अलवर शहर के विवेकानंद नगर इलाके में खिलौने नुमा बम मिलने के बाद भले ही वह नकली निकला हो, लेकिन इलाके और पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल अब भी बना हुआ है। जिस घर में लूट की नीयत से बदमाश घुसा था, उस परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।मकान मालिक बाबू सिंह एलआईसी कंपनी में एडवाइजर हैं। वे अपनी पत्नी के साथ घर में रहते हैं। उनका बेटा भरतपुर से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी की शादी करीब एक माह पहले ही हुई है। बाबू सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 7 बजे वे बाथरूम गए थे। उसी दौरान पास के दूसरे बाथरूम से आवाज आई, लेकिन उन्होंने सामान्य समझकर ध्यान नहीं दिया। जैसे ही वे बाहर निकले, एक बदमाश मुख्य गेट के पास बने कमरे में जाकर छिप गया। शक होने पर जब बाबू सिंह कमरे में पहुंचे तो बदमाश ने पिस्टल निकालकर उनके सीने पर लगा दी। बाबू सिंह ने साहस दिखाते हुए बदमाश के हथियार वाले हाथ को ऊपर कर दिया और दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक हाथापाई हुई। शोर सुनकर पड़ोसी बाहर आ गए, जिसके बाद बदमाश दीवार कूदकर फरार हो गया। हाथापाई के दौरान बाबू सिंह ने बदमाश के चेहरे से दो स्कार्फ हटा दिए, जबकि एक स्कार्फ उसके चेहरे पर लगा रहा। जब बदमाश गली से भाग रहा था, तब उसके कपड़ों से एक वस्तु गिर गई। पास जाकर देखने पर उसमें टाइमर चलता दिखाई दिया। लोगों को आशंका हुई कि यह बम है, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और उस वस्तु को कब्जे में लेकर जयसमंद बांध क्षेत्र में सुरक्षित स्थान पर ले गई। घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित परिवार के अन्य सदस्य और गांव से रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए। परिवार में डर का माहौल होने के कारण उसी रात सभी लोग घर पर रुके। सोमवार को पुलिस ने दो पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए हैं। परिवार ने पुलिस से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है।पड़ोसी सुभे सिंह ने बताया कि बम जैसी वस्तु मिलने की खबर से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। लोग अपने घरों में बंद हो गए और आसपास का इलाका खाली हो गया। बाद में जयपुर से आई बम स्क्वॉड ने जांच के बाद उसे खिलौने नुमा बम बताया, हालांकि उसमें टाइमर लगा हुआ था, जिसे डिफ्यूज किया गया।फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।


