लखीमपुर खीरी में तीन दिन से लापता एक दस वर्षीय बालक का शव रविवार को गांव के पास केले के खेत में मिला था। प्रारंभिक तौर पर ग्रामीणों ने जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। बालक के गले में मिली पतली रस्सी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या की ओर इशारा कर रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। यह घटना निघासन कोतवाली क्षेत्र के पचपेड़ी गांव की है। गांव निवासी मदारु का बेटा गुलाम हसन शुक्रवार दोपहर से लापता था। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि किसी ने उनके बेटे को बीड़ी पीते देखा था और घर पर शिकायत करने की बात कही थी, जिससे डरकर वह कहीं चला गया था। रविवार को ग्रामीणों ने बालक का अधखाया हुआ शव घर से लगभग 300 मीटर दूर गांव के दक्षिण में स्थित एक केले के खेत में देखा। शव का निचला हिस्सा गायब था और गर्दन का धड़ अलग था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की मौत का कारण दम घुटना बताया गया। शुरुआत में गांव में दबी जुबान से यह चर्चा थी कि किसी ने हत्या कर शव को खेत में फेंका होगा और जंगली जानवरों ने उसे खा लिया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि होने के बाद गांव में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बालक की हत्या किसने और क्यों की होगी। मृतक के पिता मदारु ने बताया कि गांव में उनकी किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं है। निघासन के सीओ शिवम कुमार ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना बताई गई है। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना चल रही है और जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा।


