‘मेरी बेटी के साथ दरिंदगी हुई थी, चार घंटे बाद होश में आई थी, आरोपी पक्ष ने धमकाया और बोला कि 2 लाख रुपए लेकर मामला रफा दफा कर लो,नहीं तो अंजाम बुरा होगा। हम नहीं डरे कानून का सहारा लिया और आज फैसला आया है। ऐसी हरकत समाज में नहीं हो इसलिए मौत की सजा मिले’ ये कहना है नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की मां का। आइए जानें क्या था पूरा मामला… वैशाली में चार साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सह एडीजे-6 की अदालत ने आरोपी अखिलेश कुमार को दोषी करार देते हुए जीवन के अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि पीड़िता और उसकी मां ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि बेटी के साथ हुई दरिंदगी को देखते हुए कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आइए,पहले PHOTOS देखिए… सिलसिलेवार पढ़ें, कब क्या हुआ… 2022 में घर से उठाकर नाबालिग के साथ हुआ रेप घटना करीब चार साल पहले बिदुपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोप है कि चकसिकंदर निवासी अखिलेश कुमार अपने साथी सकिंदर कुमार (हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के बागमली मोहल्ला निवासी) के साथ मिलकर 12 वर्षीय किशोरी को घर से उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में आरोपी उसे अचेत अवस्था में घर के दरवाजे पर छोड़कर फरार हो गया। घटना की रात एक पड़ोसी महिला ने दोनों आरोपियों को भागते देखा और तुरंत पीड़िता की मां को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी और थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। आरोपी ने 24 जून 2022 को न्यायालय में किया आत्मसमर्पण पुलिस दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी अखिलेश कुमार ने 24 जून 2022 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। 28 जुलाई 2022 को उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। 23 अगस्त 2022 को अदालत ने आरोप तय किए। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों और 28 प्रदर्शों का परीक्षण-प्रतिपरीक्षण कराया गया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। सह-आरोपी सकिंदर कुमार अब भी फरार है और उसके नेपाल में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। उसके खिलाफ मामला अलग से विचाराधीन है। पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज, सुनाई सजा अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(डीए) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत जीवनपर्यंत कारावास की सजा सुनाई। पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि यह सजा बिदुपुर थाना कांड संख्या 229/22 में सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर यह फैसला दिया है। पीड़िता की मां बोली- मैं नैहर में थी जब बेटी के साथ क्रूरता हुई नाबालिक रेप पीड़िता की मां ने बताया कि जब हम अपने नैहर चले आए थे तब अखिलेश कुमार और सिकंदर कुमार ने मेरी बेटी के साथ दुष्कर्म किया है। बेटी मेरी सांस के साथ सोई हुई थी। जब मेरे छोटे बेटे ने शौच जाने के लिए अपनी दादी को उठाया तो मेरी बेटी नहीं थी। इसी क्रम में दोनों घटना अंजाम देने के बाद भाग रहे थे तभी गांव के एक महिला ने बेहोशी हालत में बेटी को घर के बाहर रखकर भागते हुए देख लिया था और इसकी जानकारी मुझे दी। इसके बाद है मैं भागी भागी ससुराल आई। तो मेरी बेटी बेहोश थी हाथ पैर कड़े हो गए थे, गांवों वालों उसे होश लाने की कोशिश कर रहे थे। पीड़िता ने बताया-तुम चिल्लाई तो तुम्हारी हत्याकर फेंक देंगे करीब चार घंटे बाद बेटी को होश आया था तो उसने कहा कि सकिंदर कुमार ने अपने दोस्त अखिलेश के साथ झोपडी नुमा घर में मुंह दबाकर ले गया और सकिंदर हाथ पकड़े हुए था और अखिलेश कुमार ने दुष्कर्म किया है, घटना को अंजाम देने के दौरान अखिलेश ने कहा था कि यदि तुम चिल्लाएंगी तो तुम्हे हत्याकर फेंक देंगे। घटना की जानकारी बिदुपुर थाने की पुलिस अधिकारी को दी। इसके बाद पुलिस अधिकारी पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की और घटनास्थल से ब्लड के सैंपल लिए थे। गांव समाज वाली बात है केस को वापस ले लीजिए जब केस दर्ज कराई तो अखिलेश कुमार और सकिंदर कुमार के रिश्तेदार समझौता कर लेने को लेकर दबाव बना रहे थे। यह बोले रहे थे गांव समाज वाली बात है केस को वापस ले लीजिए और ढाई लाख रुपए दिलवा देते हैं। लेकिन हमने समझौता नहीं किया और न्यायपालिका पर भरोसा जताया, पीड़िता की मां ने कहा कि जब वह मेरा इज्जत को नहीं समझा तो मैं उसकी जिंदगी नहीं चाहती हूं उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए। विशेष लोक अभियोजक ने कहा-अंतिम सांस तक कारावास विशेष लोक अभियोजक पोक्सो कोर्ट वैशाली मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि बिदुपुर थाना कांड संख्या 229/22 का केस दर्ज हुआ था 13 मई 2022 को जिसमें एक 12 वर्षीय नाबालिक बच्ची के साथ दो अभियुक्त मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। उन्होंने बताया कि एक अभियुक्त है अखिलेश कुमार जिसकी चचेरी फुआ लगती है पीड़िता उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इसे मैं आज पोक्सो के स्पेशल जज के द्वारा अखिलेश कुमार पिता कमलेश्वर राम को सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए, जीवन के अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। ₹50000 का अर्थ दंड, प्राप्त राशि पीड़िता को देने का आदेश इसके अतिरिक्त ₹50000 की अर्थ दंड की सजा सुनाई गई है और इस राशि को पीड़िता को देना है यह ₹50000 की राशि नहीं देने के बाद 6 महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा हो सकती है। उन्होंने बताया कि एक आरोपी सिकंदर कुमार पुलिस गिरफ्त से फरार है उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है जो फिलहाल नेपाल भागा हुआ है वकील बोले- पीड़िता की मां डर्टी हुई थी,लोगों ने बनाया दबाव पीड़िता के पक्षकार वकील सन्नी सौरभ बताया कि इस केस को शुरू से अंत तक मैने देखा, पीड़िता के परिवार बिल्कुल गरीब थे, हमने फ्री ऑफ़ कॉस्ट इस केस को लड़ा हूं। यह मामला बिल्कुल क्रिटिकल था। समाज में लोगों द्वारा इस मामले को दबाने का प्रयास भी किया गया था। लेकिन पीड़िता की मां इस बात पर डर्टी हुई थी कि मेरी बच्ची के साथ थे गलत हुआ है उसे न्याय मिले। घर के बाहर कचड़े के ढेर पर बेहोश मिली थी पोती पीड़िता की दादी ने बताया कि खाट छोटा होने के कारण हम खाट पर सोए हुए थे। पोता-पोती जमीन पर बिस्तर डाल कर सोई थी। पोते को 9 बजे रात में शौच ले गए थे। तबतक वो सोई थी लेकिन 12:00 बजे रात को फिर उठे तो पोती नहीं थीं। जब अंधेरा रात में उसे खोजने लगे तो घर बाहर कचड़े के ढेर पर बेहोशी हालत में मिली थी जब उसे हिलाने की कोशिश की तो शरीर में कोई हलचल नहीं थी। दांत पर दांत बैठा हुआ था। जब छोटी बहु उठी और देखी तो बल्ड निकल रहे थे, पूरा कपड़ा खून से लथपथ था। मालिश करने के छः घंटे बाद होश आई थी। ‘मेरी बेटी के साथ दरिंदगी हुई थी, चार घंटे बाद होश में आई थी, आरोपी पक्ष ने धमकाया और बोला कि 2 लाख रुपए लेकर मामला रफा दफा कर लो,नहीं तो अंजाम बुरा होगा। हम नहीं डरे कानून का सहारा लिया और आज फैसला आया है। ऐसी हरकत समाज में नहीं हो इसलिए मौत की सजा मिले’ ये कहना है नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की मां का। आइए जानें क्या था पूरा मामला… वैशाली में चार साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सह एडीजे-6 की अदालत ने आरोपी अखिलेश कुमार को दोषी करार देते हुए जीवन के अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि पीड़िता और उसकी मां ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि बेटी के साथ हुई दरिंदगी को देखते हुए कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आइए,पहले PHOTOS देखिए… सिलसिलेवार पढ़ें, कब क्या हुआ… 2022 में घर से उठाकर नाबालिग के साथ हुआ रेप घटना करीब चार साल पहले बिदुपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोप है कि चकसिकंदर निवासी अखिलेश कुमार अपने साथी सकिंदर कुमार (हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के बागमली मोहल्ला निवासी) के साथ मिलकर 12 वर्षीय किशोरी को घर से उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में आरोपी उसे अचेत अवस्था में घर के दरवाजे पर छोड़कर फरार हो गया। घटना की रात एक पड़ोसी महिला ने दोनों आरोपियों को भागते देखा और तुरंत पीड़िता की मां को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी और थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। आरोपी ने 24 जून 2022 को न्यायालय में किया आत्मसमर्पण पुलिस दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी अखिलेश कुमार ने 24 जून 2022 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। 28 जुलाई 2022 को उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। 23 अगस्त 2022 को अदालत ने आरोप तय किए। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों और 28 प्रदर्शों का परीक्षण-प्रतिपरीक्षण कराया गया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। सह-आरोपी सकिंदर कुमार अब भी फरार है और उसके नेपाल में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। उसके खिलाफ मामला अलग से विचाराधीन है। पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज, सुनाई सजा अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(डीए) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत जीवनपर्यंत कारावास की सजा सुनाई। पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि यह सजा बिदुपुर थाना कांड संख्या 229/22 में सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर यह फैसला दिया है। पीड़िता की मां बोली- मैं नैहर में थी जब बेटी के साथ क्रूरता हुई नाबालिक रेप पीड़िता की मां ने बताया कि जब हम अपने नैहर चले आए थे तब अखिलेश कुमार और सिकंदर कुमार ने मेरी बेटी के साथ दुष्कर्म किया है। बेटी मेरी सांस के साथ सोई हुई थी। जब मेरे छोटे बेटे ने शौच जाने के लिए अपनी दादी को उठाया तो मेरी बेटी नहीं थी। इसी क्रम में दोनों घटना अंजाम देने के बाद भाग रहे थे तभी गांव के एक महिला ने बेहोशी हालत में बेटी को घर के बाहर रखकर भागते हुए देख लिया था और इसकी जानकारी मुझे दी। इसके बाद है मैं भागी भागी ससुराल आई। तो मेरी बेटी बेहोश थी हाथ पैर कड़े हो गए थे, गांवों वालों उसे होश लाने की कोशिश कर रहे थे। पीड़िता ने बताया-तुम चिल्लाई तो तुम्हारी हत्याकर फेंक देंगे करीब चार घंटे बाद बेटी को होश आया था तो उसने कहा कि सकिंदर कुमार ने अपने दोस्त अखिलेश के साथ झोपडी नुमा घर में मुंह दबाकर ले गया और सकिंदर हाथ पकड़े हुए था और अखिलेश कुमार ने दुष्कर्म किया है, घटना को अंजाम देने के दौरान अखिलेश ने कहा था कि यदि तुम चिल्लाएंगी तो तुम्हे हत्याकर फेंक देंगे। घटना की जानकारी बिदुपुर थाने की पुलिस अधिकारी को दी। इसके बाद पुलिस अधिकारी पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की और घटनास्थल से ब्लड के सैंपल लिए थे। गांव समाज वाली बात है केस को वापस ले लीजिए जब केस दर्ज कराई तो अखिलेश कुमार और सकिंदर कुमार के रिश्तेदार समझौता कर लेने को लेकर दबाव बना रहे थे। यह बोले रहे थे गांव समाज वाली बात है केस को वापस ले लीजिए और ढाई लाख रुपए दिलवा देते हैं। लेकिन हमने समझौता नहीं किया और न्यायपालिका पर भरोसा जताया, पीड़िता की मां ने कहा कि जब वह मेरा इज्जत को नहीं समझा तो मैं उसकी जिंदगी नहीं चाहती हूं उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए। विशेष लोक अभियोजक ने कहा-अंतिम सांस तक कारावास विशेष लोक अभियोजक पोक्सो कोर्ट वैशाली मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि बिदुपुर थाना कांड संख्या 229/22 का केस दर्ज हुआ था 13 मई 2022 को जिसमें एक 12 वर्षीय नाबालिक बच्ची के साथ दो अभियुक्त मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। उन्होंने बताया कि एक अभियुक्त है अखिलेश कुमार जिसकी चचेरी फुआ लगती है पीड़िता उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इसे मैं आज पोक्सो के स्पेशल जज के द्वारा अखिलेश कुमार पिता कमलेश्वर राम को सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए, जीवन के अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। ₹50000 का अर्थ दंड, प्राप्त राशि पीड़िता को देने का आदेश इसके अतिरिक्त ₹50000 की अर्थ दंड की सजा सुनाई गई है और इस राशि को पीड़िता को देना है यह ₹50000 की राशि नहीं देने के बाद 6 महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा हो सकती है। उन्होंने बताया कि एक आरोपी सिकंदर कुमार पुलिस गिरफ्त से फरार है उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है जो फिलहाल नेपाल भागा हुआ है वकील बोले- पीड़िता की मां डर्टी हुई थी,लोगों ने बनाया दबाव पीड़िता के पक्षकार वकील सन्नी सौरभ बताया कि इस केस को शुरू से अंत तक मैने देखा, पीड़िता के परिवार बिल्कुल गरीब थे, हमने फ्री ऑफ़ कॉस्ट इस केस को लड़ा हूं। यह मामला बिल्कुल क्रिटिकल था। समाज में लोगों द्वारा इस मामले को दबाने का प्रयास भी किया गया था। लेकिन पीड़िता की मां इस बात पर डर्टी हुई थी कि मेरी बच्ची के साथ थे गलत हुआ है उसे न्याय मिले। घर के बाहर कचड़े के ढेर पर बेहोश मिली थी पोती पीड़िता की दादी ने बताया कि खाट छोटा होने के कारण हम खाट पर सोए हुए थे। पोता-पोती जमीन पर बिस्तर डाल कर सोई थी। पोते को 9 बजे रात में शौच ले गए थे। तबतक वो सोई थी लेकिन 12:00 बजे रात को फिर उठे तो पोती नहीं थीं। जब अंधेरा रात में उसे खोजने लगे तो घर बाहर कचड़े के ढेर पर बेहोशी हालत में मिली थी जब उसे हिलाने की कोशिश की तो शरीर में कोई हलचल नहीं थी। दांत पर दांत बैठा हुआ था। जब छोटी बहु उठी और देखी तो बल्ड निकल रहे थे, पूरा कपड़ा खून से लथपथ था। मालिश करने के छः घंटे बाद होश आई थी।


