खेत में भाला फेंक रहा लड़का बिहार नहीं जालोर से:कोच बोले- बिना संसाधन प्रैक्टिस कर रहे, सरकार से मदद मिले तो मेडल ला सकते हैं

खेत में भाला फेंक रहा लड़का बिहार नहीं जालोर से:कोच बोले- बिना संसाधन प्रैक्टिस कर रहे, सरकार से मदद मिले तो मेडल ला सकते हैं

सोशल मीडिया पर 15 साल के लड़के का एक वीडियो जमकर शेयर किया जा रहा है। इसे बिहार का बताया गया है। ये वीडियो एक खेत का है जिसमें लड़का दौड़ कर आता है और भाला फेंकता है। भाला दूर तक जाते हुए नजर आ रहा है। भास्कर ने इस वीडियो की पड़ताल की तो पता चला कि लड़का बिहार का नहीं बल्कि राजस्थान के जालोर जिले के भवराणी गांव का है। पढ़िए 15 साल के हरीश के वीडियो की पूरी कहानी… पहले देखिए हरीश की ये 2 तस्वीरें… नीरज की तरह देश के लिए खेलना चाहता है हरीश ने बताया- मेरे पिता गणेशाराम घरों में कलर करने और मजदूरी का काम करते हैं। मां इन्द्रादेवी गृहिणी हैं और बड़ा भाई भी मजदूरी करता है। उससे छोटा भाई कॉलेज में पढ़ रहा है। मैं पढ़ाई कर रहा हूं। एक बार जिला स्तर पर भीनमाल में तीसरा स्थान मिला, इसके बाद जालोर के सामोता में हुई प्रतियोगिता में सेकेंड रैंक लगी। स्टेट में मेडल नहीं ले पाया। मैं नीरज चोपड़ा की तरह देश के लिए खेलना चाहता हूं। 3 साल से कर रहा तैयारी हरीश 9वीं क्लास से मेरे पास भाला फेंक की तैयारी कर रहा है। ग्रामीण इलाके का होने के कारण हरीश को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। लेकिन वीडियो के जरिए हम बताना चाहते थे कि गांवों में भी प्रतिभाएं छिपी हैं। अगर इन्हें अच्छा प्लेटफॉर्म और संसाधन मिले तो ये खिलाड़ी भी आगे आ सकते हैं। बिहार का नहीं जालोर का हरीश पीएम श्री सरकारी स्कूल भवराणी के पीटीआई दिनेश कुमार राव बताते हैं- ये वीडियो हरीश सरगरा के हैं। उसके पिता गणेशाराम घरों में रंग करने का काम करते हैं। हरीश के वीडियो को सोशल मीडिया पर बिहार का बताया गया है। हमने ये वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाले थे। खेल के लिए मैदान तक नहीं राव ने बताया- हमारे पास भाला फेंक के लिए मैदान तक नहीं है। फिर भी हम अपने स्तर पर खेतों में अभ्यास कर खिलाड़ियों को तैयार कर रहे हैं। सरकार इसके लिए सहायता करे तो कई खिलाड़ी निकलकर सामने आ सकते हैं। शतरंज भी खेलता है हरीश पीटीआई राव ने बताया- हरीश 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 तक चूरू जिले में हुई राज्य स्तर भाला फेंक प्रतियोगिता में भाग ले चुका है। इसमें हरीश ने 45 मीटर तक भाला फेंका था। हालांकि कोई पदक तो नहीं मिल पाया। लेकिन, उसका उत्साह ऐसा है कि वह आगे बढ़ना चाहता है। हालांकि उसमें उसका नंबर नहीं लगा। जिससे अब वह आगे की तैयारी कर रहा हैं। वह शतरंज में भी जिला चैंपियन टीम का हिस्सा रह चुका है। बता दें कि पीटीआई दिनेश, सीनियर राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं। वे वर्ल्ड एथलेटिक्स लेवल-3 थ्रो कोच भी रह चुके हैं।

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