित कई जरूरी जानकारियों के अभाव को दूर कर सूची जारी की गई है और उसमें किसी भी त्रुटि के लिए आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। तबादलों में पारदर्शिता लाने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि काउंसलिंग के माध्यम से स्थानांतरण की व्यवस्था पहले से कानून में होने के बावजूद लागू नहीं थी। इसके बजाय सिफारिश और अन्य आधारों पर तबादले होते रहे। पिछले वर्ष 5,700 तबादले काउंसलिंग के जरिए किए गए और आगामी दौर भी इसी पारदर्शी प्रक्रिया से होगा।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियमों का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि डीएनबी कोर्स एमडी/एमएस के समान है और इसे सरकारी अस्पतालों में किया जा सकता है। हालांकि, विभाग को सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डीएनबी को बढ़ावा देने की कोशिश की गई थी, लेकिन चिकित्सकों की मांग पर सरकार ने एमडी/एमएस करने की अनुमति दी है।

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