अमृतसर के जंडियाला गुरु के नजदीक गांव देवीदासपुरा के रहने वाले एक नौजवान की कनाडा में गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी। जिस के बाद पूरे एक महीने बाद उसका पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव देवीदासपुरा पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही एंबुलेंस गांव में पहुंची, माहौल मातम में बदल गया। सैकड़ों नम आंखों ने बेटे को अंतिम विदाई दी। मृतक की पहचान सिमरनजीत सिंह संधू के रूप में हुई है। परिवार ने बताया कि सिमरनजीत सिंह साल 2023 में स्टडी वीजा पर कनाडा गया था, ताकि वहां पढ़ाई कर अपने भविष्य को संवार सके और परिवार का नाम रोशन कर सके। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कुछ दिन पहले परिवार को कनाडा से फोन के जरिए यह दर्दनाक सूचना मिली कि अज्ञात हमलावरों ने सिमरनजीत सिंह को गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। गांव में मातम, नम आंखों से अंतिम विदाई जब बेटे की पार्थिव देह गांव पहुंची तो माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक के पिता ने नम आंखों से बताया कि उन्होंने अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी सारी जमीन तक बेच दी थी और उसे विदेश भेजा था। उन्हें उम्मीद थी कि बेटा पढ़-लिखकर परिवार का सहारा बनेगा, लेकिन विदेश से वापस लौटी तो सिर्फ उसके शव की खबर। पिता की इंसाफ की गुहार मृतक के पिता ने कनाडा सरकार और भारत सरकार से इंसाफ की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि उनके बेटे के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही उन्होंने यह भी अपील की कि उनके बेटे के बनते पैसे और उसका जरूरी सामान मोबाइल और लैपटॉप परिवार को सौंपा जाए।


