Chhattigarh News: पीलूराम साहू. दुनिया में एक्स लिंक्ड इचथियोसिस का पहला मरीज छत्तीसगढ़ में मिला है। 19 वर्षीय बालक की दोनों किडनी पूरी तरह खराब हो गई है। इसलिए उन्हें डायलिसिस के भरोसे रखा गया है। उसके शरीर का कलर सांप की तरह है। हार्ट का चैंबर बढ़ गया है। हार्ट की दीवार भी खराब है। बालक का इलाज राजधानी स्थित आंबेडकर अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार यह अति दुर्लभ बीमारी है। दुनिया के मेडिकल जर्नल में वर्तमान में एक भी केस की रिपोर्टिंग नहीं हुई है।
Chhattisgarh News: जन्म से स्किन का कलर मछली जैसे
मरीज के पैरेंट्स के अनुसार जब से बालक का जन्म हुआ, उसकी स्किन का कलर मछली जैसे है। हाथ-पैर में सूजन आने पर सोनोग्राफी कराई गई तो किडनी खराब होने की जानकारी मिली। अंबिकापुर के रहने वाले पैरेंट्स के अनुसार वे एक माह पहले इलाज के लिए आंबेडकर अस्पताल के किडनी रोग विभाग आए। वहां जांच में पता चला कि दोनों किडनी खराब है। बालक की सांस चल सके इसलिए डायलिसिस किया जा रहा है। डॉक्टरों ने पैरेंट्स को किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी है। ताकि बालक सामान्य जीवन जी सके। हालांकि उसके हार्ट में भी समस्या है, जिसका इलाज किया जा रहा है।

पैर की तुलना में हाथ भी लंबे, ये मार्फनाइट फीचर
बालक के हाथ पैरों की तुलना में ज्यादा लंबे है। डॉक्टर इसे मार्फनाइट फीचर कहते हैं। डॉक्टरों के अनुसार एक्स लिंक्ड इचथियोसिस एक दुर्लभ आनुवंशिक त्वचा विकार संबंधी बीमारी है। यह मुख्य रूप से पुरुषों को प्रभावित करता है। इसमें स्किन अत्यधिक सूखी, पपड़ीदार व मछली के तराजू (स्केल) जैसी हो जाती है। यह बीमारी शरीर में स्टेरॉयड सल्फेटेज नामक एंजाइम की कमी के कारण होती है।
बीमारी की खास बातें
- बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है। लक्षणों के अनुसार इलाज किया जाता है।
- स्किन का को नम रखने के लिए नियमित रूप से गाढ़े लोशन व क्रीम का उपयोग।
- केराटोलिटिक एजेंट यानी ऐसी क्रीम जिनमें यूरिया, लैक्टिक एसिड या सैलिसिलिक एसिड का उपयोग। यह पपड़ी को हटाने में मदद करती हैं।
- गंभीर मामलों में मौखिक रेटीनॉइड्स का उपयोग किया जा सकता है।
(जैसा कि किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा खांडे ने बताया।)
आंबेडकर अस्पताल, नेफ्रोलॉजी, एचओडी डॉ. पुनीत गुप्ता ने बताया कि एक्स लिंक्ड इचथियोसिस एक अति दुर्लभ बीमारी है। दुनिया में इस बीमारी की रिपोर्टिंग नहीं हुई है। इसका मतलब ये है कि ये दुनिया का पहला केस है। बालक की दोनों किडनी खराब है इसलिए डायलिसिस किया जा रहा है। किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह भी दी गई है। ताकि बालक सामान्य जीवन जी सके। हालांकि हार्ट में भी समस्या है। इसका इलाज भी कराया जा रहा है।


