जयमाल से पहले बेहोश हुई दुल्हन, बारात संग लौटा दूल्हा:लड़की ने कहा- मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई, अब कौन मुझसे शादी करेगा; लड़का बोला- मैं नहीं जानता

जयमाल से पहले बेहोश हुई दुल्हन, बारात संग लौटा दूल्हा:लड़की ने कहा- मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई, अब कौन मुझसे शादी करेगा; लड़का बोला- मैं नहीं जानता

आरा सदर अस्पताल में हाथों में मेहंदी लगाकर इलाज करा रही रानी कुमारी लगातार रो रही है। उसके हाथों में ड्रिप लगा हुआ है, मां मायूस होकर बेटी को दिलासा दे रही है। रानी लगातार कह रही है कि मेरी जिदंगी खराब हो गई, अब मुझसे शादी कौन करेगा। मेरे पिता ने कर्ज लेकर शादी की तैयारी की थी। उसकी भरपाई कैसे होगी, मुझे मेरा भविष्य धुंधला दिख रहा है, पता नहीं भगवान ने किस पाप की सजा दी है। दरअसल, भोजपुर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के छोटकी सनदिया गांव की रहने वाली 20 साल की रानी कुमारी की 20 फरवरी को उदवंतनगर प्रखंड के छोटा सासाराम के रहने वाले जयप्रकाश शर्मा से होनी थी। जयमाला के ठीक पहले जयप्रकाश ने दुल्हन बनी रानी की ओर हाथ बढ़ाया, रानी थकी होने की वजह से बेहोश होकर गिर गई। रानी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इलाज में करीब 3 घंटे लग गए। उधर, दुल्हन का इंतजार करने के बजाए जयप्रकाश ने शादी से इनकार कर दिया और दुल्हन के पिता को बिना बताए बारात के साथ लौट गया। अस्पताल में एडमिट दुल्हन की 3 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी रानी कुमारी छोटकी सनदिया गांव के रहने वाले सुरेंद्र शर्मा की छोटी बेटी है। रानी की शादी जयप्रकाश से तय हुई थी, वो बंगलुरु में प्राइवेट जॉब करता है। दोनों के परिजन ने करीब छह महीने पहले एक दूसरे से मुलाकात की थी। सब कुछ देखने-सुनने के बाद पहले छेका की तारीख तय हुई। लड़की के पिता सुरेंद्र शर्मा के मुताबिक, शादी के छह महीने पहले से लड़का और लड़की एक दूसरे से बातचीत करते थे। शादी से कुछ घंटे पहले तक दोनों की बातचीत हुई थी। मेरी बेटी काफी खुश थी। उसका मन लग गया था, शायद इस वजह से उसे ज्यादा तकलीफ हो रही है। 14 फरवरी को तिलक, 19 को हल्दी, 20 को शादी थी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मेरी बेटी रानी की तिलक 14 फरवरी, हल्दी 19 फरवरी और शादी 20 फरवरी को होनी थी। सभी वैवाहिक कार्यक्रम मेरे घर छोटकी सनदिया से हुआ, जबकि शादी लड़के के परिवार के रजामंदी से छोटा सासाराम गांव के ही एक निजी रिसॉर्ट से होनी थी। पेशे से हार्डवेयर कारोबारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मेरे दो बेटे सिंटू शर्मा, रितेश शर्मा, जबकि रानी इकलौती बेटी है। मैंने छोटे से कारोबार से इकलौती बेटी की शादी के लिए सारे सामान खरीदे। लड़के वालों की ओर से जो डिमांड किया गया था, उससे ज्यादा मैं अपनी बेटी को दे रहा था। लड़के वालों की ओर से शादी से इनकार करने पर मेरे और मेरी बेटी के सारे सपने टूट गए हैं। जयमाल से पहले बेटी भावुक होकर बेहोश हो गई दुल्हन के पिता सुरेंद्र ने बताया कि मेरी बेटी को किसी तरह की कोई बीमारी नहीं है। वो लगातार होने वाले अपने पति से बात भी करती थी। कुछ ऐसा होता तो जरूर बताया होता, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। शादी से ठीक पहले जयमाल के लिए स्टेज पर जाने से ठीक पहले रानी भावुक हो गई और अचानक रोने। ये देख हम लोगों ने रानी को संभाला। वो स्टेज पर चढ़ नहीं पा रही थी, तभी दुल्हा जयप्रकाश ने हाथ बढ़ाया और स्टेज की ओर ले जाने लगा, तभी रानी बेहोश होकर गिर गई। रानी के बहोश होने के बाद हमलोग उसे होटल के दूसरे कमरे में लेकर चले गए। शादी की रस्मों की तैयारी भी हो रही थी। उधर, जब रानी को होश नहीं आया तो हम लोग उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज किया, करीब 3 घंटे बाद हम लोग रिसॉर्ट पहुंचे और रानी को उसके कमरे में दोबारा तैयार होने के लिए भेज दिया। पड़ोसियों ने बताया- दुल्हा बारात लेकर वापस चला गया है सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि बेटी को कमरे में तैयार होने के लिए भेजने के बाद मैं जयमाला के लिए बने स्टेज के पास पहुंचा, वहां मौजूद पड़ोसी ने बताया कि दुल्हा बारात लेकर वापस चला गया है। मैं हैरान रह गया, मैं लगातार कॉल करता रहा, लेकिन न तो दूल्हे ने और न ही उसके पिता ने फोन उठाया। दुल्हन के पिता ने बताया कि आज यानी शनिवार सुबह लड़के वालों ने दहेज में दी गई बाइक भी भिजवा दी और कहा कि बेटी का इलाज कराइए। शादी के बारे में हम लोग बाद में सोचेंगे। फिलहाल, शादी नहीं हो सकती है। दुल्हन के पिता ने कहा कि शादी में लाखों रुपए खर्च हुए, घर में रिश्तेदार आए हुए हैं। बारात के दिन बाराती और लड़की पक्ष के दर्जनों लोग रिसॉर्ट में आए। खाने-पीने का सारा प्रबंध अच्छे से किया गया था। सब बर्बाद हो गया, घर से लेकर होटल तक सारा सामान बिखरा पड़ा है। खुशी का माहौल गम में बदल गया है। ‘बेटी को पता चला कि दूल्हा लौट गया है, फिर बेहोश हो गई’ दुल्हन की मां बसंती देवी ने बताया कि बेटी बाजार से लेकर घर का सारा काम करती थी। भागदौड़ में अच्छे से खाना तक नहीं खाती थी। कभी इस तरह से रानी बेहोश नहीं हुई थी। शादी के भागदौड़ में थकावट के कारण स्टेज पर जाने से पहले बेहोश हो गई। हमलोगों ने वक्त तक मांगा था कि अस्पताल से दिखवाकर लाते हैं, लेकिन दूल्हा और उसके परिवार वाले नहीं माने और वो शादी किए बिना चले गए। जब हमलोग बेटी को अस्पताल से ठीक होने के बाद वापस लेकर पहुंचे तो देखा कि सभी बाराती लोग चले गए हैं। जब बेटी को इस बारे में पता चला तो वो दोबारा बेहोश हो गई। ‘दुल्हन को कमजोरी की वजह से चक्कर आ रहा था’ सदर अस्पताल में दुल्हन रानी का इलाज करने वाले डॉक्टर आरएन यादव ने बताया कि शुक्रवार की देर रात लड़की को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया था। परिवार वालों की ओर से बताया गया कि बार-बार बेहोश हो रही है। हमने पहले बल्ड प्रेशर और ऑक्सीजन जांच कराई, सब कुछ नॉर्मल था। कमजोरी के कारण लड़की को चक्कर आ रहा था। लड़की का इमरजेंसी वार्ड में प्राथमिक उपचार किया और उसे वार्ड में भर्ती कर ऑब्जर्वेशन में रखा है। आरा सदर अस्पताल में हाथों में मेहंदी लगाकर इलाज करा रही रानी कुमारी लगातार रो रही है। उसके हाथों में ड्रिप लगा हुआ है, मां मायूस होकर बेटी को दिलासा दे रही है। रानी लगातार कह रही है कि मेरी जिदंगी खराब हो गई, अब मुझसे शादी कौन करेगा। मेरे पिता ने कर्ज लेकर शादी की तैयारी की थी। उसकी भरपाई कैसे होगी, मुझे मेरा भविष्य धुंधला दिख रहा है, पता नहीं भगवान ने किस पाप की सजा दी है। दरअसल, भोजपुर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के छोटकी सनदिया गांव की रहने वाली 20 साल की रानी कुमारी की 20 फरवरी को उदवंतनगर प्रखंड के छोटा सासाराम के रहने वाले जयप्रकाश शर्मा से होनी थी। जयमाला के ठीक पहले जयप्रकाश ने दुल्हन बनी रानी की ओर हाथ बढ़ाया, रानी थकी होने की वजह से बेहोश होकर गिर गई। रानी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इलाज में करीब 3 घंटे लग गए। उधर, दुल्हन का इंतजार करने के बजाए जयप्रकाश ने शादी से इनकार कर दिया और दुल्हन के पिता को बिना बताए बारात के साथ लौट गया। अस्पताल में एडमिट दुल्हन की 3 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी रानी कुमारी छोटकी सनदिया गांव के रहने वाले सुरेंद्र शर्मा की छोटी बेटी है। रानी की शादी जयप्रकाश से तय हुई थी, वो बंगलुरु में प्राइवेट जॉब करता है। दोनों के परिजन ने करीब छह महीने पहले एक दूसरे से मुलाकात की थी। सब कुछ देखने-सुनने के बाद पहले छेका की तारीख तय हुई। लड़की के पिता सुरेंद्र शर्मा के मुताबिक, शादी के छह महीने पहले से लड़का और लड़की एक दूसरे से बातचीत करते थे। शादी से कुछ घंटे पहले तक दोनों की बातचीत हुई थी। मेरी बेटी काफी खुश थी। उसका मन लग गया था, शायद इस वजह से उसे ज्यादा तकलीफ हो रही है। 14 फरवरी को तिलक, 19 को हल्दी, 20 को शादी थी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मेरी बेटी रानी की तिलक 14 फरवरी, हल्दी 19 फरवरी और शादी 20 फरवरी को होनी थी। सभी वैवाहिक कार्यक्रम मेरे घर छोटकी सनदिया से हुआ, जबकि शादी लड़के के परिवार के रजामंदी से छोटा सासाराम गांव के ही एक निजी रिसॉर्ट से होनी थी। पेशे से हार्डवेयर कारोबारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मेरे दो बेटे सिंटू शर्मा, रितेश शर्मा, जबकि रानी इकलौती बेटी है। मैंने छोटे से कारोबार से इकलौती बेटी की शादी के लिए सारे सामान खरीदे। लड़के वालों की ओर से जो डिमांड किया गया था, उससे ज्यादा मैं अपनी बेटी को दे रहा था। लड़के वालों की ओर से शादी से इनकार करने पर मेरे और मेरी बेटी के सारे सपने टूट गए हैं। जयमाल से पहले बेटी भावुक होकर बेहोश हो गई दुल्हन के पिता सुरेंद्र ने बताया कि मेरी बेटी को किसी तरह की कोई बीमारी नहीं है। वो लगातार होने वाले अपने पति से बात भी करती थी। कुछ ऐसा होता तो जरूर बताया होता, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। शादी से ठीक पहले जयमाल के लिए स्टेज पर जाने से ठीक पहले रानी भावुक हो गई और अचानक रोने। ये देख हम लोगों ने रानी को संभाला। वो स्टेज पर चढ़ नहीं पा रही थी, तभी दुल्हा जयप्रकाश ने हाथ बढ़ाया और स्टेज की ओर ले जाने लगा, तभी रानी बेहोश होकर गिर गई। रानी के बहोश होने के बाद हमलोग उसे होटल के दूसरे कमरे में लेकर चले गए। शादी की रस्मों की तैयारी भी हो रही थी। उधर, जब रानी को होश नहीं आया तो हम लोग उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज किया, करीब 3 घंटे बाद हम लोग रिसॉर्ट पहुंचे और रानी को उसके कमरे में दोबारा तैयार होने के लिए भेज दिया। पड़ोसियों ने बताया- दुल्हा बारात लेकर वापस चला गया है सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि बेटी को कमरे में तैयार होने के लिए भेजने के बाद मैं जयमाला के लिए बने स्टेज के पास पहुंचा, वहां मौजूद पड़ोसी ने बताया कि दुल्हा बारात लेकर वापस चला गया है। मैं हैरान रह गया, मैं लगातार कॉल करता रहा, लेकिन न तो दूल्हे ने और न ही उसके पिता ने फोन उठाया। दुल्हन के पिता ने बताया कि आज यानी शनिवार सुबह लड़के वालों ने दहेज में दी गई बाइक भी भिजवा दी और कहा कि बेटी का इलाज कराइए। शादी के बारे में हम लोग बाद में सोचेंगे। फिलहाल, शादी नहीं हो सकती है। दुल्हन के पिता ने कहा कि शादी में लाखों रुपए खर्च हुए, घर में रिश्तेदार आए हुए हैं। बारात के दिन बाराती और लड़की पक्ष के दर्जनों लोग रिसॉर्ट में आए। खाने-पीने का सारा प्रबंध अच्छे से किया गया था। सब बर्बाद हो गया, घर से लेकर होटल तक सारा सामान बिखरा पड़ा है। खुशी का माहौल गम में बदल गया है। ‘बेटी को पता चला कि दूल्हा लौट गया है, फिर बेहोश हो गई’ दुल्हन की मां बसंती देवी ने बताया कि बेटी बाजार से लेकर घर का सारा काम करती थी। भागदौड़ में अच्छे से खाना तक नहीं खाती थी। कभी इस तरह से रानी बेहोश नहीं हुई थी। शादी के भागदौड़ में थकावट के कारण स्टेज पर जाने से पहले बेहोश हो गई। हमलोगों ने वक्त तक मांगा था कि अस्पताल से दिखवाकर लाते हैं, लेकिन दूल्हा और उसके परिवार वाले नहीं माने और वो शादी किए बिना चले गए। जब हमलोग बेटी को अस्पताल से ठीक होने के बाद वापस लेकर पहुंचे तो देखा कि सभी बाराती लोग चले गए हैं। जब बेटी को इस बारे में पता चला तो वो दोबारा बेहोश हो गई। ‘दुल्हन को कमजोरी की वजह से चक्कर आ रहा था’ सदर अस्पताल में दुल्हन रानी का इलाज करने वाले डॉक्टर आरएन यादव ने बताया कि शुक्रवार की देर रात लड़की को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया था। परिवार वालों की ओर से बताया गया कि बार-बार बेहोश हो रही है। हमने पहले बल्ड प्रेशर और ऑक्सीजन जांच कराई, सब कुछ नॉर्मल था। कमजोरी के कारण लड़की को चक्कर आ रहा था। लड़की का इमरजेंसी वार्ड में प्राथमिक उपचार किया और उसे वार्ड में भर्ती कर ऑब्जर्वेशन में रखा है।  

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