गोरखपुर में गोड़धोइया नाले के निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को मैत्रीपुरम इलाके में नाला निर्माण की जद में आ रहे एक भवन को राजस्व विभाग और जल निगम की संयुक्त टीम ने गिरा दिया। कार्रवाई के बाद लंबे समय से रुका नाला निर्माण कार्य फिर से शुरू करा दिया गया। प्रशासन के मुताबिक संबंधित भवन स्वामिनी कीर्ति सिंह पत्नी राघवेंद्र सिंह को उनके मकान के प्रभावित हिस्से का मुआवजा पहले ही दिया जा चुका था। इसके बाद भी कई बार मौखिक और लिखित नोटिस जारी किए गए, लेकिन निर्माण क्षेत्र में आ रहा हिस्सा नहीं हटाया गया। इससे परियोजना की प्रगति लगातार प्रभावित हो रही थी।
कर्मचारियों से मारपीट के बाद कार्रवाई का निर्णय गुरुवार को स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब नाला निर्माण में लगे कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शुक्रवार को मौके पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई और बाधक भवन को गिरवाकर निर्माण मार्ग को साफ कराया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह, राजस्व निरीक्षक विनय श्रीवास्तव, लेखपाल विजय गुप्ता समेत राजस्व विभाग की पूरी टीम मौजूद रही। जल निगम (नगरीय) की ओर से अधिशासी अभियंता पंकज कुमार, सहायक अभियंता हरेंद्र सिंह सहित विभागीय कर्मचारी और पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। अन्य भवन स्वामियों को भी नोटिस जारी प्रशासन ने बताया कि मैत्रीपुरम और सरस्वतीपुरम इलाके में नाले के संरेखण में आ रहे 12 अन्य भवनों के स्वामियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। सभी को मुआवजा दिया जा चुका है और जल्द ही प्रभावित हिस्से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी तरह की अनावश्यक बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गोड़धोइया नाले का निर्माण अब तय समयसीमा के भीतर पूरा कराने की दिशा में काम किया जाएगा।


